{"_id":"6609d91cd2c757b4a70fc374","slug":"now-there-will-be-no-reduction-in-ration-distribution-maharajganj-news-c-206-1-sgkp1021-119001-2024-04-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: अब राशन वितरण में नहीं हो पाएगी घटतौली, वेइंग मशीन से होगी तौल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: अब राशन वितरण में नहीं हो पाएगी घटतौली, वेइंग मशीन से होगी तौल
Mon, 01 Apr 2024 03:14 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Mon, 01 Apr 2024 03:14 AM IST
विज्ञापन
महराजगंज। अब राशन वितरण में घटतौली नहीं हो पाएगी। इलेक्ट्रॉनिक वेइंग मशीन से वजन करके कोटेदार कार्डधारकों को राशन देंगे। सदर तहसील के पांच ब्लाॅक के लिए 430 इलेक्ट्रिक वेइंग मशीन आ गई है। यह ब्लूटूथ और वायर के माध्यम से संचालित होगी। इसे कोटेदारों को दी जाएगी। साथ में ई-पास मशीन भी मिलेगी। सोमवार से 1035 कोटेदारों को सदर, फरेंदा, नौतनवा, निचलौल ब्लॉक में प्रशिक्षण दिया जाएगा। कलक्ट्रेट परिसर में मशीन रखी गई है।
जिले में 1035 सरकारी राशन की दुकाने हैं। सभी दुकानों पर ई-पॉस मशीनों से राशन का वितरण किया जाता था, लेकिन इसके बाद भी कार्डधारकों की शिकायत रहती थी कि दुकानदार राशन कम देते हैं। वितरण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए ई-पॉस को इलेक्ट्रॉनिक वेइंग मशीन से लिंक कराने का निर्णय लिया। इसमें राशन की तौल के साथ ही अंगूठा लगेगा और पूरा राशन होने पर ही प्रोसेस पूरा होगा।
जिले को ई-पॉश मशीन के बाद 430 इलेक्ट्रॉनिक वेइंग मशीन मिल गई हैं। मशीनों को लिंक कराने के साथ ही मुद्रांकन कराने का कार्य शुरू हो गया है। इसके बाद राशन दुकानदारों को मशीनें उपलब्ध करा दी जाएंगी, जिसके बाद अप्रैल में इन्हीं मशीनों से राशन वितरण किया जाएगा। इससे कांटे से जितनी तौल होगी, उतने वजन की पर्ची कार्डधारक को मिल सकेगी। साथ ही वितरित हुए अनाज के तौल का मैसेज भी उपभोक्ता के लिंक मोबाइल नंबर पर पहुंचेगा। जिले को ई-पॉस के बाद इलेक्ट्रॉनिक वेइंग मशीन भी उपलब्ध हो गई हैं। कलक्ट्रेट परिसर में रखी मशीनों को लिंक करने के साथ ही मुद्रांकन कार्य शुरू कर दिया गया।
विज्ञापन
ई-पास मशीन अभियंता विनय पांडेय ने बताया कि जिले में 1035 कोटेदारों को यह मशीन मिलेगी। इस मशीन की खासियत है की ई-पास मशीन और इलेक्ट्रिक वेइंग मशीन पांच मीटर के दायरे में ही काम करेगी, जिससे घटतौली नहीं होगी। पहले ई-पास मशीन कोई भी खोल लेता था, लेकिन अब जो ई-पास मशीन दी जा रही हैं, वह सिर्फ कोटेदार और उनके प्रतिनिधि ही आधार लिंक होने के बाद खोल पाएंगे।
विज्ञापन
जिले में 1035 सरकारी राशन की दुकाने हैं। सभी दुकानों पर ई-पॉस मशीनों से राशन का वितरण किया जाता था, लेकिन इसके बाद भी कार्डधारकों की शिकायत रहती थी कि दुकानदार राशन कम देते हैं। वितरण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए ई-पॉस को इलेक्ट्रॉनिक वेइंग मशीन से लिंक कराने का निर्णय लिया। इसमें राशन की तौल के साथ ही अंगूठा लगेगा और पूरा राशन होने पर ही प्रोसेस पूरा होगा।
विज्ञापन
जिले को ई-पॉश मशीन के बाद 430 इलेक्ट्रॉनिक वेइंग मशीन मिल गई हैं। मशीनों को लिंक कराने के साथ ही मुद्रांकन कराने का कार्य शुरू हो गया है। इसके बाद राशन दुकानदारों को मशीनें उपलब्ध करा दी जाएंगी, जिसके बाद अप्रैल में इन्हीं मशीनों से राशन वितरण किया जाएगा। इससे कांटे से जितनी तौल होगी, उतने वजन की पर्ची कार्डधारक को मिल सकेगी। साथ ही वितरित हुए अनाज के तौल का मैसेज भी उपभोक्ता के लिंक मोबाइल नंबर पर पहुंचेगा। जिले को ई-पॉस के बाद इलेक्ट्रॉनिक वेइंग मशीन भी उपलब्ध हो गई हैं। कलक्ट्रेट परिसर में रखी मशीनों को लिंक करने के साथ ही मुद्रांकन कार्य शुरू कर दिया गया।
विज्ञापन
ई-पास मशीन अभियंता विनय पांडेय ने बताया कि जिले में 1035 कोटेदारों को यह मशीन मिलेगी। इस मशीन की खासियत है की ई-पास मशीन और इलेक्ट्रिक वेइंग मशीन पांच मीटर के दायरे में ही काम करेगी, जिससे घटतौली नहीं होगी। पहले ई-पास मशीन कोई भी खोल लेता था, लेकिन अब जो ई-पास मशीन दी जा रही हैं, वह सिर्फ कोटेदार और उनके प्रतिनिधि ही आधार लिंक होने के बाद खोल पाएंगे।