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Maharajganj News: अब पर्यटकों से गुलजार होंगे गांव दिखेगी जैव-विविधता की झलक
Wed, 21 May 2025 12:42 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Wed, 21 May 2025 12:42 AM IST
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इटहिया शिव मंदिर।
महराजगंज। पर्यटन विभाग की ओर से महराजगंज जिले के पांच गांव का चयन किया गया है। टूरिस्ट विलेज में इटहिया, भेड़हरी, तरैनी, गिरहिया और चंडीथान का नाम शामिल है।
इन गांवों में पर्यटन से लेकर लोक कला खानपान पहनावा आदि बिंदुओं के बारे में पर्यटक जान सकेंगे। 10-10 होम स्टे यूनिट प्रत्येक गांव में तैयार की जाएगी। यह योजना न केवल स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ाएगी, बल्कि पर्यटकों को समृद्ध लोकसंस्कृति, परंपराओं, खान-पान और जैव विविधता से रूबरू कराएगी।
जानकारी के अनुसार, चयनित गांवों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इस योजना में स्थानीय युवाओं को स्टोरी टेलिंग का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे वे गांव की कहानियों, किवदंतियों और ऐतिहासिक महत्व को पर्यटकों के सामने दिलचस्प तरीके से पेश कर सकें। स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को पारंपरिक व्यंजन बनाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि पर्यटक गांव की रसोई से जुड़े स्वाद का भी आनंद ले सकें।
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सरकार की योजना के तहत थारू जनजाति के सुंदर हस्तशिल्प उत्पादों को स्थानीय बाज़ारों और ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म्स से जोड़ा जाएगा, जिससे इन पारंपरिक कलाओं को न केवल पहचान मिलेगी, बल्कि स्थानीय कारीगरों की आय भी बढ़ेगी। टूरिस्ट विलेज योजना सिर्फ पर्यटन नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता, महिला सशक्तीकरण और सांस्कृतिक संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे सीमावर्ती गांवों में विकास की रोशनी पहुंचेगी और वहां की विरासत को नया जीवन मिलेगा। उत्तर प्रदेश अब पर्यटन के जरिए अपने गांवों को विश्वस्तरीय मंच देने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
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इन गांवों में पर्यटन से लेकर लोक कला खानपान पहनावा आदि बिंदुओं के बारे में पर्यटक जान सकेंगे। 10-10 होम स्टे यूनिट प्रत्येक गांव में तैयार की जाएगी। यह योजना न केवल स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ाएगी, बल्कि पर्यटकों को समृद्ध लोकसंस्कृति, परंपराओं, खान-पान और जैव विविधता से रूबरू कराएगी।
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जानकारी के अनुसार, चयनित गांवों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इस योजना में स्थानीय युवाओं को स्टोरी टेलिंग का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे वे गांव की कहानियों, किवदंतियों और ऐतिहासिक महत्व को पर्यटकों के सामने दिलचस्प तरीके से पेश कर सकें। स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को पारंपरिक व्यंजन बनाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि पर्यटक गांव की रसोई से जुड़े स्वाद का भी आनंद ले सकें।
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सरकार की योजना के तहत थारू जनजाति के सुंदर हस्तशिल्प उत्पादों को स्थानीय बाज़ारों और ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म्स से जोड़ा जाएगा, जिससे इन पारंपरिक कलाओं को न केवल पहचान मिलेगी, बल्कि स्थानीय कारीगरों की आय भी बढ़ेगी। टूरिस्ट विलेज योजना सिर्फ पर्यटन नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता, महिला सशक्तीकरण और सांस्कृतिक संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे सीमावर्ती गांवों में विकास की रोशनी पहुंचेगी और वहां की विरासत को नया जीवन मिलेगा। उत्तर प्रदेश अब पर्यटन के जरिए अपने गांवों को विश्वस्तरीय मंच देने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।