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अब अध्यापकों पर रहेगी सीएम दफ्तर की नजर
महराजगंज (ब्यूरो)
Updated Wed, 20 Jun 2018 12:36 AM IST
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अब अध्यापकों पर रहेगी सीएम दफ्तर की नजर
- फोटो : अमर उजाला
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महराजगंज। परिषदीय स्कूलों में पठन-पाठन व्यवस्था में सुधार की तैयारी की जा रही है। जुलाई माह में स्कूल खुल जाने के बाद शिक्षकों को सतर्क रहना होगा। गर्मी की छुट्टियों के बाद लौटने वाले शिक्षकों के लिए नया शैक्षिक सत्र आसान नहीं होगा। शिक्षकों की हर गतिविधि पर अब सीएम कार्यालय की नजर रहेगी।
यही नहीं, गुरू जी के मोबाइल पर सीएम कार्यालय से फोन आएगा। इस दौरान शिक्षकों की लोकेशन के अलावा विद्यालय में उपस्थित छात्रों की उपस्थिति व अन्य बिंदुओं की जानकारी ली जाएगी। शासन ने जिले के सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों के नंबरों की सूची बीएसए से मांगी थी। जिसे जिले से बेसिक शिक्षा निदेशक कार्यालय को भेजी जा चुकी है। जिले में 1478 प्राइमरी और 646 जूनियर हाई स्कूल हैं। परिषदीय विद्यालयों की शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार के लिए शासन स्तर से प्रयास तेज किए जा रहे हैं। इसी क्रम में प्रदेश सरकार ने हाल ही में यह निर्णय लिया है कि अब मुख्यमंत्री कार्यालय से हर रोज सभी जनपदों के किसी भी परिषदीय विद्यालय के प्रधानाध्यापक को फोन किया जाएगा। प्रधानाध्यापक से विद्यालय में उस दिन बच्चों की उपस्थिति का ब्यौरा लिया जाएगा। मिड-डे मील में कितने बच्चों ने खाना खाया और क्या बनाया गया है, इस बारे में बच्चों से पूछताछ हो सकती है। इससे प्रधानाध्यापक गलत जानकारी नहीं दे पाएंगे और उनके द्वारा दी गई जानकारी का सत्यापन भी हो जाएगा। शासन की मंशा है कि ऐसा होने से शिक्षकों की मनमानी पर अंकुश लग सकेगा। प्रधानाध्यापक समेत सभी शिक्षक विद्यालय पहुंचेंगे और समय से पहले स्कूल बंद कर घर भी नहीं जा पाएंगे।उधर, जूनियर हाईस्कूल संघ के जिलाध्यक्ष संजय मणि का कहना है कि इससे शिक्षकों की परेशानी बढ़ जायेगी। शिक्षकों पर बेवजह दबाव बनाना ठीक नहीं है। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री सत्येंद्र मिश्रा ने कहा कि यह व्यवस्था अच्छी है। इससे शिक्षक बेहतर ढंग से दायित्व निर्वहन करेंगे।
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यही नहीं, गुरू जी के मोबाइल पर सीएम कार्यालय से फोन आएगा। इस दौरान शिक्षकों की लोकेशन के अलावा विद्यालय में उपस्थित छात्रों की उपस्थिति व अन्य बिंदुओं की जानकारी ली जाएगी। शासन ने जिले के सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों के नंबरों की सूची बीएसए से मांगी थी। जिसे जिले से बेसिक शिक्षा निदेशक कार्यालय को भेजी जा चुकी है। जिले में 1478 प्राइमरी और 646 जूनियर हाई स्कूल हैं। परिषदीय विद्यालयों की शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार के लिए शासन स्तर से प्रयास तेज किए जा रहे हैं। इसी क्रम में प्रदेश सरकार ने हाल ही में यह निर्णय लिया है कि अब मुख्यमंत्री कार्यालय से हर रोज सभी जनपदों के किसी भी परिषदीय विद्यालय के प्रधानाध्यापक को फोन किया जाएगा। प्रधानाध्यापक से विद्यालय में उस दिन बच्चों की उपस्थिति का ब्यौरा लिया जाएगा। मिड-डे मील में कितने बच्चों ने खाना खाया और क्या बनाया गया है, इस बारे में बच्चों से पूछताछ हो सकती है। इससे प्रधानाध्यापक गलत जानकारी नहीं दे पाएंगे और उनके द्वारा दी गई जानकारी का सत्यापन भी हो जाएगा। शासन की मंशा है कि ऐसा होने से शिक्षकों की मनमानी पर अंकुश लग सकेगा। प्रधानाध्यापक समेत सभी शिक्षक विद्यालय पहुंचेंगे और समय से पहले स्कूल बंद कर घर भी नहीं जा पाएंगे।उधर, जूनियर हाईस्कूल संघ के जिलाध्यक्ष संजय मणि का कहना है कि इससे शिक्षकों की परेशानी बढ़ जायेगी। शिक्षकों पर बेवजह दबाव बनाना ठीक नहीं है। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री सत्येंद्र मिश्रा ने कहा कि यह व्यवस्था अच्छी है। इससे शिक्षक बेहतर ढंग से दायित्व निर्वहन करेंगे।
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