{"_id":"5d374f738ebc3e6d1214f488","slug":"not-runing-coins-maharajganj-news-gkp315016655","type":"story","status":"publish","title_hn":"बैंकों पर आरबीआई के आदेश का नहीं चल रहा ‘सिक्का’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बैंकों पर आरबीआई के आदेश का नहीं चल रहा ‘सिक्का’
विज्ञापन
बैंकों पर आरबीआई के आदेश का नहीं चल रहा ‘सिक्का’
- बैंकों की मनमानी से खरीदारों के लिए सिक्के बने परेशानी का सबब
अमर उजाला ब्यूरो
फोटो
महराजगंज। सिक्का लेने में बैंकों की मनमानी से व्यापारी व आमजन में नाराजगी बढ़ती जा रही है। एक रुपए के सिक्के को लेकर ग्राहक और व्यवसायी ऊहापोह की स्थिति में हैं।
आरबीआई ने एक हजार रुपये तक के सिक्के को प्रतिदिन बैंकों को लेने का दिशा निर्देश जारी कर रखा है, लेकिन बैंकों की मनमानी के आगे आरबीआई के आदेश का ‘सिक्का’ नहीं चल पा रहा है। लेनदेन के चलन से सिक्कों का बाहर होने से ग्राहक या दुकानदार सब परेशान हैं। निचलौल कस्बे के साइकिल विक्रेता शिवपूजन कसौधन ने बताया कि एक रुपए के सिक्के तो कहीं भी नहीं लिए जा रहे हैं। इसी तरह दवा विक्रेता आकाश त्रिपाठी ने बताया कि एक रुपये का छोटा सिक्का तो कोई लेने का नाम नहीं ले रहा है। वहीं, 100 या 200 रुपए के सिक्के को पाउच बनाकर बैंक में भेजने पर बैंक कर्मी भी उसे लेने में बेरुखी दिखाते हैं। ग्राहक इंद्रजीत गुप्ता ने बताया कि बैंकों में सिक्का न जमा होने के कारण खरीदारी के दौरान सिक्का देने पर दुकानदार नाक-मुंह सिकोड़ने लगते हैं। यह समस्या एक व दो सिक्को के साथ सबसे ज्यादा है। पूर्वांचल बैंक के शाखा प्रबंधक हरीशचंद्र प्रसाद ने बताया कि सिक्कों को लेने में कोई परेशानी नहीं हैं। आरबीआई के नियमों के अनुसार सिक्के न जमा करना देशद्रोह है।
विज्ञापन
- बैंकों की मनमानी से खरीदारों के लिए सिक्के बने परेशानी का सबब
अमर उजाला ब्यूरो
फोटो
महराजगंज। सिक्का लेने में बैंकों की मनमानी से व्यापारी व आमजन में नाराजगी बढ़ती जा रही है। एक रुपए के सिक्के को लेकर ग्राहक और व्यवसायी ऊहापोह की स्थिति में हैं।
आरबीआई ने एक हजार रुपये तक के सिक्के को प्रतिदिन बैंकों को लेने का दिशा निर्देश जारी कर रखा है, लेकिन बैंकों की मनमानी के आगे आरबीआई के आदेश का ‘सिक्का’ नहीं चल पा रहा है। लेनदेन के चलन से सिक्कों का बाहर होने से ग्राहक या दुकानदार सब परेशान हैं। निचलौल कस्बे के साइकिल विक्रेता शिवपूजन कसौधन ने बताया कि एक रुपए के सिक्के तो कहीं भी नहीं लिए जा रहे हैं। इसी तरह दवा विक्रेता आकाश त्रिपाठी ने बताया कि एक रुपये का छोटा सिक्का तो कोई लेने का नाम नहीं ले रहा है। वहीं, 100 या 200 रुपए के सिक्के को पाउच बनाकर बैंक में भेजने पर बैंक कर्मी भी उसे लेने में बेरुखी दिखाते हैं। ग्राहक इंद्रजीत गुप्ता ने बताया कि बैंकों में सिक्का न जमा होने के कारण खरीदारी के दौरान सिक्का देने पर दुकानदार नाक-मुंह सिकोड़ने लगते हैं। यह समस्या एक व दो सिक्को के साथ सबसे ज्यादा है। पूर्वांचल बैंक के शाखा प्रबंधक हरीशचंद्र प्रसाद ने बताया कि सिक्कों को लेने में कोई परेशानी नहीं हैं। आरबीआई के नियमों के अनुसार सिक्के न जमा करना देशद्रोह है।
विज्ञापन