फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Maharajganj News ›   Nose, ear and throat patients increased fourfold

Maharajganj News: चार गुना बढ़े नाक, कान गला के मरीज

Tue, 10 Mar 2026 02:24 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 10 Mar 2026 02:24 AM IST
विज्ञापन
Nose, ear and throat patients increased fourfold
डॉक्टर से परामर्श लेते मरीज।
महराजगंज। मौसम बदलने से नाक-कान, गला के मरीज बढ़ गए हैं। इससे पीड़ित 80 से 90 मरीज रोजाना जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। एक सप्ताह पहले एक संख्या 15 से 20 थी। डॉक्टर उपचार कर सतर्कता बरतने की सलाह दे रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार, पछुआ हवा चलने पर यह समस्या और बढ़ जाएगी।
विज्ञापन

नाक, कान और गला विभाग के डॉक्टर अनिरुद्ध कुमार ने बताया कि वर्तमान में नाक, कान-गला के मरीज बढ़ गए हैं। पछुआ हवा चलने पर यह समस्या और बढ़ेगी। पछुआ हवा नाक के अंदरूनी हिस्से को प्रभावित करती है। इससे नाक सूख जाती है। पपड़ी बनने लगती है। कई मामलों में नाक से खून भी आने लगता है।
विज्ञापन



विशेष रूप से 5 से 12 वर्ष के बच्चे इससे ज्यादा पीड़ित होते हैं। क्योंकि उनकी नाक की त्वचा नाजुक होती है और वे हवा से सीधे संपर्क में आते हैं। फिलहाल ओपीडी में नाक-कान-गला संबंधी शिकायतों के साथ रोजाना 80 से 90 मरीज पहुंच रहे हैं, लेकिन डॉक्टरों का अनुमान है कि आने वाले दिनों में यह संख्या और बढ़ सकती है। कुल मिलाकर जिला अस्पताल के ओपीडी में प्रतिदिन 80 से 90 मरीजों का इलाज हो रहा है, जिसमें ईएनटी विभाग के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन




डॉक्टरों का कहना है कि पछुआ हवा की वजह से नाक में नमी की कमी हो जाती है, जिससे जलन, खुजली और रक्तस्राव जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। यह समस्या विशेषकर सुबह-शाम के समय अधिक बढ़ जाती है, जब हवा का प्रवाह तेज होता है। बच्चों में यह समस्या जल्दी गंभीर रूप ले सकती है, क्योंकि वे खेलते-कूदते हुए बाहर ज्यादा समय बिताते हैं।




डॉक्टर ने लोगों को सलाह दी है कि ऐसी स्थिति से बचने के लिए मास्क का उपयोग जरूर करें। मास्क नाक और मुंह को सूखी हवा से बचाता है और नमी बनाए रखने में मदद करता है। इसके अलावा, घर से बाहर निकलते समय स्कार्फ या कपड़े से नाक-मुंह ढकें। पर्याप्त पानी पीना और नाक में नारियल तेल या डॉक्टर द्वारा सुझाई गई नेजल ड्रॉप्स का उपयोग भी फायदेमंद हो सकता है। यदि नाक से खून आना, लगातार जलन या सांस लेने में तकलीफ हो तो तुरंत नजदीकी अस्पताल से संपर्क करें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed