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सरहद के करीब लैब नहीं, जांच में लगता वक्त
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सरहद के करीब लैब नहीं, जांच में लग रहा वक्त
महराजगंज। अब भारत से वही फल और सब्जियां नेपाल भेजी जा रही हैं जिन्हें बुटवल की लैब टेस्ट में हरी झंडी मिल रही है। व्यापारियों की मांग के बाद भी नेपाल सरकार भारतीय फल-सब्जियों की जांच के लिए सरहद से सटे बेलहिया कस्बे में प्रयोगशाला का निर्माण नहीं करा सकी। इससे जहां सरहद पर जाम की स्थिति बन रही है वहीं, फल-सब्जियों के पास होने में दो दिन का वक्त लग जा रहा है। इसके चलते नेपाल की जनता को अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है। जो फल और सब्जियां चंद कदम दूर सोनौली में सस्ती हैं वहीं भैरहवा में खुदरा व्यापारी इसका दाम 30 प्रतिशत अधिक वसूल रहे हैं।
नेपाल सरकार ने भारतीय फल-सब्जियों में अधिक रसायन होने का हवाला देकर इनका आयात बंद कर दिया था। कुछ दिनों बाद भारतीय दूतावास काठमांडू के हस्तक्षेप के बाद यह फैसला वापस लिया गया, लेकिन नेपाल सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर इसे पुन: लागू कर दिया गया। भारत-नेपाल की सोनौली सीमा से प्रतिदिन छोटे-बड़े सैकड़ों मालवाहक वाहन कर्नाटक, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, कानपुर, बस्ती, बनारस, गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, महराजगंज आदि जिलों से सब्जियां व फल नेपाल लेकर जाते हैं, लेकिन जांच में समय लगने पर सरहद पर ट्रकों का जाम लग रहा है।
कस्टम चीफ कमल भटराई ने बताया कि सरकार के निर्देश पर 11 जुलाई से सभी फल-सब्जियों की लैब जांच के लिए सरहद से 20 किमी दूर नई प्रयोगशाला विषादी अवशेष दूत विश्लेषण इकाई बुटवल भेजा जाता है। रिपोर्ट मिलने के बाद जो फल और सब्जी खाने योग्य होती है, उन्हीं को पास किया जाता है। उन्होंने बताया कि सरहद से सटे बेलहियां में प्रयोगशाला निर्माण के लिए बातचीत चल रही है।
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महराजगंज। अब भारत से वही फल और सब्जियां नेपाल भेजी जा रही हैं जिन्हें बुटवल की लैब टेस्ट में हरी झंडी मिल रही है। व्यापारियों की मांग के बाद भी नेपाल सरकार भारतीय फल-सब्जियों की जांच के लिए सरहद से सटे बेलहिया कस्बे में प्रयोगशाला का निर्माण नहीं करा सकी। इससे जहां सरहद पर जाम की स्थिति बन रही है वहीं, फल-सब्जियों के पास होने में दो दिन का वक्त लग जा रहा है। इसके चलते नेपाल की जनता को अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है। जो फल और सब्जियां चंद कदम दूर सोनौली में सस्ती हैं वहीं भैरहवा में खुदरा व्यापारी इसका दाम 30 प्रतिशत अधिक वसूल रहे हैं।
नेपाल सरकार ने भारतीय फल-सब्जियों में अधिक रसायन होने का हवाला देकर इनका आयात बंद कर दिया था। कुछ दिनों बाद भारतीय दूतावास काठमांडू के हस्तक्षेप के बाद यह फैसला वापस लिया गया, लेकिन नेपाल सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर इसे पुन: लागू कर दिया गया। भारत-नेपाल की सोनौली सीमा से प्रतिदिन छोटे-बड़े सैकड़ों मालवाहक वाहन कर्नाटक, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, कानपुर, बस्ती, बनारस, गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, महराजगंज आदि जिलों से सब्जियां व फल नेपाल लेकर जाते हैं, लेकिन जांच में समय लगने पर सरहद पर ट्रकों का जाम लग रहा है।
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कस्टम चीफ कमल भटराई ने बताया कि सरकार के निर्देश पर 11 जुलाई से सभी फल-सब्जियों की लैब जांच के लिए सरहद से 20 किमी दूर नई प्रयोगशाला विषादी अवशेष दूत विश्लेषण इकाई बुटवल भेजा जाता है। रिपोर्ट मिलने के बाद जो फल और सब्जी खाने योग्य होती है, उन्हीं को पास किया जाता है। उन्होंने बताया कि सरहद से सटे बेलहियां में प्रयोगशाला निर्माण के लिए बातचीत चल रही है।
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