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Maharajganj News: समितियों पर उर्वरक नहीं, किसान परेशान
Tue, 05 Dec 2023 01:45 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Tue, 05 Dec 2023 01:45 AM IST
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नौतनवा। क्षेत्र में गेहूं की बुआई तेजी से हो रही है किसान खाद बीज को एकत्रित कर बुआई करने में जुटे हैं। कुछ साधन सहकारी समितियों पर डीएपी खाद उपलब्ध है, तो कुछ समितियों पर नहीं है। चार समितियों का पड़ताल हुई तो साधन सहकारी समिति गजरही में उर्वरक उपलब्ध नहीं था। सिरसिया खास व खैराटी में डीएपी की बिक्री हो रही थी। वहीं तरैनी में ताला बंद मिला। किसानों की समस्याओं पर जिम्मेदार गंभीर नहीं दिखे।
साधन सहकारी समिति गजरही में सचिव के सहायक रवि यादव कार्यालय में जरूरी कार्य निपटा रहे थे। बरवा कला के किसान रामवृक्ष मणि त्रिपाठी पास में बैठे थे। समिति पर उर्वरक उपलब्ध नहीं था। रामवृक्ष मणि त्रिपाठी ने बताया कि पांच बोरी खाद की आवश्यकता है। गेंहू की बुआई करानी है, लेकिन खाद नहीं मिल पाई। सचिव रामनरायन यादव ने बताया कि वह जारा साधन सहकारी समिति के भी सचिव हैं। गजरही समिति उनके चार्ज में है। बताया कि खाद नहीं है अगले सप्ताह खाद आने की उम्मीद है। इस सीजन में अब तक 1200 बोरी खाद आ चुकी है। जिसमें 300 बोरी एनपीके 900 बोरी डीएपी शामिल है।
साधन सहकारी समिति सिरसिया खास में किसानों की भीड़ जुटी थी कुछ किसान कतार में खड़े थे। कुछ बाइक और साइकिल पर दो से तीन बोरी डीएपी लाद रहे थे। सचिव राजेन्द्र यादव कार्यालय के अंदर पास मशीन से आधार कार्ड से डीएपी का वितरण कर रहे थे। सचिव ने बताया कि गत शुक्रवार को 300 बोरी खाद आयी थी अबतक 235 बोरी डीएपी 1350 रुपये के रेट से बेची जा चुकी है।
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साधन सहकारी समिति खैराटी में सचिव विजय पास मशीन से फिंगर लगवाकर उर्वरक बिक्री कर रहे थे। दस की संख्या में किसान जुटे थे। किसान देवनारायन सचिव के पास बैठे थे। किसान जनार्दन चौहान, मनोज कुमार, सनोज, रफीक, महबूब अपनी खाद बाहर निकलवाकर बाइक पर लाद रहे थे। सचिव विजय ने बताया कि 300 बोरी डीएपी आई थी। 34 किसानों में कुल 123 बोरी डीएपी बेची जा चुकी थी।
साधन सहकारी समिति तरैनी में कोई नहीं मिला। किसान रामेश्वर चौधरी, श्रीपत यादव, राजेश, रामनयन, पप्पू रास्ते में मिले बताए की गेहूं की बुआई करना है समिति पर गए थे जहां ताला बंद है। सचिव धीरेंद्र सिंह ने बताया कि वह साधन सहकारी समिति बैकुंठपुर के भी सचिव हैं। तरैनी समिति उनके चार्ज में है, वहां उर्वरक नहीं है। बैकुंठपुर में 150 बोरी यूरिया तथा 250 बोरी डीएपी उपलब्ध है।
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साधन सहकारी समिति गजरही में सचिव के सहायक रवि यादव कार्यालय में जरूरी कार्य निपटा रहे थे। बरवा कला के किसान रामवृक्ष मणि त्रिपाठी पास में बैठे थे। समिति पर उर्वरक उपलब्ध नहीं था। रामवृक्ष मणि त्रिपाठी ने बताया कि पांच बोरी खाद की आवश्यकता है। गेंहू की बुआई करानी है, लेकिन खाद नहीं मिल पाई। सचिव रामनरायन यादव ने बताया कि वह जारा साधन सहकारी समिति के भी सचिव हैं। गजरही समिति उनके चार्ज में है। बताया कि खाद नहीं है अगले सप्ताह खाद आने की उम्मीद है। इस सीजन में अब तक 1200 बोरी खाद आ चुकी है। जिसमें 300 बोरी एनपीके 900 बोरी डीएपी शामिल है।
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साधन सहकारी समिति सिरसिया खास में किसानों की भीड़ जुटी थी कुछ किसान कतार में खड़े थे। कुछ बाइक और साइकिल पर दो से तीन बोरी डीएपी लाद रहे थे। सचिव राजेन्द्र यादव कार्यालय के अंदर पास मशीन से आधार कार्ड से डीएपी का वितरण कर रहे थे। सचिव ने बताया कि गत शुक्रवार को 300 बोरी खाद आयी थी अबतक 235 बोरी डीएपी 1350 रुपये के रेट से बेची जा चुकी है।
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साधन सहकारी समिति खैराटी में सचिव विजय पास मशीन से फिंगर लगवाकर उर्वरक बिक्री कर रहे थे। दस की संख्या में किसान जुटे थे। किसान देवनारायन सचिव के पास बैठे थे। किसान जनार्दन चौहान, मनोज कुमार, सनोज, रफीक, महबूब अपनी खाद बाहर निकलवाकर बाइक पर लाद रहे थे। सचिव विजय ने बताया कि 300 बोरी डीएपी आई थी। 34 किसानों में कुल 123 बोरी डीएपी बेची जा चुकी थी।
साधन सहकारी समिति तरैनी में कोई नहीं मिला। किसान रामेश्वर चौधरी, श्रीपत यादव, राजेश, रामनयन, पप्पू रास्ते में मिले बताए की गेहूं की बुआई करना है समिति पर गए थे जहां ताला बंद है। सचिव धीरेंद्र सिंह ने बताया कि वह साधन सहकारी समिति बैकुंठपुर के भी सचिव हैं। तरैनी समिति उनके चार्ज में है, वहां उर्वरक नहीं है। बैकुंठपुर में 150 बोरी यूरिया तथा 250 बोरी डीएपी उपलब्ध है।