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Maharajganj News: नीति आयोग की टीम ने मरीजों से की बात, व्यवस्था का लिया जायजा

Tue, 13 Jan 2026 01:56 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 13 Jan 2026 01:56 AM IST
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NITI Aayog team spoke to patients and took stock of the arrangements.
महराजगंज। नीति आयोग की दो सदस्यीय टीम ने सोमवार को जिला अस्पताल में इलाज व्यवस्था की जांच की। टीम के सदस्यों ने न्यू सिक बार्न केयर यूनिट से लेकर लेबर रूम में प्रसव, जच्चा-बच्चा की देखभाल और इलाज उपकरण की जांच की। साथ ही मरीजों से इलाज की सुविधा के बारे में जानकारी ली।
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विशेष नीति आयोग स्टेट सपोर्ट मिशन के धीरेंद्र पांडेय के नेतृत्व में टीम नौ बजे जिला अस्पताल पहुंची। सबसे पहले टीम ने सीएमएस कक्ष में मीटिंग की। इसके बाद टीम रैन बसेरा पहुंची। रैन बसेरा में ठंड से बचाव के लिए लगे संसाधनों को देख, मरीजों से कंबल के बारे में जानकारी ली। तीमारदारों से भी जानकारी ली। यहां से टीम न्यू सिक बार्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) में पहुंची। यूनिट में भर्ती नवजातों के बारे में जानकारी लेकर उपकरणों के गुणवत्ता की जांच की। टीम ने डॉक्टर और पैरामेडिकल कर्मचारियों से उपकरण को चलाने के बारे में पूछताछ की। इतना ही नहीं यूनिट में भर्ती जिला महिला अस्पताल और निजी अस्पतालों व सीएचसी में जन्मे नवजातों के बीमारियों के बारे में वार्ड इंचार्ज से व नोडल से जानकारी ली। यहां से टीम महिला अस्पताल के ओपीडी में पहुंची। डॉक्टरों से महिलाओं की बीमारियों और दवा के बारे में पूछताछ की। यहां से टीम लेबर रूम में पहुंची। प्रसव कराने के लिए लगे उपकरण और उसकी गुणवत्ता की जांच की। इसके बाद टीम पीएनसी वार्ड पहुंची। वहां पर भर्ती प्रसूताओं से नास्ता, भोजन के बारे में पूछताछ की।
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टीम ने कहा कि मेन्यू के हिसाब से जच्चा को सुबह और शाम नाश्ता व दोपहर व रात को भोजन मिलना चाहिए। कमी मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। टीम ने गायनी ओटी में ऑपरेशन से प्रसव के लिए रखे उपकरण और उसकी गुणवत्ता की जांच की। टीम ने कहा कि मातृ-शिशु मृत्युदर कंट्रोल करने के लिए फस्ट रेफरल यूनिट(एफआारयू) को अपडेट करना है। ऐसे में विशेषकर गर्भवती महिलाओं के इलाज व प्रसव के बाद उनकी देखभाल में किसी तरह की कमी नहीं होनी चाहिए। इस मौके पर सीएमएस डॉ. एके द्विवेदी व अन्य मौजूद रहे।
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