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नवजात शिशु देखभाल इकाई में बढे़ंगे बेड
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नवजात शिशु देखभाल इकाई में चल रहा है मरम्मत।
- फोटो : MAHARAJGANJ
नवजात शिशु देखभाल इकाई में बढे़ंगे बेड
महराजगंज। जिला अस्पताल के नवजात शिशु देखभाल इकाई में बच्चों को भर्ती करने में कुछ दिनों बाद परेशानी नहीं होगी। क्योंकि वार्ड में बेड बढ़ाए जा रहे हैं। वर्तमान में बच्चों की संख्या बढ़ने पर एक बेड पर कई बच्चों को भर्ती करना पड़ता है। इसे देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने बेड की संख्या बढ़ाने की तैयारी में लग गया है।
फिलहाल पांच लाख रुपये खर्च कर छह बेड बढ़ाए जाएंगे। वार्ड में एसी, पंखा समेत अन्य जरूरी संसाधनों को लगाने का कार्य तेजी से चल है। नवजात शिशु देखभाल इकाई में अभी 20 बेड हैं। यहां रोजाना 50 से 60 मरीज आते हैं। वायरिंग, दीवार आदि तैयारी करने के बाद बेड बढ़ा दिए जाएंगे। बेलवा गांव से आए तीमारदार महेंद्र यादव ने बताया कि नवजात शिशु देखभाल इकाई में बेड बढ़ जाने से समस्या दूर हो जाएगी। क्योंकि भर्ती होने वाले बच्चों की संख्या बढ़ने पर परेशानी होती है। राममोहन मिश्र ने कहा कि बेड बढ़ने से परेशानी दूर होगी। तीमारदारों के रहने के लिए भी कोई व्यवस्था हो जाती तो बेहतर रहता।
शासन से जिला अस्पताल के नवजात शिशु देखभाल इकाई में छह बेड बढ़ाने का निर्देश प्राप्त हुआ है। वार्ड में बेड लगाने के लिए जरूरी कार्य कराया जा रहा है। बिजली की व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए काम चल रहा है। वार्ड में सभी सुविधाएं बेहतर की जाएंगी। बेड बढ़ने से बच्चों को भर्ती करने की समस्या दूर हो जाएगी।
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डॉ. एके राय, सीएमएस
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महराजगंज। जिला अस्पताल के नवजात शिशु देखभाल इकाई में बच्चों को भर्ती करने में कुछ दिनों बाद परेशानी नहीं होगी। क्योंकि वार्ड में बेड बढ़ाए जा रहे हैं। वर्तमान में बच्चों की संख्या बढ़ने पर एक बेड पर कई बच्चों को भर्ती करना पड़ता है। इसे देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने बेड की संख्या बढ़ाने की तैयारी में लग गया है।
फिलहाल पांच लाख रुपये खर्च कर छह बेड बढ़ाए जाएंगे। वार्ड में एसी, पंखा समेत अन्य जरूरी संसाधनों को लगाने का कार्य तेजी से चल है। नवजात शिशु देखभाल इकाई में अभी 20 बेड हैं। यहां रोजाना 50 से 60 मरीज आते हैं। वायरिंग, दीवार आदि तैयारी करने के बाद बेड बढ़ा दिए जाएंगे। बेलवा गांव से आए तीमारदार महेंद्र यादव ने बताया कि नवजात शिशु देखभाल इकाई में बेड बढ़ जाने से समस्या दूर हो जाएगी। क्योंकि भर्ती होने वाले बच्चों की संख्या बढ़ने पर परेशानी होती है। राममोहन मिश्र ने कहा कि बेड बढ़ने से परेशानी दूर होगी। तीमारदारों के रहने के लिए भी कोई व्यवस्था हो जाती तो बेहतर रहता।
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शासन से जिला अस्पताल के नवजात शिशु देखभाल इकाई में छह बेड बढ़ाने का निर्देश प्राप्त हुआ है। वार्ड में बेड लगाने के लिए जरूरी कार्य कराया जा रहा है। बिजली की व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए काम चल रहा है। वार्ड में सभी सुविधाएं बेहतर की जाएंगी। बेड बढ़ने से बच्चों को भर्ती करने की समस्या दूर हो जाएगी।
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डॉ. एके राय, सीएमएस