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‘नई शिक्षा नीति से बनेंगे आत्मनिर्भर’
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पीजी कालेज सभागार में राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर आयोजित कार्यशाला में उपस्थित छात्राएं।संवाद
- फोटो : MAHARAJGANJ
‘नई शिक्षा नीति से बनेंगे आत्मनिर्भर’
- राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर पीजी कॉलेज में कार्यशाला आयोजित
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। जवाहर लाल नेहरू पीजी कॉलेज महाराजगंज में राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर स्नातक प्रथम वर्ष के छात्र-छात्राओं का जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें नई शिक्षा नीति से जुड़ी तमाम जानकारियां दी गई। भारत सरकार द्वारा निश्चित नई शिक्षा नीति को आत्मनिर्भर बनाए जाने के लिए आवश्यक बताया गया।
प्राचार्य डॉ. दिग्विजय नाथ पांडेय ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति आत्मनिर्भर बनाए जाने के साथ ही स्वाध्याय और अंतर विषयक विषयों के ज्ञान के लिए बहुत अधिक उपयोगी है। उन्होंने कहा कि पहले विज्ञान का विद्यार्थी कला के विषय नहीं पढ़ पाता था और कला का विद्यार्थी विज्ञान विषय नहीं पढ़ पाता था लेकिन नई शिक्षा नीति में अब सभी को सभी विषय का अध्ययन किए जाने की छूट दी गई है।
उन्होंने कहा कि छात्रों को अध्ययन में सतर्कता और निरंतरता बनाए रखने की आवश्यकता है। इन्हें गाइड नहीं बल्कि किताबों पर पूरा फोकस करना चाहिए और स्वाध्याय को बेसिक आधार बनाकर अध्ययन का कार्य करना चाहिए। नई शिक्षा नीति के अंतर्गत बीए प्रथम वर्ष के छात्र-छात्राओं को तीन मेजर सब्जेक्ट के साथ एक माइनर सब्जेक्ट तथा व्यावसायिक पाठ्यक्रम या कौशल विकास पाठ्यक्रम की पढ़ाई करनी होगी इससे चतुर्दिक ज्ञान विज्ञान का छात्रों में संवर्धन होगा।
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बीएड विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अक्षय कुमार ने नई शिक्षा नीति से जुड़ी विभिन्न जानकारी छात्रों को दी। कार्यशाला में मुख्य नियंता राहुल कुमार सिंह, दिवाकर सिंह, देवेंद्र पाठक, डॉ. नंदिता मिश्रा, गुलाब चंद, डॉ. शांति शरण मिश्र आदि मौजूद रहे।
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- राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर पीजी कॉलेज में कार्यशाला आयोजित
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। जवाहर लाल नेहरू पीजी कॉलेज महाराजगंज में राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर स्नातक प्रथम वर्ष के छात्र-छात्राओं का जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें नई शिक्षा नीति से जुड़ी तमाम जानकारियां दी गई। भारत सरकार द्वारा निश्चित नई शिक्षा नीति को आत्मनिर्भर बनाए जाने के लिए आवश्यक बताया गया।
प्राचार्य डॉ. दिग्विजय नाथ पांडेय ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति आत्मनिर्भर बनाए जाने के साथ ही स्वाध्याय और अंतर विषयक विषयों के ज्ञान के लिए बहुत अधिक उपयोगी है। उन्होंने कहा कि पहले विज्ञान का विद्यार्थी कला के विषय नहीं पढ़ पाता था और कला का विद्यार्थी विज्ञान विषय नहीं पढ़ पाता था लेकिन नई शिक्षा नीति में अब सभी को सभी विषय का अध्ययन किए जाने की छूट दी गई है।
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उन्होंने कहा कि छात्रों को अध्ययन में सतर्कता और निरंतरता बनाए रखने की आवश्यकता है। इन्हें गाइड नहीं बल्कि किताबों पर पूरा फोकस करना चाहिए और स्वाध्याय को बेसिक आधार बनाकर अध्ययन का कार्य करना चाहिए। नई शिक्षा नीति के अंतर्गत बीए प्रथम वर्ष के छात्र-छात्राओं को तीन मेजर सब्जेक्ट के साथ एक माइनर सब्जेक्ट तथा व्यावसायिक पाठ्यक्रम या कौशल विकास पाठ्यक्रम की पढ़ाई करनी होगी इससे चतुर्दिक ज्ञान विज्ञान का छात्रों में संवर्धन होगा।
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बीएड विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अक्षय कुमार ने नई शिक्षा नीति से जुड़ी विभिन्न जानकारी छात्रों को दी। कार्यशाला में मुख्य नियंता राहुल कुमार सिंह, दिवाकर सिंह, देवेंद्र पाठक, डॉ. नंदिता मिश्रा, गुलाब चंद, डॉ. शांति शरण मिश्र आदि मौजूद रहे।