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Maharajganj News: दाम गिरते ही भारतीय टमाटर से पटी नेपाल की सब्जी मंडी
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दाम गिरते ही भारतीय टमाटर से पटी नेपाल की सब्जी मंडी
फोटो
नेपाल में थोक 62 रुपये और खुदरा 90 रुपये प्रतिकिलो बिक रहा टमाटर, बीते माह थोक रेट 50 रुपये था
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। बीते माह नेपाल से टमाटर भारतीय मंडी में आ रहा था। अब उल्टी गंगा बहने लगी है। अब टमाटर भारत से नेपाल भेजा जा रहा है। रेट अंतर होने पर व्यापारी टमाटर भेजने लगे हैं। नेपाल में थोक रेट टमाटर 62 रुपये और खुदरा 90 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। जबकि भारत के बंगलुरु में 35 से 40 रुपए प्रति किलो टमाटर मिलने लगा है। बीते माह नेपाल में थोक रेट 50 रुपये प्रति किलो था।
खां ट्रेडर्स सोनौली के प्रोपराइटर रोशन खान ने बताया कि बंगलुरु में टमाटर का रेट कम होने से टमाटर के निर्यात में तेजी शुरू हो गई है। प्रतिदिन 20 से 40 टन टमाटर एक्सपोर्ट हो रहा है। पहले भारत में टमाटर महंगा होने पर पर नेपाल से टमाटर आ रहा था, लेकिन अब भारत से नेपाल अब टमाटर भेजा जा रहा है। 15 टन टमाटर नेपाल भेजा है। नेपाली टमाटर कम टिकाऊ होता है जिससे वह जल्दी खराब हो जाता है। टमाटर को सुरक्षित रखने के लिए नेपाल में कोल्ड स्टोरेज भी कम है।
कस्टम हाउस एजेंट संतोष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि नेपाल में ऐसा कोई एसोसिएशन नहीं है जिससे भारत की सरकारी कंपनी टमाटर खरीद सके। नेपाल कालीमाटी सब्जी मंडी के कुछ थोक व्यापारी है, जो नेपाली टमाटर उपलब्ध करा रहे हैं। एजेंट मोहन ने बताया कि टमाटर भारत आयात होने के लिए तैयार है, लेकिन बुटवल से दो टन की गाड़ी नहीं मिल रही है।
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नेपाल के इन महानगरों को जा रहा टमाटर
नेपाल की सबसे बड़ी सब्जी मंडी कालीमाटी काठमांडो में स्थित है। जहां से पूरे नेपाल को टमाटर सहित अन्य सब्जियों और फल की सप्लाई की जाती है। इसके साथ ही नारायण घाट, पोखरा, दांग, धाढिंग, बुटवल, भैरहवा, कपिलवस्तु, नवलपरासी में भारत के नासिक और बंगलुरु से निर्यात हो रहा है।
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टमाटर निर्यात पर कभी रोक नहीं था
कस्टम अधीक्षक अरविंद कुमार ने बताया कि टमाटर निर्यात पर कभी रोक नहीं था। व्यापारी अपने सुविधा के अनुसार आयात और निर्यात करता है। वाहन आने पर जांच के बाद अनुमति दी जाती है।
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पहले समझौता किया रेट बढ़ा तो नहीं दे रहे टमाटर
महराजगंज। राष्ट्रीय उपभोक्ता सरकारी संघ (एनसीसीएफ) के अधिकारी टमाटर के लिए नेपाल के बुटवल में डेरा डाले हुए हैं। नेपाल से बीते सप्ताह हुए समझौते के अनुसार, 6 टन टमाटर सोनौली सीमा से और बाकी के 4 टन टमाटर उत्तराखंड के टनकपुर के रास्ते भारत को आयात होना था। जिसके लिए उपभोक्ता सरकारी संघ ने भदोही की एक कंपनी से करार किया है, लेकिन नेपाल में टमाटर के भाव बढ़ने से नेपाल के व्यापारी पूर्व के मूल्य के अनुसार टमाटर देने को तैयार नहीं है। इधर, भारत में टमाटर नेपाल के रेट से सस्ता हो गया है। जिससे टमाटर प्रतिदिन एक्सपोर्ट हो रहा है। अनुबंध के अनुसार टमाटर को 50 रुपये प्रति किलो दिया जाना था। रेट बढ़ा तो मुश्किल हो रही है।
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नेपाल में थोक 62 रुपये और खुदरा 90 रुपये प्रतिकिलो बिक रहा टमाटर, बीते माह थोक रेट 50 रुपये था
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। बीते माह नेपाल से टमाटर भारतीय मंडी में आ रहा था। अब उल्टी गंगा बहने लगी है। अब टमाटर भारत से नेपाल भेजा जा रहा है। रेट अंतर होने पर व्यापारी टमाटर भेजने लगे हैं। नेपाल में थोक रेट टमाटर 62 रुपये और खुदरा 90 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। जबकि भारत के बंगलुरु में 35 से 40 रुपए प्रति किलो टमाटर मिलने लगा है। बीते माह नेपाल में थोक रेट 50 रुपये प्रति किलो था।
खां ट्रेडर्स सोनौली के प्रोपराइटर रोशन खान ने बताया कि बंगलुरु में टमाटर का रेट कम होने से टमाटर के निर्यात में तेजी शुरू हो गई है। प्रतिदिन 20 से 40 टन टमाटर एक्सपोर्ट हो रहा है। पहले भारत में टमाटर महंगा होने पर पर नेपाल से टमाटर आ रहा था, लेकिन अब भारत से नेपाल अब टमाटर भेजा जा रहा है। 15 टन टमाटर नेपाल भेजा है। नेपाली टमाटर कम टिकाऊ होता है जिससे वह जल्दी खराब हो जाता है। टमाटर को सुरक्षित रखने के लिए नेपाल में कोल्ड स्टोरेज भी कम है।
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कस्टम हाउस एजेंट संतोष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि नेपाल में ऐसा कोई एसोसिएशन नहीं है जिससे भारत की सरकारी कंपनी टमाटर खरीद सके। नेपाल कालीमाटी सब्जी मंडी के कुछ थोक व्यापारी है, जो नेपाली टमाटर उपलब्ध करा रहे हैं। एजेंट मोहन ने बताया कि टमाटर भारत आयात होने के लिए तैयार है, लेकिन बुटवल से दो टन की गाड़ी नहीं मिल रही है।
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नेपाल के इन महानगरों को जा रहा टमाटर
नेपाल की सबसे बड़ी सब्जी मंडी कालीमाटी काठमांडो में स्थित है। जहां से पूरे नेपाल को टमाटर सहित अन्य सब्जियों और फल की सप्लाई की जाती है। इसके साथ ही नारायण घाट, पोखरा, दांग, धाढिंग, बुटवल, भैरहवा, कपिलवस्तु, नवलपरासी में भारत के नासिक और बंगलुरु से निर्यात हो रहा है।
टमाटर निर्यात पर कभी रोक नहीं था
कस्टम अधीक्षक अरविंद कुमार ने बताया कि टमाटर निर्यात पर कभी रोक नहीं था। व्यापारी अपने सुविधा के अनुसार आयात और निर्यात करता है। वाहन आने पर जांच के बाद अनुमति दी जाती है।
पहले समझौता किया रेट बढ़ा तो नहीं दे रहे टमाटर
महराजगंज। राष्ट्रीय उपभोक्ता सरकारी संघ (एनसीसीएफ) के अधिकारी टमाटर के लिए नेपाल के बुटवल में डेरा डाले हुए हैं। नेपाल से बीते सप्ताह हुए समझौते के अनुसार, 6 टन टमाटर सोनौली सीमा से और बाकी के 4 टन टमाटर उत्तराखंड के टनकपुर के रास्ते भारत को आयात होना था। जिसके लिए उपभोक्ता सरकारी संघ ने भदोही की एक कंपनी से करार किया है, लेकिन नेपाल में टमाटर के भाव बढ़ने से नेपाल के व्यापारी पूर्व के मूल्य के अनुसार टमाटर देने को तैयार नहीं है। इधर, भारत में टमाटर नेपाल के रेट से सस्ता हो गया है। जिससे टमाटर प्रतिदिन एक्सपोर्ट हो रहा है। अनुबंध के अनुसार टमाटर को 50 रुपये प्रति किलो दिया जाना था। रेट बढ़ा तो मुश्किल हो रही है।