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नेपाल के रास्ते मानसरोवर जाना हुआ महंगा, भारतीय पर्यटकों के लिए चीन ने बढ़ाया शुल्क
Thu, 21 Nov 2019 05:09 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महाराजगंज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महाराजगंज
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 21 Nov 2019 05:09 AM IST
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kailash mansarovar
नेपाल के रास्ते कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर जाने वाले भारतीय पर्यटकों के लिए चीन ने रेट में काफी बढ़ोतरी कर दी है। चीन के इस कदम से नेपाल का पर्यटन उद्योग भी चिंतित है।
नेपाल कैलाश मानसरोवर यात्रा संघ के अध्यक्ष नारायण पोखरेल ने बताया कि चीन से 780 अमेरिकन डालर प्रति व्यक्ति रेट बढ़ा दिया है। इसके पहले नेपाल पर्यटन से जुड़े लोग केरुग के रास्ते मानसरोवर के लिए 1.30 लाख रुपये, लहासा से 2.30 लाख और हुमला से 1.70 लाख रुपये देते थे, लेकिन अब चीन के नए रुख से केरुग के रास्ते 1.85 लाख, लहासा से 3.10 लाख, हुमला से 2.60 लाख रुपये देना होगा।
पोखरेल के अनुसार इस यात्रा के लिए चीन हर वर्ष 10 प्रतिशत रेट बढ़ाता था, लेकिन इस बार उसने 40 प्रतिशत वृद्धि कर दी है। भारत से हर वर्ष करीब 20 हजार यात्री नेपाल से इन तीन रास्तों से चीन होते हुए कैलाश मानसरोवर की यात्रा करते हैं।
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यात्रा की रकम ज्यादा होने से अब नेपाल के रास्ते जाने वाले भारतीय पर्यटकों में कमी आने के साथ ही नेपाल पर्यटन से जुड़े लोगों को नुकसान की आशंका सताने लगी है।
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नेपाल कैलाश मानसरोवर यात्रा संघ के अध्यक्ष नारायण पोखरेल ने बताया कि चीन से 780 अमेरिकन डालर प्रति व्यक्ति रेट बढ़ा दिया है। इसके पहले नेपाल पर्यटन से जुड़े लोग केरुग के रास्ते मानसरोवर के लिए 1.30 लाख रुपये, लहासा से 2.30 लाख और हुमला से 1.70 लाख रुपये देते थे, लेकिन अब चीन के नए रुख से केरुग के रास्ते 1.85 लाख, लहासा से 3.10 लाख, हुमला से 2.60 लाख रुपये देना होगा।
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पोखरेल के अनुसार इस यात्रा के लिए चीन हर वर्ष 10 प्रतिशत रेट बढ़ाता था, लेकिन इस बार उसने 40 प्रतिशत वृद्धि कर दी है। भारत से हर वर्ष करीब 20 हजार यात्री नेपाल से इन तीन रास्तों से चीन होते हुए कैलाश मानसरोवर की यात्रा करते हैं।
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यात्रा की रकम ज्यादा होने से अब नेपाल के रास्ते जाने वाले भारतीय पर्यटकों में कमी आने के साथ ही नेपाल पर्यटन से जुड़े लोगों को नुकसान की आशंका सताने लगी है।