फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Maharajganj News ›   nepaal mein bhooskhalan se phanseen khaady saamagree ladeen gaadiyaan

नेपाल में भूस्खलन से रास्ते में फंसी खाद्य सामग्री लदीं गाड़ियां

Tue, 06 Jul 2021 11:51 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 06 Jul 2021 11:51 PM IST
विज्ञापन
nepaal mein bhooskhalan se phanseen khaady saamagree ladeen gaadiyaan
नेपाल में भूस्खलन से फंसीं खाद्य सामग्री लदीं गाड़ियां
विज्ञापन

महराजगंज। नेपाल में शुक्रवार से लगातार हो रहे भूस्खलन से मंगलवार पांचवें दिन भी राहत नहीं मिली। जगह-जगह भूस्खलन से सोनौली से काठमांडू राष्ट्रीय राजमार्ग अवरुद्ध हो गया है। इससे राजधानी काठमांडू और पोखरा में ईंधन, गैस, फल सब्जी और खाद्यान्न की आपूर्ति लड़खड़ा गई है। दो से तीन दिन तक वाहनों के फंसे रहने से खाद्य सामग्री, सब्जियां, फल, पेट्रोलियम उत्पाद व अन्य सामान की आपूर्ति में देरी से काठमांडू और पोखरा सहित हिमालय के जिलों में फल-सब्जी के दाम बढ़ गए हैं।
नेपाल में मानसून की शुरुआत के बाद चितवन जिले के नारायणगढ़ से मुगलिक और पृथ्वी हाईवे को जोड़ने वाली सड़क के कई इलाकों में भूस्खलन होने से मार्ग अवरुद्ध है। सड़क को मलवा हटाने में दो से तीन दिनों तक का समय लगता है। इससे आवागमन में भारी परेशानी होती है। शुक्रवार को मुगलिक-नारायणगढ़ मार्ग अवरुद्ध होने से काठमांडू की आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित हो गई। सोनौली ट्रांसपोर्ट एवं एजेंट संघ के अध्यक्ष सुरेश मणि त्रिपाठी ने बताया कि जाम में गाड़ियां के फंसने से व्यापारियों के कच्चे माल गाड़ी में ही सड़ गए। वापसी में भारतीय वाहनों से 72 घंटे की सुविधा के बाद नेपाल भंसार पेनाल्टी अलग से लगा रहा है। चार दिन से भारतीय ट्रक मुगलिक सहित नेपाल के कई जिलों में फंसे हैं। नेपाल के फेडरेशन ऑफ नेपाल ट्रेकिंग संघ के अध्यक्ष राजेंद्र श्रेष्ठ ने बताया कि प्रमुख सीमा शुल्क चौकियों और औद्योगिक क्षेत्रों से ट्रकों को गंतव्य तक पहुंचने में 5 दिन तक का समय लगता है। बाढ़ और भूस्खलन के कारण गंतव्य तक पहुंचने में 15 दिन लग रहे हैं।
विज्ञापन

पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति भी प्रभावित
काठमांडू में माल परिवहन के लिए मुगलिक नारायणगढ़ रोड मुख्य सड़क है। बागमती प्रांतीय डिपो कार्यालय, थंनकोट के अनुसार भूस्खलन से पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति प्रभावित हुई है। डिपो के वरिष्ठ सहायक कपिल भट्ट ने बताया कि सामान्य परिस्थितियों में पेट्रोल के 25 से 30 टैंकर और डीजल के 30 से 35 टैंकर रोजाना थन कोट पहुंचते हैं। रविवार को पेट्रोल के 15 टैंकर और डीजल के 17 टैंकर डिपो में पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि शुक्रवार, शनिवार और रविवार को परिवहन में लगातार व्यवधान आया और सोमवार को कुछ सुधार हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन

फल और सब्जियों के कारोबार पर असर
काली माटी फल एवं सब्जी मंडी विकास समिति के अनुसार नारायणगढ़-मुगलिन मार्ग बंद होने से चितवन, तराई जिलों और भारत से सब्जियों और फलों की आपूर्ति बाधित है। समिति के सूचना अधिकारी विनय श्रेष्ठ ने बताया कि भूस्खलन के कारण काठमांडू में प्रवेश करने वाली सब्जियों में करीब 200 मीट्रिक टन की कमी आई है। उन्होंने कहा कि 600 से 750 मीट्रिक टन फल-सब्जी के आयात की दैनिक आवश्यकता घटकर 400 मीट्रिक टन रह गई है। व्यापारियों का कहना है कि भूस्खलन के बाद सड़क जाम होने से हरी सब्जियां ले जा रहे ट्रक तीन-चार दिन सड़क पर रुके रहे और कई सब्जियां सड़ गईं। सूचना अधिकारी का कहना है कि इसके परिणामस्वरूप मौसमी हरी सब्जियों के दाम बढ़ गए हैं।

खाद्य सामग्री आपूर्ति में हो रही देरी
नेपाल किराना उद्यमी एसोसिएशन के अध्यक्ष देवेंद्र भक्त श्रेष्ठ ने कहा कि बाजार में पर्याप्त आपूर्ति होने से कोई कमी नहीं है, जो खाद्य सामग्री एक सप्ताह में आती थी वह 10 दिन में हाईवे पर जाम लगने से आ रही है। मुगलिक-नारायणगढ़ मार्ग पर भूस्खलन से न केवल घाटी बल्कि पहाड़ी जिलों गंडकी और बागमती में भी आपूर्ति की समस्या उत्पन्न हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed