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Basti News:100 वर्षों से जंगलों में उपेक्षित थे, मुख्यमंत्री की वजह से ध्वजारोहण के लिए आए
Sat, 27 Jan 2024 10:53 AM IST
रोहित शर्मा
अमर उजाला, बस्ती
अमर उजाला, बस्ती
Published by: रोहित शर्मा
Updated Sat, 27 Jan 2024 10:53 AM IST
सार
गोरखपुर के वनटांगिया गांव से गए वनटांगिया जनजाति समुदाय के लोगों ने कप्तानगंज स्थित इंदिरा चैरिटेबल सोसाइटी के केंद्रीय कार्यालय इंदिरा भवन पर ध्वजारोहण किया। 2017 में योगी मुख्यमंत्री बने तो उन्होंने बनटांगिया गांव को राजस्व ग्राम घोषित कर उन्हें अधिकार दिलाया।
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इंदिरा चैरिटेबल सोसाइटी के केंद्रीय कार्यालय में धव्जारोहण करते वनटांगिया समुदाय के लोग
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गोरखपुर में गोद लिए वनटांगिया गांव, तिकोनिया नंबर तीन के वनटांगिया जनजाति समुदाय की तरफ से महाराजगंज में धव्जारोहण किया गया। कप्तानगंज स्थित इंदिरा चैरिटेबल सोसाइटी के केंद्रीय कार्यालय इंदिरा भवन पर समुदाय के लोगों को मुख्य अतिथि बनाकर उनसे ध्वजारोहण करवाया गया।
समारोह में मुख्य अतिथि राम गणेश की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। कहा कि पहली बार किसी बड़ी संस्था ने ध्वजारोहण के लिए हम वनटांगिया समुदाय को आमंत्रित किया है। 100 साल तक जंगलों के बीच में उपेक्षित रहे वनग्रामों के निवासियों को समाज व विकास की मुख्य धारा में लाने का श्रेय मुख्यमंत्री को जाता है।
कहा, इन वर्षों तक उपेक्षित रहे वनटांगियों को भारतीय गणतंत्र के नागरिक के रूप में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहचान दिलाई। ब्रिटिश हुकूमत में 1918 के आसपास साखू के जंगलों को लगाने वाले इन लोगों की पहचान आजाद भारत में भी राजस्व अभिलेखों में दर्ज ही नहीं थी। 2017 में योगी मुख्यमंत्री बनें तो उन्होंने वटांगिया गांव को राजस्व ग्राम घोषित कर उन्हें अधिकार दिलाया। और उन्हें समाज और विकास की मुख्य धारा से जोड़ दिया। वनटांगिया समुदाय के लोगों के प्रति मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का उनके संसदीय कार्यकाल से ही विशेष लगाव रहा है।
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बतौर सांसद उन्होंने वनटागियों की बदहाली दूर करने के लिए निजी तौर पर शिक्षा व स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की पहल की। वनटागियों की शिक्षा के लिए अस्थाई स्कूल बनाने की कवायद में योगी मुकदमा तक झेल चुके हैं। सांसद के रूप में उनके बीच की दीपावली मनाना शुरू किया जो उनके मुख्यमंत्री बनने के बाद भी जारी है। इस गांव के राम गणेश स्वतंत्रता दिवस पर दिल्ली में होने वाले राष्ट्रीय समारोह में बतौर विशेष अतिथि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में लाल किले पर अपने समुदाय की नुमाइंदगी कर चुके हैं और वनाधिकार समिति के सदस्य भी हैं।
समारोह में मुख्य अतिथि राम गणेश की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। कहा कि पहली बार किसी बड़ी संस्था ने ध्वजारोहण के लिए हम वनटांगिया समुदाय को आमंत्रित किया है। 100 साल तक जंगलों के बीच में उपेक्षित रहे वनग्रामों के निवासियों को समाज व विकास की मुख्य धारा में लाने का श्रेय मुख्यमंत्री को जाता है।
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कहा, इन वर्षों तक उपेक्षित रहे वनटांगियों को भारतीय गणतंत्र के नागरिक के रूप में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहचान दिलाई। ब्रिटिश हुकूमत में 1918 के आसपास साखू के जंगलों को लगाने वाले इन लोगों की पहचान आजाद भारत में भी राजस्व अभिलेखों में दर्ज ही नहीं थी। 2017 में योगी मुख्यमंत्री बनें तो उन्होंने वटांगिया गांव को राजस्व ग्राम घोषित कर उन्हें अधिकार दिलाया। और उन्हें समाज और विकास की मुख्य धारा से जोड़ दिया। वनटांगिया समुदाय के लोगों के प्रति मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का उनके संसदीय कार्यकाल से ही विशेष लगाव रहा है।
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बतौर सांसद उन्होंने वनटागियों की बदहाली दूर करने के लिए निजी तौर पर शिक्षा व स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की पहल की। वनटागियों की शिक्षा के लिए अस्थाई स्कूल बनाने की कवायद में योगी मुकदमा तक झेल चुके हैं। सांसद के रूप में उनके बीच की दीपावली मनाना शुरू किया जो उनके मुख्यमंत्री बनने के बाद भी जारी है। इस गांव के राम गणेश स्वतंत्रता दिवस पर दिल्ली में होने वाले राष्ट्रीय समारोह में बतौर विशेष अतिथि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में लाल किले पर अपने समुदाय की नुमाइंदगी कर चुके हैं और वनाधिकार समिति के सदस्य भी हैं।
वनवासी लक्ष्मीना देवी सम्मान से गदगद होकर कहती हैं कि यह सब मुख्यमंत्री का आशीर्वाद है। संस्था द्वारा वनवासियों को तिलक लगाकर माला और पगड़ी पहनकर सम्मानति किया गया। मुख्य अतिथि को प्रशस्ति पत्र, और सभी वनवासियों को अंग वस्त्र, मिठाई, फल, कंबल,वस्त्र देखकर उनका सम्मान किया गया।
सीईओ अजय पांडेय ने बताया कि संस्था प्रदेश के सभी अनुसूचित जनजाति और वन ग्रामों के निवासियों को समाज और विकास के मुख्य धारा में लाने के लिए अपने कार्ययोजना पर कार्य कर रही है।
सीईओ अजय पांडेय ने बताया कि संस्था प्रदेश के सभी अनुसूचित जनजाति और वन ग्रामों के निवासियों को समाज और विकास के मुख्य धारा में लाने के लिए अपने कार्ययोजना पर कार्य कर रही है।