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मनरेगा : ऑनलाइन हाजिरी 101 की, काम करते मिले 11
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ग्राम सभा बलुआभार कागजों में 101 मजदूर मौके पर 11 मिले।
ग्राम सभा बैरिया में 51 मजदूरों की ऑनलाइन हाजिरी लगाई गई थी लेकिन मौके पर एक भी मजदूर नहीं मिला
ग्राम सभा महादेवा उर्फ बलुआभार में भी ऑनलाइन हाजिरी में मजदूरों की दिखाई गई अधिक संख्या
महराजगंज। वीबी-जी राम जी (मनरेगा) के तहत हुए कार्यों को लेकर धांधली की बात अक्सर सामने आती रहती है। अब हाजिरी में खेल करके रकम के बंदरबांट करने की कोशिश का मामला सामने आया है। शुक्रवार को कार्यस्थल की पड़ताल करने पर पोर्टल पर दर्शाए गए मजदूरों की संख्या और जमीनी हकीकत में बहुत अंतर मिला।
मनरेगा के तहत हो रहे कार्याें की पड़ताल करने में जिम्मेदारों की लापरवाही सामने आ रही है। शुक्रवार को परतावल क्षेत्र में कई गांवों का भ्रमण करने पर बैरिया गांव के सिवान में काम होने की जानकारी मिली। सबसे पहले पोर्टल पर मजदूरों की संख्या के बारे में जानकारी ली गई। इसके बाद मौके पर पड़ताल की गई तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। दर्ज संख्या और असल संख्या में अधिक अंतर दिखा।
परतावल से सात किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम सभा बैरिया में मसूद के खेत से धर्मदेव के खेत तक चकमार्ग पर मिट्टी कार्य कराया जा रहा है। हरपुर तिवारी से नहर की बाईं पटरी होते हुए टीम बैरिया पहुंची। यहां गांव में अलीशेर से मुलाकात हुई। उनसे कार्यस्थल के बारे में जानकारी ली गई। मिट्टी भराई के लिए 51 मजदूरों की ऑनलाइन हाजिरी लगाई गई थी लेकिन मौके पर एक भी मजदूर नहीं मिला। चकमार्ग पर मिट्टी भराई का कार्य हुआ था। वहीं मिले एक युवक ने बताया कि दो-तीन दिन पहले यहां कार्य कराने के दौरान 15-20 मजदूर काम कर रहे थे।
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यही हाल ग्राम सभा महादेवा उर्फ बलुआभार में भी देखने को मिला। परतावल ब्लॉक से 13 किमी दूर स्थित इस गांव में पुरुषोत्तम के खेत से मठिया सिवान तक मिट्टी कार्य कराया जा रहा था। श्यामदेउरवां बड़हरा बरईपार होते हुए टीम उक्त गांव में पहुंची तो नूर मोहम्मद मिले। उन्होंने कार्यस्थल की जानकारी दी और बताया कि दो दिन से कार्य हो रहा है और यहां 30-40 मजदूर काम कर रहे हैं। शुक्रवार को मौके पर 11 मजदूर काम करते हुए पाए गए जबकि 101 मजदूरों की ऑनलाइन हाजिरी लगाई गई है। लोगों ने भी कहा कि नियम कानून का पेंच फंसा कर सरकारी रकम का बंदरबांट किया जा रहा है। शिकायत होने के बाद ही जिम्मेदारों की नींद खुलती है। सूत्र बताते हैं कि लगाई जा रही हाजिरी में मजदूरों की संख्या के अनुपात में कितना घन मीटर मिट्टी कार्य कराया गया, अगर इसकी जांच हो तो फर्जीवाड़ा सामने आ जाएगा।
कोट
चकरोड पर काम हुआ है लेकिन शुक्रवार को मौके पर कोई मजदूर नहीं था। अब इसमें खेल क्या हो रहा है, इसकी जानकारी तो जिम्मेदार ही दे पाएंगे।
-निवासी गुफरान, बैरिया
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गांव के सिवान में चकरोड पर काम तो हुआ है लेकिन मौके पर मजदूरों की संख्या कम रही। वैसे भी पूरी पारदर्शिता के साथ काम नहीं होता है। इसे लेकर जिम्मेदार बेखबर है।
-शेख मोहम्मद, बलुआभार
वर्जन
कहीं भी गड़बड़ी की शिकायत मिलेगी तो नियमानुसार जांच की जाएगी। पुराने मामले में जांच-पड़ताल कराई जा रही है। नियम के विपरीत कहीं भी कुछ मिला तो हर हाल में कार्रवाई की जाएगी।
-महेंद्र कुमार सिंह, मुख्य विकास अधिकारी
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ग्राम सभा महादेवा उर्फ बलुआभार में भी ऑनलाइन हाजिरी में मजदूरों की दिखाई गई अधिक संख्या
महराजगंज। वीबी-जी राम जी (मनरेगा) के तहत हुए कार्यों को लेकर धांधली की बात अक्सर सामने आती रहती है। अब हाजिरी में खेल करके रकम के बंदरबांट करने की कोशिश का मामला सामने आया है। शुक्रवार को कार्यस्थल की पड़ताल करने पर पोर्टल पर दर्शाए गए मजदूरों की संख्या और जमीनी हकीकत में बहुत अंतर मिला।
मनरेगा के तहत हो रहे कार्याें की पड़ताल करने में जिम्मेदारों की लापरवाही सामने आ रही है। शुक्रवार को परतावल क्षेत्र में कई गांवों का भ्रमण करने पर बैरिया गांव के सिवान में काम होने की जानकारी मिली। सबसे पहले पोर्टल पर मजदूरों की संख्या के बारे में जानकारी ली गई। इसके बाद मौके पर पड़ताल की गई तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। दर्ज संख्या और असल संख्या में अधिक अंतर दिखा।
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परतावल से सात किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम सभा बैरिया में मसूद के खेत से धर्मदेव के खेत तक चकमार्ग पर मिट्टी कार्य कराया जा रहा है। हरपुर तिवारी से नहर की बाईं पटरी होते हुए टीम बैरिया पहुंची। यहां गांव में अलीशेर से मुलाकात हुई। उनसे कार्यस्थल के बारे में जानकारी ली गई। मिट्टी भराई के लिए 51 मजदूरों की ऑनलाइन हाजिरी लगाई गई थी लेकिन मौके पर एक भी मजदूर नहीं मिला। चकमार्ग पर मिट्टी भराई का कार्य हुआ था। वहीं मिले एक युवक ने बताया कि दो-तीन दिन पहले यहां कार्य कराने के दौरान 15-20 मजदूर काम कर रहे थे।
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यही हाल ग्राम सभा महादेवा उर्फ बलुआभार में भी देखने को मिला। परतावल ब्लॉक से 13 किमी दूर स्थित इस गांव में पुरुषोत्तम के खेत से मठिया सिवान तक मिट्टी कार्य कराया जा रहा था। श्यामदेउरवां बड़हरा बरईपार होते हुए टीम उक्त गांव में पहुंची तो नूर मोहम्मद मिले। उन्होंने कार्यस्थल की जानकारी दी और बताया कि दो दिन से कार्य हो रहा है और यहां 30-40 मजदूर काम कर रहे हैं। शुक्रवार को मौके पर 11 मजदूर काम करते हुए पाए गए जबकि 101 मजदूरों की ऑनलाइन हाजिरी लगाई गई है। लोगों ने भी कहा कि नियम कानून का पेंच फंसा कर सरकारी रकम का बंदरबांट किया जा रहा है। शिकायत होने के बाद ही जिम्मेदारों की नींद खुलती है। सूत्र बताते हैं कि लगाई जा रही हाजिरी में मजदूरों की संख्या के अनुपात में कितना घन मीटर मिट्टी कार्य कराया गया, अगर इसकी जांच हो तो फर्जीवाड़ा सामने आ जाएगा।
कोट
चकरोड पर काम हुआ है लेकिन शुक्रवार को मौके पर कोई मजदूर नहीं था। अब इसमें खेल क्या हो रहा है, इसकी जानकारी तो जिम्मेदार ही दे पाएंगे।
-निवासी गुफरान, बैरिया
गांव के सिवान में चकरोड पर काम तो हुआ है लेकिन मौके पर मजदूरों की संख्या कम रही। वैसे भी पूरी पारदर्शिता के साथ काम नहीं होता है। इसे लेकर जिम्मेदार बेखबर है।
-शेख मोहम्मद, बलुआभार
वर्जन
कहीं भी गड़बड़ी की शिकायत मिलेगी तो नियमानुसार जांच की जाएगी। पुराने मामले में जांच-पड़ताल कराई जा रही है। नियम के विपरीत कहीं भी कुछ मिला तो हर हाल में कार्रवाई की जाएगी।
-महेंद्र कुमार सिंह, मुख्य विकास अधिकारी