{"_id":"62489c5342518818d07f9eb2","slug":"mission-indradhanush-help-to-save-life-maharajganj-news-gkp431988296","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्वास्थ्य अभियान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्वास्थ्य अभियान
विज्ञापन
बच्चों को बीमारियों से बचाने में मददगार बनेगा मिशन इंद्र धनुष
महराजगंज। नवजात से दो वर्ष तक के बच्चों तथा गर्भवती को मिशन इंद्रधनुष के तहत गंभीर बीमारियों से बचाव के लिए टीका लगाया जाता है। कोरोना महामारी के दौरान तमाम प्रयास के बावजूद बड़ी संख्या में बच्चे नियमित टीकाकरण अभियान से वंचित रह गए हैं। विशेषज्ञ कहते हैं कि बच्चों के लिए निर्धारित टीकाकरण से न सिर्फ संबधित बीमारी से बचाव होता है, बल्कि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से 4 अप्रैल से शुरू हो रहे नियमित टीकाकरण अभियान को लेकर डॉक्टरों का कहना है कि पहले साल में बच्चों को लगने वाले टीके समय से लगना बेहद जरूरी है। नियमित टीकाकरण न होने से बच्चों के स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है। टीकाकरण के कुल 1953 सत्र आयोजित किए जाएंगे। 300 एएनएम, 2134 आशा तथा 1,316 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को लगाया जाएगा। पर्यवेक्षण के लिए 113 सुपरवाइजर भी लगेंगे। जिले के 13 सीएचसी पर नवजात से दो वर्ष के 12,232 बच्चे एवं 2,876 गर्भवती महिलाओं को टीका लगाया जाएगा।
कोविड-19 संक्रमण के दौरान या अन्य कारणों से जो बच्चे व गर्भवती नियमित टीकाकरण से वंचित रह गए हैं, उन सभी के टीकाकरण के लिए शासन ने ही सघन मिशन इंद्रधनुष की गतिविधियां संचालित की है। टीकाकरण से बच्चों में क्रॉस इम्युनिटी विकसित होती है और कोरोना जैसे संक्रमण से भी बचाव होता है। विशेषज्ञों के अनुसार फिलहाल 12 वर्ष तक की आयु वाले बच्चों के लिए कोविड से बचाव का टीका नहीं आया है।
विज्ञापन
एक सप्ताह का विशेष अभियान 4 अप्रैल से चलाया जाएगा। जिससे नियमित टीकाकरण से छूटे बच्चों का टीकाकरण किया जा सके। टीका लगने से बच्चों के अंदर रोगों और बैक्टीरिया से लड़ने की क्षमता बढ़ती है। ऐसे में 12 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए नियमित टीकाकरण बेहद जरूरी है।
- डॉ. आईए अंसारी, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी
बच्चों का सामान्य रूप से होने वाला टीकाकरण उनको कुछ विशेष बीमारियों से बचाता है। लेकिन इससे बच्चों में क्रॉस इम्युनिटी भी विकसित होती है। जो अन्य बैक्टीरिया जनित रोगों से लड़ने में कारगर साबित होती है।
-डॉ.विशाल चौधरी, बाल रोग विशेषज्ञ
अभियान में लगेंगे यह टीके
सघन मिशन इंद्रधनुष अभियान में जन्म के समय बीसीजी, पोलियो और हेपेटाइटिस बी, नवजात से दो वर्ष तक के बच्चों को पेंटावैलेंट, रोटा वायरस, ओपीवी, रोटा वैक्सीन, आईपीवी, मिजिल्स रूबेला , विटाविन.ए, डीपीटी बूस्टर डोज, जेई बूस्टर डोज और डीपीटी बूस्टर ओपीवी, पीसीवी के टीके लगाए जाएंगे। इसके अलावा अभियान में गर्भवती को टीडी का टीका लगाया जाएगा।
विज्ञापन
महराजगंज। नवजात से दो वर्ष तक के बच्चों तथा गर्भवती को मिशन इंद्रधनुष के तहत गंभीर बीमारियों से बचाव के लिए टीका लगाया जाता है। कोरोना महामारी के दौरान तमाम प्रयास के बावजूद बड़ी संख्या में बच्चे नियमित टीकाकरण अभियान से वंचित रह गए हैं। विशेषज्ञ कहते हैं कि बच्चों के लिए निर्धारित टीकाकरण से न सिर्फ संबधित बीमारी से बचाव होता है, बल्कि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से 4 अप्रैल से शुरू हो रहे नियमित टीकाकरण अभियान को लेकर डॉक्टरों का कहना है कि पहले साल में बच्चों को लगने वाले टीके समय से लगना बेहद जरूरी है। नियमित टीकाकरण न होने से बच्चों के स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है। टीकाकरण के कुल 1953 सत्र आयोजित किए जाएंगे। 300 एएनएम, 2134 आशा तथा 1,316 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को लगाया जाएगा। पर्यवेक्षण के लिए 113 सुपरवाइजर भी लगेंगे। जिले के 13 सीएचसी पर नवजात से दो वर्ष के 12,232 बच्चे एवं 2,876 गर्भवती महिलाओं को टीका लगाया जाएगा।
विज्ञापन
कोविड-19 संक्रमण के दौरान या अन्य कारणों से जो बच्चे व गर्भवती नियमित टीकाकरण से वंचित रह गए हैं, उन सभी के टीकाकरण के लिए शासन ने ही सघन मिशन इंद्रधनुष की गतिविधियां संचालित की है। टीकाकरण से बच्चों में क्रॉस इम्युनिटी विकसित होती है और कोरोना जैसे संक्रमण से भी बचाव होता है। विशेषज्ञों के अनुसार फिलहाल 12 वर्ष तक की आयु वाले बच्चों के लिए कोविड से बचाव का टीका नहीं आया है।
विज्ञापन
एक सप्ताह का विशेष अभियान 4 अप्रैल से चलाया जाएगा। जिससे नियमित टीकाकरण से छूटे बच्चों का टीकाकरण किया जा सके। टीका लगने से बच्चों के अंदर रोगों और बैक्टीरिया से लड़ने की क्षमता बढ़ती है। ऐसे में 12 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए नियमित टीकाकरण बेहद जरूरी है।
- डॉ. आईए अंसारी, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी
बच्चों का सामान्य रूप से होने वाला टीकाकरण उनको कुछ विशेष बीमारियों से बचाता है। लेकिन इससे बच्चों में क्रॉस इम्युनिटी भी विकसित होती है। जो अन्य बैक्टीरिया जनित रोगों से लड़ने में कारगर साबित होती है।
-डॉ.विशाल चौधरी, बाल रोग विशेषज्ञ
अभियान में लगेंगे यह टीके
सघन मिशन इंद्रधनुष अभियान में जन्म के समय बीसीजी, पोलियो और हेपेटाइटिस बी, नवजात से दो वर्ष तक के बच्चों को पेंटावैलेंट, रोटा वायरस, ओपीवी, रोटा वैक्सीन, आईपीवी, मिजिल्स रूबेला , विटाविन.ए, डीपीटी बूस्टर डोज, जेई बूस्टर डोज और डीपीटी बूस्टर ओपीवी, पीसीवी के टीके लगाए जाएंगे। इसके अलावा अभियान में गर्भवती को टीडी का टीका लगाया जाएगा।