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Maharajganj News: परिवार नियोजन की भागीदारी में पुरुष फिसड्डी
Wed, 19 Jun 2024 04:56 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Wed, 19 Jun 2024 04:56 AM IST
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महराजगंज। जिले में परिवार नियोजन की भागीदारी में पुरुष फिसड्डी हैं। पांच वर्षों के आंकड़ों में यह खुलासा हुआ है। कुल नसबंदी में 99 प्रतिशत से ज्यादा महिलाओं की हिस्सेदारी है। जबकि पुरुष एक प्रतिशत का आंकड़ा भी नहीं छू पाए हैं।
भारत नेपाल की सरहद से सटे जिले में जिस तरह से महिलाएं अब हर क्षेत्र में पुरुषों से आगे निकलती जा रही हैं उसी तरह परिवार नियोजन का जिम्मा भी अपने कंधों पर ले लिया है। जिले में परिवार नियोजन की भागीदारी में पुरुष फिसड्डी हैं। स्वास्थ्य विभाग के पिछले पांच वर्षों के आंकड़ों पर गौर करें तो 2018 में अप्रैल से लेकर मार्च 2019 तक जिले में जहां महज 22 पुरुषों ने नसबंदी कराया था। वहीं 6172 महिलाओं ने नसबंदी कराया। जबकि सत्र 2019-20 में जहां 65 पुरुषों ने नसबंदी कराया वहीं 6265 महिलाओं ने नसबंदी कराया था।
इसी तरह सत्र 2020-21 में नसबंदी कराने वालों में 27 पुरुष और 7780 महिलाएं शामिल रहीं। सत्र 2021-22 में नसबंदी कराने वालों में 94 पुरुष जबकि 6598 महिलाएं शामिल रहीं। सत्र 2022-23 में नसबंदी कराने वालों में 38 पुरुष और 4978 महिलाएं शामिल रहीं। वहीं अप्रैल 2023 से महिला नसबंदी कराने वालों में 81 पुरुष और 2181 महिलाओं की नसबंदी हुई है।
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इस तरह से इन पांच वर्षों में कुल 34301 नसबंदी ऑपरेशन हुए हैं। इनमें से 33974 महिलाओं ने कराए हैं। जबकि महज 327 पुरुषों ने कराए हैं। तकनीक उपलब्ध होने के बाद भी परिवार नियोजन का भार महिलाएं ही ज्यादा उठा रही हैं। जिला परिवार नियोजन लॉजिस्ट प्रबंधक मुकेश कुमार त्रिपाठी ने कहा कि बीते चार सत्रों के मुताबिक इस वर्ष नसबंदी कराने के मामले में पुरुषों की संख्या बढ़ रही है।
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भारत नेपाल की सरहद से सटे जिले में जिस तरह से महिलाएं अब हर क्षेत्र में पुरुषों से आगे निकलती जा रही हैं उसी तरह परिवार नियोजन का जिम्मा भी अपने कंधों पर ले लिया है। जिले में परिवार नियोजन की भागीदारी में पुरुष फिसड्डी हैं। स्वास्थ्य विभाग के पिछले पांच वर्षों के आंकड़ों पर गौर करें तो 2018 में अप्रैल से लेकर मार्च 2019 तक जिले में जहां महज 22 पुरुषों ने नसबंदी कराया था। वहीं 6172 महिलाओं ने नसबंदी कराया। जबकि सत्र 2019-20 में जहां 65 पुरुषों ने नसबंदी कराया वहीं 6265 महिलाओं ने नसबंदी कराया था।
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इसी तरह सत्र 2020-21 में नसबंदी कराने वालों में 27 पुरुष और 7780 महिलाएं शामिल रहीं। सत्र 2021-22 में नसबंदी कराने वालों में 94 पुरुष जबकि 6598 महिलाएं शामिल रहीं। सत्र 2022-23 में नसबंदी कराने वालों में 38 पुरुष और 4978 महिलाएं शामिल रहीं। वहीं अप्रैल 2023 से महिला नसबंदी कराने वालों में 81 पुरुष और 2181 महिलाओं की नसबंदी हुई है।
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इस तरह से इन पांच वर्षों में कुल 34301 नसबंदी ऑपरेशन हुए हैं। इनमें से 33974 महिलाओं ने कराए हैं। जबकि महज 327 पुरुषों ने कराए हैं। तकनीक उपलब्ध होने के बाद भी परिवार नियोजन का भार महिलाएं ही ज्यादा उठा रही हैं। जिला परिवार नियोजन लॉजिस्ट प्रबंधक मुकेश कुमार त्रिपाठी ने कहा कि बीते चार सत्रों के मुताबिक इस वर्ष नसबंदी कराने के मामले में पुरुषों की संख्या बढ़ रही है।