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स्वास्थ्य

Wed, 05 Jan 2022 12:19 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 05 Jan 2022 12:19 AM IST
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Mahila Hospital Badhal
महिला अस्पताल : ऑपरेशन थियेटर में धूल फांक रहे हैं उपकरण
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महराजगंज। जनपद में स्वास्थ्य सुविधाएं बदहाल हैं। सीएचसी एवं पीएचसी की बात तो दूर, महिला अस्पताल में भी मरीजों को सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। यहां संसाधन धूल फांक रहे हैं। अस्पताल में न तो एक्स-रे मशीन है, न ही टेक्नीशियन की तैनाती है। ऑपरेशन थियेटर में सभी सुविधाएं हैं तो हैं पर वे संचालित नहीं हैं। जिला अस्पताल में प्रसूताओं का ऑपरेशन होता है। अन्य सुविधाओं का लाभ भी महिलाओं को नहीं मिल पा रहा है।
महिला अस्पताल में मानक के सापेक्ष स्टाफ की तैनाती भी नहीं है। यही कारण है कि यहां उपलब्ध संसाधनों का भरपूर उपयोग नहीं हो पा रहा है। जिला अस्पताल के भरोसे महिलाओं के इलाज की व्यवस्था है। 100 बेड के महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन है, लेकिन इसे संचालित करने वाला कोई नहीं है। छह फार्मासिस्ट और एक ओटी टेक्नीशियन की तैनाती है। इसके अलावा ओपीडी के लिए स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अरुण कुमार सिंह, डॉ. शालिनी वर्मा, डॉ. उर्वशी राय की तैनाती है। इन्हीं के भरोसे अस्पताल की व्यवस्था चल रही है। यहां आने वाली महिलाओं को अल्ट्रासाउंड और जरूरत पड़ने पर आपरेशन के लिए जिला अस्पताल भेजा जाता है। यहां के लगे उपकरणों पर धूल की परत जमी है।
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अस्पताल में रिक्त पद
महिला अस्पताल में मेडिकल सुपरिटेंडेंट, स्त्री रोग विशेषज्ञ दो, बाल रोग विशेषज्ञ तीन, निश्चेतक तीन, ईएमओ छह, पैथालॉजिस्ट एक, रेडियोलाजिस्ट एक, प्रशासनिक अधिकारी एक, कनिष्ठ लिपिक दो की जगह रिक्त है। जैसे-तैसे महिला अस्पताल को संचालित किया जा रहा है।
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नहीं मिलती बेहतर इलाज की सुविधा
राजीव नगर मोहल्ले की जय कसौधन कहती हैं कि महिला अस्पताल सिर्फ कहने के लिए संचालित कर दिया गया। यहां बेहतर सुविधा नहीं मिलने से निजी अस्पतालों में इलाज कराना पड़ता है। बागपार गांव की सुनीता ने बताया कि अस्पताल में स्टाफ पूरा रहता तो सुविधा भी बेहतर मिलती। उपकरण रहने से क्या होगा, जब उसे चलाने वाला ही नहीं है। चौक बाजार की सत्यवती ने बताया कि जांच के लिए जिला अस्पताल में जाना पड़ा। क्योंकि महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन चलाने वाला कोई नहीं है।

महिला अस्पताल को संचालित कर दिया गया है। यहां जो भी संसाधन उपलब्ध हैं, उसमें बेहतर सुविधा देने की कोशिश की जा रही है। ज्यादा जरूरत पड़ने पर जिला अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों का सहयोग लिया जाता है।
-डॉ. एके राय, सीएमएस, जिला अस्पताल
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