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लंपी स्किन डिजीज : जिले को मिले 30 हजार टीके
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लंपी स्किन डिजीज : जिले को मिले 30 हजार टीके
महराजगंज। जिले में चिह्नित 69,102 गोवंशीय पशुओं को लंपी स्किन डिजीज से बचाने के लिए टीका लगाया जाएगा। जिले के सभी 12 ब्लॉकों में पशुओं के टीकाकरण के लिए कुल 19 टीमों को जिम्मेदारी दी गई है। टीम में शामिल पशु चिकित्सालय से जुड़े तीन से पांच जिम्मेदार ग्रामीण क्षेत्र में पहुंचकर टीकाकरण में भूमिका निभाएंगे। जिले को 30 हजार गॉट पॉक्स टीका मिल चुका है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में फैली लंपी बीमारी से बचाव के लिए पूरे प्रदेश में पहल की जा रही है। पशुपालन निदेशालय की ओर से गोवंशीय पशुओं को टीका लगाने के लिए 30 हजार टीका उपलब्ध कराया गया है। प्रतिदिन लगभग 1500 पशुओं के टीकाकरण की योजना है। अभी भी जिले को 39 हजार टीके की आवश्यकता है, जिसकी मांग की गई है।
जिले के फरेंदा, नौतनवां, निचलौल, परतावल, सदर, घुघली व पनियरा में दो-दो टीम तथा फरेंदा, बृजमनगंज, धानी, सिसवा व मिठौरा में एक-एक टीम लगाई गई है। टीकाकरण के लिए उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी, पशु चिकित्साधिकारी, पशुधन प्रसार अधिकारी, फार्मासिस्ट व पैरावेट को जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रत्येक टीम में तीन से पांच सदस्यों को शामिल किया गया है।
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लंपी स्किन डिजीज से गोवंशीय पशुओं को बचाने के लिए मिले टीके को ब्लॉकों में भेज दिया गया है। शेष 39 हजार टीकों की मांग की गई है।
- डॉ. जीके सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी
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महराजगंज। जिले में चिह्नित 69,102 गोवंशीय पशुओं को लंपी स्किन डिजीज से बचाने के लिए टीका लगाया जाएगा। जिले के सभी 12 ब्लॉकों में पशुओं के टीकाकरण के लिए कुल 19 टीमों को जिम्मेदारी दी गई है। टीम में शामिल पशु चिकित्सालय से जुड़े तीन से पांच जिम्मेदार ग्रामीण क्षेत्र में पहुंचकर टीकाकरण में भूमिका निभाएंगे। जिले को 30 हजार गॉट पॉक्स टीका मिल चुका है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में फैली लंपी बीमारी से बचाव के लिए पूरे प्रदेश में पहल की जा रही है। पशुपालन निदेशालय की ओर से गोवंशीय पशुओं को टीका लगाने के लिए 30 हजार टीका उपलब्ध कराया गया है। प्रतिदिन लगभग 1500 पशुओं के टीकाकरण की योजना है। अभी भी जिले को 39 हजार टीके की आवश्यकता है, जिसकी मांग की गई है।
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जिले के फरेंदा, नौतनवां, निचलौल, परतावल, सदर, घुघली व पनियरा में दो-दो टीम तथा फरेंदा, बृजमनगंज, धानी, सिसवा व मिठौरा में एक-एक टीम लगाई गई है। टीकाकरण के लिए उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी, पशु चिकित्साधिकारी, पशुधन प्रसार अधिकारी, फार्मासिस्ट व पैरावेट को जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रत्येक टीम में तीन से पांच सदस्यों को शामिल किया गया है।
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लंपी स्किन डिजीज से गोवंशीय पशुओं को बचाने के लिए मिले टीके को ब्लॉकों में भेज दिया गया है। शेष 39 हजार टीकों की मांग की गई है।
- डॉ. जीके सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी