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Maharajganj News: हर पल मौत के साए में जी रहे...यहां परिजन परेशान

Mon, 02 Mar 2026 02:15 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 02 Mar 2026 02:15 AM IST
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Living under the shadow of death every moment...family members are worried here
दुबई के एक फैक्ट्री में पूजा अर्चन करते गोरखपुर महाराजगंज क्षेत्र के रहने वाले भारतीय नागरिक। 
दुबई में डर के साए में जी रहे भारतीय...जगकर बीता रहे रात, परिजनों की भी उड़ी नींद
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शनिवार को कार्य स्थल से महज 25-50 किमी की दूरी पर गिरा मिसाइल बम
कुछ कंपनियों ने भारतीय कर्मियों को बंकर में रखा खाने-पीने व्यवस्था की
महाराजगंज। ईरान-इजराइल के बीच शुरू हुए युद्ध के बीच भारतीयों की नींद उड़ गई है। अमेरिका और इस्राइल के हमलों की प्रतिक्रिया में ईरान मध्यपूर्व के मुस्लिम देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों व संपत्तियों को निशाना बना रहा है। कतर, रियाद और दुबई में जनपद के परतावल और निचलौल क्षेत्र के कई लोग फंसे हैं। ऐसे में परिजनों की चिंता बढ़ गई है। वह दिन-रात अपनों की सलामती की प्रार्थना कर रहे हैं। युद्ध के ताजा हालात जानने के लिए हर वक्त टीवी से चिपके रह रहे हैं। फोन करके भी हाल-चाल पूछ रहे हैं। उधर से सुरक्षित होने की आवाज सुनकर परिजन राहत की सांस ले रहे हैं।
परतावल ब्लॉक के अमवा गांव निवासी अमरजीत साहनी और निचलौल क्षेत्र के रहने वाले विजय गुप्ता दुबई के सोनापुर और जबल अली कैंप दीप-2 दुबई में फंसे हैं। दोनों ने मोबाइल कॉल पर बताया कि यहां लगातार धमाके हो रहे हैं। धमाके की आवाज सुनकर दिल दहल जा रहा है। शनिवार से ही कंपनी में काम बंद हो गया है। वह कमरे में रह रहे हैं। यहीं पर उनके खाने-पीने की चीजें उपलब्ध करा दी गई हैं। कंपनी ने बाहर जाने से मना कर दिया गया है।
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विजय गुप्ता ने बताया कि उनके साथ गोरखपुर, कुशीनगर समेत अन्य जिलों के लोग रह रहे हैं। 28 अप्रैल 2025 को दुबई में आए और 10 माह से बड़ा ही निश्चिंत होकर स्टील फैक्ट्री में कार्य कर रहे थे। मगर शनिवार को हुए धमाके के बाद से सुरक्षा का डर सता रहा है। शनिवार की दोपहर से ही दुबई के कई हिस्सों में धमाके हुए। वहां रह रहे लोगों ने बताया कि हम लोग हैं अभी सुरक्षित हैं। हम लोगों के निवास और कार्य स्थल से करीब 25-50 किलोमीटर की दूरी पर मिसाइल या बम गिर रहा है।
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दिन में हम लोग जिस फैक्ट्री में काम कर रहे थे उस फैक्ट्री के ऊपर आसमान में तेजी से मिसाइल और बमों के आने-जाने को देखकर और सायरन की आवाज सुनकर डर लग रहा है। कभी-कभी मोबाइल का नेटवर्क भी गायब हो जा रहा है। उस समय और भी डर सताने लग रहा है। एयरपोर्ट बंद है, नहीं तो हम लोग यहां से घर निकल जाते। उन्होंने कहा कि सलामती के लिए हम लोगों ने पूजा-अर्चना भी की।
बिजली गुल, मोबाइल पर देख रहे समाचार
कोहारवाला ग्राम सभा निवासी विजय गुप्ता के पिता बैजनाथ गुप्ता ने बताया कि जब से दुबई के हालात की जानकारी मिली मन घबराने लगा। काफी देर बाद जब बेटे से बात हुई तब राहत मिली। वहां के हालात की पल-पल की जानकारी ले रहा हूं। रविवार को पूरे दिन लाइट नहीं थी। इसलिए टीवी नहीं चल रहा है। वहां का समाचार मोबाइल पर देख रहा हूं। नेटवर्क न होने के कारण बेटे से बीच-बीच में बात नहीं हो पा रही है। माता रबड़ी देवी ने बताया कि बेटे से बात हुई है वह ठीक है। यह सुनकर मन को तसल्ली है। वहां के हालात ठीक नहीं है। बेटा वापस आएगा तो उसे विदेश नहीं भेजूंगी।
परिजनों की बढ़ी चिंता
धानी बाजार के कोईलाडाड निवासी मोहम्मद युनुस (45) पांच साल से खाड़ी स्थित देश कतर की राजधानी दोहा गए हैं। वह एक निजी कंपनी में लाउंड्री मैन के रूप में कार्यरत हैं। उनकी पत्नी मरजीना ने बताया कि जबसे लड़ाई के बारे में सुनी हूं चिंता बढ़ गई है। शनिवार की शाम को पति से बात हुई थी। उन्होंने बताया कि यहां पर नेटवर्क की दिक्कत है। परेशान होने की जरूरत नहीं है। जगह-जगह विस्फोट हो रहा है। एयरपोर्ट बंद हैं। नेटवर्क नहीं है। पूरे शहर में इमरजेंसी लगा दी गई है। अभी हम लोग सुरक्षित हैं। वहीं बेटी कायनात ने कहा कि पापा से बात हुई थी वह ठीक हैं।

इस्राइल-अमेरीका व ईरान के युद्ध में पीस रहे भारतीय
इस्त्राइल और अमेरिका के हमले के विरोध में ईरान मध्य पूर्व के मुस्लिम देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और संपत्तियों को निशाना बनाकर हमले कर रहा है। ईरान ने अमेरिका और इस्राइल के संयुक्त हमलों के जवाब में संयुक्त अरब अमीरात पर 137 मिसाइलें और 209 ड्रोन से हमला किया। ईरान का मुख्य निशाना अबु धाबी के पास स्थित अल-धफरा एयर बेस था। ईरान ने अमेरिका और इस्राइल के संयुक्त हमलों के जवाब में संयुक्त अरब अमीरात पर 137 मिसाइलें और 209 ड्रोन से हमला किया। हमले के दिन बुर्ज खलीफा के पास जोरदार धमाके सुने गए। एक ईरानी ड्रोन इसके आसपास देखे जाने की भी खबर आई।
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