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Maharajganj: हत्या के प्रयास के मामले में चार को आजीवन कारावास, कोर्ट ने सुनाया फैसला
Tue, 22 Nov 2022 03:21 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महराजगंज।
संवाद न्यूज एजेंसी, महराजगंज।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 22 Nov 2022 03:21 PM IST
सार
विचारण के दौरान सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फणीन्द्र नाथ त्रिपाठी ने विशेष न्यायाधीश के समक्ष गवाहों को पेश कर सजा की मांग की जिस पर साक्ष्यों को देखने व गवाहों को सुनने के बाद उन्होंने सभी को आजीवन कारावास, दस-दस वर्ष के सश्रम कारावास व अर्थदंड की सजा सुनाई।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : istock
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विस्तार
कोल्हुई थाना क्षेत्र के ग्राम कोल्हुई में वर्ष 1998 में हुए मारपीट व हत्या के प्रयास के मामले में दोषी पाते हुए विशेष न्यायाधीश पवन कुमार श्रीवास्तव ने चार अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उन पर कुल एक लाख 92 हजार 500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
जानकारी के मुताबिक कोल्हुई निवासी कम्मल धोबी ने पांच जून 1998 को कोल्हुई थाने में रिपोर्ट दर्ज कराया था कि सुबह आठ बजे नाली व पानी के विवाद मेें उसकी पत्नी को गांव के ही राजेंद्र यादव व कन्हई यादव (सगे भाई), चौथी चौधरी व जोगिन्दर यादव ने न सिर्फ मारा-पीटा, बल्कि जातिसूचक शब्दों का भी इस्तेमाल किया। पुन: शाम को रात आठ बजे वादी का पुत्र मुन्ना घरेलू सामान लेने चौराहे की तरफ जा रहा था तो दुर्गा मंदिर के पास सभी लोगों ने उस पर प्राणघातक हमला कर दिया जिसमें किसी प्रकार उसकी जान बची।
विवेचक की ओर से मामले में अभियुक्तों के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया गया। विचारण के दौरान सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फणीन्द्र नाथ त्रिपाठी ने विशेष न्यायाधीश के समक्ष गवाहों को पेश कर सजा की मांग की जिस पर साक्ष्यों को देखने व गवाहों को सुनने के बाद उन्होंने सभी को आजीवन कारावास, दस-दस वर्ष के सश्रम कारावास व अर्थदंड की सजा सुनाई।
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जानकारी के मुताबिक कोल्हुई निवासी कम्मल धोबी ने पांच जून 1998 को कोल्हुई थाने में रिपोर्ट दर्ज कराया था कि सुबह आठ बजे नाली व पानी के विवाद मेें उसकी पत्नी को गांव के ही राजेंद्र यादव व कन्हई यादव (सगे भाई), चौथी चौधरी व जोगिन्दर यादव ने न सिर्फ मारा-पीटा, बल्कि जातिसूचक शब्दों का भी इस्तेमाल किया। पुन: शाम को रात आठ बजे वादी का पुत्र मुन्ना घरेलू सामान लेने चौराहे की तरफ जा रहा था तो दुर्गा मंदिर के पास सभी लोगों ने उस पर प्राणघातक हमला कर दिया जिसमें किसी प्रकार उसकी जान बची।
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विवेचक की ओर से मामले में अभियुक्तों के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया गया। विचारण के दौरान सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फणीन्द्र नाथ त्रिपाठी ने विशेष न्यायाधीश के समक्ष गवाहों को पेश कर सजा की मांग की जिस पर साक्ष्यों को देखने व गवाहों को सुनने के बाद उन्होंने सभी को आजीवन कारावास, दस-दस वर्ष के सश्रम कारावास व अर्थदंड की सजा सुनाई।
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