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दोबारा जंगल में छोड़े जाएंगे तेंदुए, विभाग ने शुरू की पहल
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दोबारा जंगल में छोड़े जाएंगे तेंदुए, विभाग ने शुरू की पहल
महराजगंज। नौतनवां क्षेत्र के सेमरहवा व दक्षिणी चौक क्षेत्र में पकड़े गए तेंदुओं का इलाज पूरा हो गया है। गोरखपुर चिड़ियाघर में मौजूद इन तेंदुओं का स्वास्थ्य परीक्षण करने के लिए गठित चिकित्सकों की टीम ने उन्हें स्वस्थ बताया है। इसके बाद तेंदुओं को वापस जंगल में छोड़ने के लिए वन विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है।
जिले में दो माह में तेंदुओं के भटक कर ग्रामीण आबादी में आने के तीन मामले सामने आ चुके हैं। नौतनवां के सेमरहवा में तेंदुए को पकड़ने में जहां वन कर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी, वहीं दक्षिणी चौक चौक रेंज में तेंदुआ स्नेयर वायर में फंसा मिला था। दोनों तेंदुओं को रेस्क्यू कर वन विभाग की टीम ने गोरखपुर चिड़ियाघर भेजा था। तीन सदस्यीय चिकित्सकों की टीम में शामिल डॉ. योगेश प्रताप सिंह, डॉ. एके पटेल व डॉ. वीके सिंह ने दोनों तेंदुओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया और उन्हें स्वस्थ बताया है। चिकित्सकों की रिपोर्ट के आधार पर दोनों तेंदुओं को जंगल में छोड़ने के लिए वन विभाग के जिम्मेदारों ने पहल शुरू कर दी है। मुख्य वन संरक्षक को पत्र भेजकर दिशा निर्देश मांगा गया है। सोहगीबरवा वन्यजीव प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी पुष्प कुमार कांधला ने बताया कि उच्चाधिकारियों से तेंदुओं को जंगल में छोड़ने की अनुमति मांगी गई है। अनुमति मिलते ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
केस एक
उत्तरी चौक वन क्षेत्र के सेमरहवा में 25 नवंबर को तेंदुए ने आठ वर्षीय बालक को मार दिया था। इसके बाद तेंदुए ने एक सप्ताह तक वनकर्मियों को छकाया। काफी जद्दोजहद के बाद उसे पकड़ा गया।
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केस दो
दो दिसबंर 2021 की रात में दक्षिणी चौक रेंज में तेंदुआ स्नेयर वायर में फंसा मिला था। निकालने के प्रयास में तेंदुए का पैर चोटिल हो गया। उसे इलाज के लिए गोरखपुर चिड़ियाघर भेजा गया था।
छातीराम में दिखे तेंदुए का नहीं लगा पता
परतावल ब्लॉक व गोरखपुर वन प्रभाग में दिखे तेंदुए का अब तक पता नहीं चल सका है। इस तेंदुए ने भी कुछ लोगों को घायल किया था। तेंदुए को पकड़ने के लिए टीम दो से तीन दिन जमी रही, लेकिन खराब मौसम के कारण पकड़ा नहीं जा सका। आशंका है कि वह बांकी रेंज के जंगल में पहुंच गया है।
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महराजगंज। नौतनवां क्षेत्र के सेमरहवा व दक्षिणी चौक क्षेत्र में पकड़े गए तेंदुओं का इलाज पूरा हो गया है। गोरखपुर चिड़ियाघर में मौजूद इन तेंदुओं का स्वास्थ्य परीक्षण करने के लिए गठित चिकित्सकों की टीम ने उन्हें स्वस्थ बताया है। इसके बाद तेंदुओं को वापस जंगल में छोड़ने के लिए वन विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है।
जिले में दो माह में तेंदुओं के भटक कर ग्रामीण आबादी में आने के तीन मामले सामने आ चुके हैं। नौतनवां के सेमरहवा में तेंदुए को पकड़ने में जहां वन कर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी, वहीं दक्षिणी चौक चौक रेंज में तेंदुआ स्नेयर वायर में फंसा मिला था। दोनों तेंदुओं को रेस्क्यू कर वन विभाग की टीम ने गोरखपुर चिड़ियाघर भेजा था। तीन सदस्यीय चिकित्सकों की टीम में शामिल डॉ. योगेश प्रताप सिंह, डॉ. एके पटेल व डॉ. वीके सिंह ने दोनों तेंदुओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया और उन्हें स्वस्थ बताया है। चिकित्सकों की रिपोर्ट के आधार पर दोनों तेंदुओं को जंगल में छोड़ने के लिए वन विभाग के जिम्मेदारों ने पहल शुरू कर दी है। मुख्य वन संरक्षक को पत्र भेजकर दिशा निर्देश मांगा गया है। सोहगीबरवा वन्यजीव प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी पुष्प कुमार कांधला ने बताया कि उच्चाधिकारियों से तेंदुओं को जंगल में छोड़ने की अनुमति मांगी गई है। अनुमति मिलते ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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केस एक
उत्तरी चौक वन क्षेत्र के सेमरहवा में 25 नवंबर को तेंदुए ने आठ वर्षीय बालक को मार दिया था। इसके बाद तेंदुए ने एक सप्ताह तक वनकर्मियों को छकाया। काफी जद्दोजहद के बाद उसे पकड़ा गया।
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केस दो
दो दिसबंर 2021 की रात में दक्षिणी चौक रेंज में तेंदुआ स्नेयर वायर में फंसा मिला था। निकालने के प्रयास में तेंदुए का पैर चोटिल हो गया। उसे इलाज के लिए गोरखपुर चिड़ियाघर भेजा गया था।
छातीराम में दिखे तेंदुए का नहीं लगा पता
परतावल ब्लॉक व गोरखपुर वन प्रभाग में दिखे तेंदुए का अब तक पता नहीं चल सका है। इस तेंदुए ने भी कुछ लोगों को घायल किया था। तेंदुए को पकड़ने के लिए टीम दो से तीन दिन जमी रही, लेकिन खराब मौसम के कारण पकड़ा नहीं जा सका। आशंका है कि वह बांकी रेंज के जंगल में पहुंच गया है।