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Maharajganj News: तेंदुए की दस्तक से ग्रामीणों में दहशत
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लक्ष्मीपुर। सोहगीबरवा वन्यजीव प्रभाग के लक्ष्मीपुर वन रेंज के वनग्राम अचलगढ़ में सोमवार को किशोरी पर तेंदुए के हमले के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि घटना के बाद से शाम ढलते ही लोग घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं। महिलाएं और बच्चे विशेष रूप से भयभीत हैं, जबकि किसान भी अकेले खेतों की ओर जाने से परहेज कर रहे हैं। वनाधिकारियों ने ग्रामीणों को जंगल की तरह नहीं जाने की हिदायत दी है।
बताया जा रहा है कि अचलगढ़ सहित आसपास के गांवों में पिछले कई दिनों से तेंदुए की मौजूदगी की आशंका जताई जा रही थी। ऐसे में किशोरी पर हुए हमले ने ग्रामीणों की चिंता और बढ़ा दी है। वनविभाग का कहना है कि जगल क्षेत्र के आसपास तेंदुए आ अन्य जंगली जानवरों का आवागमन गया रहता है। ग्रामीणों को सचेत रहने की जरूरत है। अचलगढ़ वनग्राम के ग्राम प्रधान योगेंद्र साहनी व ग्रामीणों की मांग है कि वन विभाग प्रभावित क्षेत्र में नियमित गश्त बढ़ाए, कैमरा ट्रैप लगाए और आवश्यकता पड़ने पर पिंजरा लगाकर तेंदुए को सुरक्षित तरीके से पकड़ने की कार्रवाई करें। उनका कहना है कि जब तक तेंदुए की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण नहीं होता, तब तक लोगों में भय का माहौल बना रहेगा।
वन विभाग का कहना है कि बरसात के मौसम में जंगलों से निकलकर वन्यजीव आबादी के समीप पहुंच जाते हैं। विभाग की टीम लगातार निगरानी कर रही है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है। फिलहाल अचलगढ़ वनग्राम और आसपास के क्षेत्रों में तेंदुए की दहशत बनी हुई है तथा ग्रामीण वन विभाग से शीघ्र ठोस कार्रवाई की उम्मीद लगाए हुए हैं।
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वनक्षेत्राधिकारी लक्ष्मीपुर वेदप्रकाश शर्मा ने ग्रामीणों से जंगल और खेतों के आसपास अकेले न जाने, बच्चों को बिना निगरानी के बाहर न भेजने और तेंदुआ दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग को सूचना देने की अपील की है। फिलहाल वनकर्मियों को क्षेत्र में गश्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
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बताया जा रहा है कि अचलगढ़ सहित आसपास के गांवों में पिछले कई दिनों से तेंदुए की मौजूदगी की आशंका जताई जा रही थी। ऐसे में किशोरी पर हुए हमले ने ग्रामीणों की चिंता और बढ़ा दी है। वनविभाग का कहना है कि जगल क्षेत्र के आसपास तेंदुए आ अन्य जंगली जानवरों का आवागमन गया रहता है। ग्रामीणों को सचेत रहने की जरूरत है। अचलगढ़ वनग्राम के ग्राम प्रधान योगेंद्र साहनी व ग्रामीणों की मांग है कि वन विभाग प्रभावित क्षेत्र में नियमित गश्त बढ़ाए, कैमरा ट्रैप लगाए और आवश्यकता पड़ने पर पिंजरा लगाकर तेंदुए को सुरक्षित तरीके से पकड़ने की कार्रवाई करें। उनका कहना है कि जब तक तेंदुए की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण नहीं होता, तब तक लोगों में भय का माहौल बना रहेगा।
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वन विभाग का कहना है कि बरसात के मौसम में जंगलों से निकलकर वन्यजीव आबादी के समीप पहुंच जाते हैं। विभाग की टीम लगातार निगरानी कर रही है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है। फिलहाल अचलगढ़ वनग्राम और आसपास के क्षेत्रों में तेंदुए की दहशत बनी हुई है तथा ग्रामीण वन विभाग से शीघ्र ठोस कार्रवाई की उम्मीद लगाए हुए हैं।
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वनक्षेत्राधिकारी लक्ष्मीपुर वेदप्रकाश शर्मा ने ग्रामीणों से जंगल और खेतों के आसपास अकेले न जाने, बच्चों को बिना निगरानी के बाहर न भेजने और तेंदुआ दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग को सूचना देने की अपील की है। फिलहाल वनकर्मियों को क्षेत्र में गश्त करने के निर्देश दिए गए हैं।