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Maharajganj News: एक सप्ताह में तेंदुए ने दो लोगों को किया घायल, दहशत में ग्रामीण
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गांवों में घातक जीवों के पहुंचने से हो रहा मानव वन्य जीव संघर्ष
निचलौल और माधवलिया रेंज सहित कई अन्य जगहों पर दिखे तेंदुआ
महाराजगंज। सोहगीबरवा वन्य जीव प्रभाग के निचलौल व मधवलिया वन क्षेत्र के जंगलों से कई गांव सटे हुए हैं। इसके चलते तेंदुए और मानव संघर्ष के मामले अक्सर सामने आते रहते हैं। एक सप्ताह में ही निचलौल क्षेत्र में दो लोगों पर तेंदुए हमला कर चुके हैं। इससे लोगों में दहशत का माहौल है। शाम ढलते ही लोग घर में सिमट जा रहे हैं। वहीं वन विभाग लोगों को सतर्कता बरतने और जंगल की ओर न जाने की सलाह दे रहा है।
जानकारी के अनुसार, सोहगीबरवा वन्यजीव प्रभाग के निचलौल रेंज क्षेत्र में बुधवार की रात करीब नौ बजे तेंदुए ने ग्राम बजही निवासी रामप्रीत (60) पर हमला कर दिया था। हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। आसपास के लोगों की मदद से उन्हें सीएचसी निचलौल में भर्ती कराया गया था। तेंदुए के हमले की वजह से बृहस्पतिवार को भी गांव के लोगों में दहशत दिखा।
गांव के शौकत अली ने कहा कि गांव आने-जाने अक्सर इसी रास्ते से गुजरना होता है। ऐसे में तेंदुए के हमले का डर बना रहता है। वन विभाग को इस पर पहल करना चाहिए नहीं तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। हिरामल ने कहा कि अब तो डर के साए में जीना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा डर बच्चों और जानवरों के लिए बना रहता है।
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जबकि नेबूलाल कुशवाहा ने कहा कि वन विभाग को कुछ पहल करना चाहिए ताकि तेंदुआ फिर किसी के ऊपर न हमला कर दे। बृहस्पतिवार को घायल रामप्रीत सीएचसी में पट्टी बदलवाने पहुंचे थे। पूछने पर कहा कि तेंदुए के हमले के बाद डर ज्यादा हो गया है।
स्पीकअप
तेंदुए के हमले से फिर कोई घायल न हो इसके लिए वन विभाग को क्षेत्र में गश्त बढ़ानी चाहिए। गश्त बढ़ाने से लोगों के अंदर थोड़ा डर कम होगा। फिलहाल ग्रामीणों में डर का माहौल है।
- विपिन सिंह
.............
क्षेत्र में आए दिन तेंदुआ हमला कर लोगों को घायल कर दे रहा है। इससे लोगों में दहशत है। रोजाना इसी रास्ते से आना-जाना रहता है। वन विभाग को पहल करके कुछ उपाय निकालना चाहिए।
- नागेंद्र शर्मा
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केस एक
मधवलिया वन क्षेत्र अंतर्गत कंपार्ट 24 नर्सरी में 21 जनवरी की भोर में बिरजू की पत्नी सोमारी और चार वर्षीय बेटी शिवानी के साथ सो रही थी। तेंदुए ने मां-बेटी पर अचानक हमला कर दोनों को घायल कर दिया। महिला के शोर मचाने पर पहुंचे ग्रामीणों ने तेंदुआ को मारने के लिए दौड़ा लिया लेकिन तेंदुआ जंगल की तरफ भाग निकला।
केस दो
कलनही खुर्द निवासी किशन साहनी पुत्र सुरेश साहनी निवासी कलनही 23 जून की रात में अपने साथी सूरज मद्धेशिया के साथ बाइक से घर जा रहा था। चरभरिया गांव के पास अचानक पीछे से आए तेंदुए ने किशन पर हमला कर दिया। हमले के कारण वह बाइक से गिर गया। तेंदुए ने किशन के दाएं पैर में काट लिया। दोनों युवकों के शोर मचाने पर तेंदुआ मौके से भाग निकला।
..............................
जंगली जानवर भोजन व पानी की तलाश में ही गांवों की तरफ आते हैं। जहां लोगों के शोर मचाने या संघर्ष करने पर वह हमलावर हो जाते है। जंगल से सटे गांवों के लोगों को भी जागरूक व सचेत रहने की जरूरत है। जंगली जीव दिखने के बाद उसकी सूचना वन विभाग को दें। जंगल की ओर लोगों को नहीं जाना चाहिए। क्षेत्र में गश्त बढ़ाई जाएगी।
-सुनील कुमार राव, वन क्षेत्राधिकारी निचलौल
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निचलौल और माधवलिया रेंज सहित कई अन्य जगहों पर दिखे तेंदुआ
महाराजगंज। सोहगीबरवा वन्य जीव प्रभाग के निचलौल व मधवलिया वन क्षेत्र के जंगलों से कई गांव सटे हुए हैं। इसके चलते तेंदुए और मानव संघर्ष के मामले अक्सर सामने आते रहते हैं। एक सप्ताह में ही निचलौल क्षेत्र में दो लोगों पर तेंदुए हमला कर चुके हैं। इससे लोगों में दहशत का माहौल है। शाम ढलते ही लोग घर में सिमट जा रहे हैं। वहीं वन विभाग लोगों को सतर्कता बरतने और जंगल की ओर न जाने की सलाह दे रहा है।
जानकारी के अनुसार, सोहगीबरवा वन्यजीव प्रभाग के निचलौल रेंज क्षेत्र में बुधवार की रात करीब नौ बजे तेंदुए ने ग्राम बजही निवासी रामप्रीत (60) पर हमला कर दिया था। हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। आसपास के लोगों की मदद से उन्हें सीएचसी निचलौल में भर्ती कराया गया था। तेंदुए के हमले की वजह से बृहस्पतिवार को भी गांव के लोगों में दहशत दिखा।
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गांव के शौकत अली ने कहा कि गांव आने-जाने अक्सर इसी रास्ते से गुजरना होता है। ऐसे में तेंदुए के हमले का डर बना रहता है। वन विभाग को इस पर पहल करना चाहिए नहीं तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। हिरामल ने कहा कि अब तो डर के साए में जीना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा डर बच्चों और जानवरों के लिए बना रहता है।
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जबकि नेबूलाल कुशवाहा ने कहा कि वन विभाग को कुछ पहल करना चाहिए ताकि तेंदुआ फिर किसी के ऊपर न हमला कर दे। बृहस्पतिवार को घायल रामप्रीत सीएचसी में पट्टी बदलवाने पहुंचे थे। पूछने पर कहा कि तेंदुए के हमले के बाद डर ज्यादा हो गया है।
स्पीकअप
तेंदुए के हमले से फिर कोई घायल न हो इसके लिए वन विभाग को क्षेत्र में गश्त बढ़ानी चाहिए। गश्त बढ़ाने से लोगों के अंदर थोड़ा डर कम होगा। फिलहाल ग्रामीणों में डर का माहौल है।
- विपिन सिंह
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क्षेत्र में आए दिन तेंदुआ हमला कर लोगों को घायल कर दे रहा है। इससे लोगों में दहशत है। रोजाना इसी रास्ते से आना-जाना रहता है। वन विभाग को पहल करके कुछ उपाय निकालना चाहिए।
- नागेंद्र शर्मा
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केस एक
मधवलिया वन क्षेत्र अंतर्गत कंपार्ट 24 नर्सरी में 21 जनवरी की भोर में बिरजू की पत्नी सोमारी और चार वर्षीय बेटी शिवानी के साथ सो रही थी। तेंदुए ने मां-बेटी पर अचानक हमला कर दोनों को घायल कर दिया। महिला के शोर मचाने पर पहुंचे ग्रामीणों ने तेंदुआ को मारने के लिए दौड़ा लिया लेकिन तेंदुआ जंगल की तरफ भाग निकला।
केस दो
कलनही खुर्द निवासी किशन साहनी पुत्र सुरेश साहनी निवासी कलनही 23 जून की रात में अपने साथी सूरज मद्धेशिया के साथ बाइक से घर जा रहा था। चरभरिया गांव के पास अचानक पीछे से आए तेंदुए ने किशन पर हमला कर दिया। हमले के कारण वह बाइक से गिर गया। तेंदुए ने किशन के दाएं पैर में काट लिया। दोनों युवकों के शोर मचाने पर तेंदुआ मौके से भाग निकला।
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जंगली जानवर भोजन व पानी की तलाश में ही गांवों की तरफ आते हैं। जहां लोगों के शोर मचाने या संघर्ष करने पर वह हमलावर हो जाते है। जंगल से सटे गांवों के लोगों को भी जागरूक व सचेत रहने की जरूरत है। जंगली जीव दिखने के बाद उसकी सूचना वन विभाग को दें। जंगल की ओर लोगों को नहीं जाना चाहिए। क्षेत्र में गश्त बढ़ाई जाएगी।
-सुनील कुमार राव, वन क्षेत्राधिकारी निचलौल