{"_id":"627570f71abd1e70af6ebc77","slug":"land-demad-for-kasturba-hostels-maharajganj-news-gkp435949595","type":"story","status":"publish","title_hn":"कस्तूरबा के छात्रावास के लरए दो ब्लॉकों में भूमि की दरकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कस्तूरबा के छात्रावास के लरए दो ब्लॉकों में भूमि की दरकार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कस्तूरबा के छात्रावास के लिए दो ब्लॉकों में भूमि की दरकार
महराजगंज। जिले में संचालित होने वाले घुघली व धानी ब्लॉक के कस्तूूरबा विद्यालयों में भूमि की अनुपलब्धता की वजह से छात्रावास निर्माण की दिशा में पहल नहीं हो पा रही है। जिम्मेदार समय रहते भूमि उपलब्ध करा दें तो न सिर्फ छात्रावास के निर्माण की दिशा में कवायद शुरू की जा सकेगी बल्कि उसके बनने से बालिकाओं को भी काफी सहूलियत मिलेगी।
राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय की ओर से जिले में संचालित होने वाले 13 कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों के सापेक्ष 10 विद्यालयों में छात्रावास बनाने के लिए प्रस्ताव मांगा गया था। जिम्मेदारों ने जो प्रस्ताव मांगा था, उसमें घुघली व धानी ब्लॉक के लिए जिस भूमि को चिह्नित किया गया था। वहां मानक के मुताबिक भूमि नहीं मिल पाई। इसकी वजह से वहां का निर्माण अधर में है। जिम्मेदारों की ओर से मानक के मुताबिक भूमि की मांग की जा रही है। जब तक भूमि नहीं मिलेगी तब तक निर्माण की गतिविधि आगे नहीं बढ़ेगी।
34 गुणे 36 वर्गमीटर की चाहिए भूमि
छात्रावास के निर्माण के लिए विभाग ने जो मानक स्थापित किया है उसके मुताबिक 34 गुणे 36 वर्ग मीटर भूमि चाहिए। भूमि मिलने के बाद ही छात्रावास निर्माण में तेजी आएगी।
विज्ञापन
कोट
कस्तूरबा की बालिकाओं के लिए छात्रावास का निर्माण कराया जाना है। घुघली व धानी में कम भूमि की वजह से समस्या आ रही है, जिसे दूर कराने के लिए प्रयास जारी है।
-आरपी सिंह, जिला समन्वयक बालिका शिक्षा
विज्ञापन
महराजगंज। जिले में संचालित होने वाले घुघली व धानी ब्लॉक के कस्तूूरबा विद्यालयों में भूमि की अनुपलब्धता की वजह से छात्रावास निर्माण की दिशा में पहल नहीं हो पा रही है। जिम्मेदार समय रहते भूमि उपलब्ध करा दें तो न सिर्फ छात्रावास के निर्माण की दिशा में कवायद शुरू की जा सकेगी बल्कि उसके बनने से बालिकाओं को भी काफी सहूलियत मिलेगी।
राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय की ओर से जिले में संचालित होने वाले 13 कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों के सापेक्ष 10 विद्यालयों में छात्रावास बनाने के लिए प्रस्ताव मांगा गया था। जिम्मेदारों ने जो प्रस्ताव मांगा था, उसमें घुघली व धानी ब्लॉक के लिए जिस भूमि को चिह्नित किया गया था। वहां मानक के मुताबिक भूमि नहीं मिल पाई। इसकी वजह से वहां का निर्माण अधर में है। जिम्मेदारों की ओर से मानक के मुताबिक भूमि की मांग की जा रही है। जब तक भूमि नहीं मिलेगी तब तक निर्माण की गतिविधि आगे नहीं बढ़ेगी।
विज्ञापन
34 गुणे 36 वर्गमीटर की चाहिए भूमि
छात्रावास के निर्माण के लिए विभाग ने जो मानक स्थापित किया है उसके मुताबिक 34 गुणे 36 वर्ग मीटर भूमि चाहिए। भूमि मिलने के बाद ही छात्रावास निर्माण में तेजी आएगी।
विज्ञापन
कोट
कस्तूरबा की बालिकाओं के लिए छात्रावास का निर्माण कराया जाना है। घुघली व धानी में कम भूमि की वजह से समस्या आ रही है, जिसे दूर कराने के लिए प्रयास जारी है।
-आरपी सिंह, जिला समन्वयक बालिका शिक्षा