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Maharajganj News: समूह बनाकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रहीं लखपति ड्रोन दीदी
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महराजगंज। ग्रामीण आजीविका मिशन महिलाओं को आत्मनिर्भरता के लिए प्रेरित कर उनके परिवार की तस्वीर बदले में सहायक सिद्ध हो रहा है। सदर के बांसपार बैजौली की कुंती देवी एक ऐसे ही समूह का नेतृत्व करती हैं जो लखपति दीदी की पदवी पा चुका है। उनके समूह का नाम महाराजा है। समूह से 12 महिलाएं जुड़ी हैं। समूह की सदस्य दो वर्षों से कई तरह के अचार-मुरब्बे तैयार कर रही हैं।
महाराजा समूह की महिलाएं महीने में औसतन 20 किलो अचार और इतना ही मुरब्बा तैयार करती हैं। कुंती ने तीन वर्ष पहले महाराजा कृषि प्रोड्यूसिंग समूह भी गठित किया था। इस समय समूह से 150 महिलाएं जुड़ी हैं।
प्रोड्यूसिंग समूह वर्मी कंपोस्ट, नीम की खली व गुड़ से तैयार जैविक कीटनाशक, जैविक खाद निर्माण के साथ ड्रोन की मदद से फसल में नैनो यूरिया व कीटनाशक का छिड़काव करता है। छिड़काव के लिए किसानों को 100 रुपये प्रति घंटा का शुल्क देना होता है। प्रोड्यूसिंग समूह से जुड़ी लगभग सभी महिलाएं महीने में आठ से 10,000 की कमाई कर रही हैं।
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ड्रोन दीदी के रूप में प्रसिद्ध : बांसपार बैजौली की कुंती देवी जिले की ऐसी पहली महिला समूह अध्यक्ष हैं जिन्हें एनआरएलएम व कृषि विभाग के संयुक्त तत्वावधान में बिहार भेजा गया। कुंती ने बिहार में ड्रोन उड़ाने के लिए 15 दिवसीय प्रशिक्षण हासिल किया। प्रशिक्षण के बाद उन्हें ड्रोन भी दिया गया। 2024 से वह ड्रोन दीदी के रूप में प्रसिद्ध हैं।
उन्होंने बताया कि सदर के एडीओ आईएसबी, बीएमएम मनोज मौर्य और शेष नाथ मौर्य के मार्गदर्शन में उन्हें ड्रोन दीदी की पदवी हासिल हुई। यह उनके व उनके समूह से जुड़ी महिला सदस्यों के लिए लाभकारी बना। इसके बाद सफलता का क्रम शुरू होकर आज तक बना हुआ है। महाराजा फूड व कृषि प्रोड्यूसिंग में उनके साथ 150 महिलाएं कार्य कर रही हैं।
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महाराजा समूह की महिलाएं महीने में औसतन 20 किलो अचार और इतना ही मुरब्बा तैयार करती हैं। कुंती ने तीन वर्ष पहले महाराजा कृषि प्रोड्यूसिंग समूह भी गठित किया था। इस समय समूह से 150 महिलाएं जुड़ी हैं।
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प्रोड्यूसिंग समूह वर्मी कंपोस्ट, नीम की खली व गुड़ से तैयार जैविक कीटनाशक, जैविक खाद निर्माण के साथ ड्रोन की मदद से फसल में नैनो यूरिया व कीटनाशक का छिड़काव करता है। छिड़काव के लिए किसानों को 100 रुपये प्रति घंटा का शुल्क देना होता है। प्रोड्यूसिंग समूह से जुड़ी लगभग सभी महिलाएं महीने में आठ से 10,000 की कमाई कर रही हैं।
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ड्रोन दीदी के रूप में प्रसिद्ध : बांसपार बैजौली की कुंती देवी जिले की ऐसी पहली महिला समूह अध्यक्ष हैं जिन्हें एनआरएलएम व कृषि विभाग के संयुक्त तत्वावधान में बिहार भेजा गया। कुंती ने बिहार में ड्रोन उड़ाने के लिए 15 दिवसीय प्रशिक्षण हासिल किया। प्रशिक्षण के बाद उन्हें ड्रोन भी दिया गया। 2024 से वह ड्रोन दीदी के रूप में प्रसिद्ध हैं।
उन्होंने बताया कि सदर के एडीओ आईएसबी, बीएमएम मनोज मौर्य और शेष नाथ मौर्य के मार्गदर्शन में उन्हें ड्रोन दीदी की पदवी हासिल हुई। यह उनके व उनके समूह से जुड़ी महिला सदस्यों के लिए लाभकारी बना। इसके बाद सफलता का क्रम शुरू होकर आज तक बना हुआ है। महाराजा फूड व कृषि प्रोड्यूसिंग में उनके साथ 150 महिलाएं कार्य कर रही हैं।