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24 लाख में तैयार होगी कोरोना की जांच के लिए लैब
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सीएमओ कार्यालय परिसर में कोविड जांच केन्द्र के लिए प्रस्तावित भवन।
- फोटो : MAHARAJGANJ
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24 लाख में तैयार होगी कोरोना की जांच के लिए लैब
महराजगंज। जिले में जल्द आरटीपीसीआर जांच के लिए लैब तैयार किया जाएगा। इसके लिए सीएमओ कार्यालय परिसर के पुराने ब्लड बैंक को चिह्नित कर उसके जीर्णोधार के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 24 लाख रुपये का प्रस्ताव स्वास्थ्य महानिदेशालय को भेजा है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार शासन ने कोरोना की तीसरी लहर से निपटने की तैयारी कर ली है। ऑक्सीजन से लेकर बेड एवं जांच की सुविधा बेहतर की जा रही है। कोरोना की जांच के लिए सैंपल कुछ दिन बाद गोरखपुर नहीं भेजना पडे़गा। क्योंकि जिले में ही जांच की सुविधा उपलब्ध हो जाएगी। इसके लिए जिले में आरटीपीसीआर की जांच के लिए वायोसेप्टी लेवल टू मानक का लैब तैयार करने के लिए सीएमओ से प्रस्ताव मांगा गया था। लैब बनाने के लिए जिला अस्पताल में जगह न होने के कारण सीएमओ कार्यालय परिसर में पुराने ब्लड बैंक को सुधारात्मक कार्रवाई के बाद इसे लैब बनाने के लिए 24 लाख का प्रस्ताव भेजा जाएगा। इन दिनों सैंपल गोरखपुर, लखनऊ, वाराणसी आदि स्थानों पर भेजा जाता है। सीएमओ डॉ. एके श्रीवास्तव ने बताया कि शासन स्तर से आरटीपीसीआर की जांच के लिए लैब तैयार करने के लिए जिले में भूमि चिह्नित करने व लैब तैयार करने के लिए प्रस्ताव मांगा गया है।
ये सुविधाएं रहेंगी उपलब्ध
आरटीपीसीआर लैब के लिए पुराने ब्लड बैंक को ही मानक के अनुसार तैयार करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इसमें दो कमरे काउंसिलिंग के लिए होंगे। एक रिकार्ड रूम, एक डॉक्टर रूम, एक पीसीआर रूम, एक माइक्रोस्कोपी रूम, एक स्टूमेंट रूम, लैब कक्ष के लिए एक रूम के अलावा शौचालय आदि की सुविधा रहेगी।
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महराजगंज। जिले में जल्द आरटीपीसीआर जांच के लिए लैब तैयार किया जाएगा। इसके लिए सीएमओ कार्यालय परिसर के पुराने ब्लड बैंक को चिह्नित कर उसके जीर्णोधार के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 24 लाख रुपये का प्रस्ताव स्वास्थ्य महानिदेशालय को भेजा है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार शासन ने कोरोना की तीसरी लहर से निपटने की तैयारी कर ली है। ऑक्सीजन से लेकर बेड एवं जांच की सुविधा बेहतर की जा रही है। कोरोना की जांच के लिए सैंपल कुछ दिन बाद गोरखपुर नहीं भेजना पडे़गा। क्योंकि जिले में ही जांच की सुविधा उपलब्ध हो जाएगी। इसके लिए जिले में आरटीपीसीआर की जांच के लिए वायोसेप्टी लेवल टू मानक का लैब तैयार करने के लिए सीएमओ से प्रस्ताव मांगा गया था। लैब बनाने के लिए जिला अस्पताल में जगह न होने के कारण सीएमओ कार्यालय परिसर में पुराने ब्लड बैंक को सुधारात्मक कार्रवाई के बाद इसे लैब बनाने के लिए 24 लाख का प्रस्ताव भेजा जाएगा। इन दिनों सैंपल गोरखपुर, लखनऊ, वाराणसी आदि स्थानों पर भेजा जाता है। सीएमओ डॉ. एके श्रीवास्तव ने बताया कि शासन स्तर से आरटीपीसीआर की जांच के लिए लैब तैयार करने के लिए जिले में भूमि चिह्नित करने व लैब तैयार करने के लिए प्रस्ताव मांगा गया है।
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ये सुविधाएं रहेंगी उपलब्ध
आरटीपीसीआर लैब के लिए पुराने ब्लड बैंक को ही मानक के अनुसार तैयार करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इसमें दो कमरे काउंसिलिंग के लिए होंगे। एक रिकार्ड रूम, एक डॉक्टर रूम, एक पीसीआर रूम, एक माइक्रोस्कोपी रूम, एक स्टूमेंट रूम, लैब कक्ष के लिए एक रूम के अलावा शौचालय आदि की सुविधा रहेगी।
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