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पत्रकारों ने राज्यपाल के नाम तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
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पत्रकारों ने राज्यपाल के नाम तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
निचलौल (महराजगंज)। तहसील में बुधवार को ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन उत्तर प्रदेश की महराजगंज इकाई ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में हो रहे पत्रकारों के उत्पीड़न की घटनाओं के खिलाफ राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा। ज्ञापन में पत्रकारों ने कहा है कि प्रदेश में पत्रकार उत्पीड़न की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। हाल में ही बलिया में अंग्रेजी का प्रश्नपत्र लीक मामले को प्रकाशित करने वाले दो पत्रकारों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। कलम के सिपाहियों का मुंह बंद करने और हाथ बांधने की कोशिश के साथ पत्रकारिता का गला घोंटने का काम किया जा रहा है। इस कृत्य से पूरे प्रदेश के पत्रकारों में आक्रोश व्याप्त है।
ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अजय जायसवाल ने कहा कि वास्तविक आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। नकल माफियाओं के कृत्य की जांच एवं पेपर लीक मामले में शामिल अधिकारियों पर कार्रवाई के साथ पत्रकारों के खिलाफ दर्ज मुकदमा वापस हो। बलिया जनपद के जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक व अन्य अधिकारियों की भूमिका की न्यायिक जांच कराई जाए व जांच परिणाम आने तक उन्हें निलंबित रखा जाए। प्रदेश में पत्रकार उत्पीड़न की घटनाओं पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए। विभिन्न समाचार पत्रों व मीडिया संस्थानों में कार्यरत पत्रकारों को शासन स्तर से सूचीबद्ध किया जाए।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में पत्रकार आयोग का गठन करके उसमें मान्यता प्राप्त सभी संगठनों को प्रतिनिधित्व दिया जाए। इस दौरान पुनीत मिश्रा, रवि सिंह, प्रदीप गौड़, देवेंद्र कुमार, राजेश गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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निचलौल (महराजगंज)। तहसील में बुधवार को ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन उत्तर प्रदेश की महराजगंज इकाई ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में हो रहे पत्रकारों के उत्पीड़न की घटनाओं के खिलाफ राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा। ज्ञापन में पत्रकारों ने कहा है कि प्रदेश में पत्रकार उत्पीड़न की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। हाल में ही बलिया में अंग्रेजी का प्रश्नपत्र लीक मामले को प्रकाशित करने वाले दो पत्रकारों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। कलम के सिपाहियों का मुंह बंद करने और हाथ बांधने की कोशिश के साथ पत्रकारिता का गला घोंटने का काम किया जा रहा है। इस कृत्य से पूरे प्रदेश के पत्रकारों में आक्रोश व्याप्त है।
ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अजय जायसवाल ने कहा कि वास्तविक आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। नकल माफियाओं के कृत्य की जांच एवं पेपर लीक मामले में शामिल अधिकारियों पर कार्रवाई के साथ पत्रकारों के खिलाफ दर्ज मुकदमा वापस हो। बलिया जनपद के जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक व अन्य अधिकारियों की भूमिका की न्यायिक जांच कराई जाए व जांच परिणाम आने तक उन्हें निलंबित रखा जाए। प्रदेश में पत्रकार उत्पीड़न की घटनाओं पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए। विभिन्न समाचार पत्रों व मीडिया संस्थानों में कार्यरत पत्रकारों को शासन स्तर से सूचीबद्ध किया जाए।
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उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में पत्रकार आयोग का गठन करके उसमें मान्यता प्राप्त सभी संगठनों को प्रतिनिधित्व दिया जाए। इस दौरान पुनीत मिश्रा, रवि सिंह, प्रदीप गौड़, देवेंद्र कुमार, राजेश गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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