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हत्या में आजीवन कारावास की सजा काट रहे जगदीश अच्छे आचरण के कारण रिहा
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हत्या में आजीवन कारावास की सजा काट रहे जगदीश अच्छे आचरण के कारण रिहा
महराजगंज। करीब सोलह साल पहले हत्या की सजा काटने के लिए सलाखों के पीछे पहुंचे जगदीश गुप्ता शनिवार को जेल से बाहर निकले तो उनकी आंखें भर आईं। अच्छे आचरण के कारण समय से पहले रिहा हुए जगदीश बोले कि अब समाज के लोगों को अच्छे कार्य करने के लिए प्रेरित करूंगा। लोगों का बताऊंगा का कि बुरे कार्यों का नतीजा बुरा ही होता है।
मजदूर दिवस के अवसर पर अच्छे आचरण वाले बंदी को रिहा करने के लिए जगदीश गुप्ता की फाइल शासन को भेजी गई थी। मंजूरी मिलने के बाद सभी औपचारिकताएं पूरी करके शनिवार को उन्हें रिहा किया गया। जेल से बाहर आने पर अपनों को देखकर वह भावुक हो गए। जेल प्रशासन ने उन्हें गेट के बाहर तक विदा किया, तो उन्होंने सभी अधिकारियों के प्रति आभार जताया।
सदर कोतवाली क्षेत्र के धनेवा धनेई गांव के टोला मंगलपुर के रहने वाले जगदीश गुप्ता जिला कारागार में कैदी संख्या 123/09 के रूप में पहचाने जाते थे। जेल में बंदी के दौरान जेल नियमों का पालन करना, दूसरे बंदियों के साथ अच्छा बर्ताव करना उनकी दिनचर्या में शामिल थी। वह हत्या के आरोप में 12 अप्रैल 2006 को जेल में निरुद्ध हुए थे। न्यायालय से 11 नवंबर 2009 को दोषी सिद्ध होने पर आजीवन कारावास की सजा मिली थी। मजदूर दिवस पर अच्छे आचरण वाले बंदी के रूप में जगदीश का चयन कर सभी मानक पूरा करते हुए फाइल शासन को भेजी गई थी। नियमानुसार अपरिहार 16 वर्ष 20 दिन और सपरिहार 20 साल 13 दिन की सजा जगदीश भुगत चुके हैं। रिहाई के दौरान जेलर आदित्य कुमार, डिप्टी जेलर रंजीत यादव आदि मौजूद रहे।
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जेल में बंद जगदीश को अच्छे आचरण की वजह से सभी मानक पूरे करने पर मजदूर दिवस के अवसर पर रिहाई के लिए फाइल शासन में भेजी गई थी। मंजूरी मिलने के बाद शनिवार को उन्हें रिहा कर दिया गया।
- प्रभात सिंह, जेल अधीक्षक
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महराजगंज। करीब सोलह साल पहले हत्या की सजा काटने के लिए सलाखों के पीछे पहुंचे जगदीश गुप्ता शनिवार को जेल से बाहर निकले तो उनकी आंखें भर आईं। अच्छे आचरण के कारण समय से पहले रिहा हुए जगदीश बोले कि अब समाज के लोगों को अच्छे कार्य करने के लिए प्रेरित करूंगा। लोगों का बताऊंगा का कि बुरे कार्यों का नतीजा बुरा ही होता है।
मजदूर दिवस के अवसर पर अच्छे आचरण वाले बंदी को रिहा करने के लिए जगदीश गुप्ता की फाइल शासन को भेजी गई थी। मंजूरी मिलने के बाद सभी औपचारिकताएं पूरी करके शनिवार को उन्हें रिहा किया गया। जेल से बाहर आने पर अपनों को देखकर वह भावुक हो गए। जेल प्रशासन ने उन्हें गेट के बाहर तक विदा किया, तो उन्होंने सभी अधिकारियों के प्रति आभार जताया।
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सदर कोतवाली क्षेत्र के धनेवा धनेई गांव के टोला मंगलपुर के रहने वाले जगदीश गुप्ता जिला कारागार में कैदी संख्या 123/09 के रूप में पहचाने जाते थे। जेल में बंदी के दौरान जेल नियमों का पालन करना, दूसरे बंदियों के साथ अच्छा बर्ताव करना उनकी दिनचर्या में शामिल थी। वह हत्या के आरोप में 12 अप्रैल 2006 को जेल में निरुद्ध हुए थे। न्यायालय से 11 नवंबर 2009 को दोषी सिद्ध होने पर आजीवन कारावास की सजा मिली थी। मजदूर दिवस पर अच्छे आचरण वाले बंदी के रूप में जगदीश का चयन कर सभी मानक पूरा करते हुए फाइल शासन को भेजी गई थी। नियमानुसार अपरिहार 16 वर्ष 20 दिन और सपरिहार 20 साल 13 दिन की सजा जगदीश भुगत चुके हैं। रिहाई के दौरान जेलर आदित्य कुमार, डिप्टी जेलर रंजीत यादव आदि मौजूद रहे।
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जेल में बंद जगदीश को अच्छे आचरण की वजह से सभी मानक पूरे करने पर मजदूर दिवस के अवसर पर रिहाई के लिए फाइल शासन में भेजी गई थी। मंजूरी मिलने के बाद शनिवार को उन्हें रिहा कर दिया गया।
- प्रभात सिंह, जेल अधीक्षक