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Maharajganj News: विदेशी नागरिकों का फॉर्म सी भरना अनिवार्य...होटल संचालक उड़ा रहे नियमों की धज्जियां
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सोनौली। भारत में ठहरने के लिए विदेशी नागरिकों का फॉर्म सी भरना अनिवार्य है। लेकिन कुछ होटल और लॉज संचालक नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। इससे सुरक्षा को भी खतरा है। इस मामले को लेकर खुफिया विभाग ने रिपोर्ट शासन को भेजी है।
सुरक्षा को देखते हुए भारत सरकार की ओर से फॉर्म-सी का प्रारूप तैयार किया गया है। इसमें भारत में ठहरने वाले विदेशियों के प्रवास का विवरण पासपोर्ट नंबर, वीजा विवरण, नवीन फोटो, आगमन की तारीख आदि दर्ज करानी होती है। इसमें होटल, अस्पताल, गेस्ट हाउस, धर्मशाला, डाक बंगला, शिक्षण संस्थान आदि के मालिक द्वारा फॉर्म सी डिजिटल प्रारूप में किसी भी विदेशी के आगमन के 24 घंटे के भीतर ऑनलाइन माध्यम से भरा जाना अनिवार्य है लेकिन होटल संचालकों की ओर से अनियमितताओं के कारण सीमावर्ती क्षेत्र में फॉर्म-सी नहीं भरा जा रहा है।
विभाग की ओर से जारी पत्र में स्टूडेंट वीजा पर भारत आकर अध्ययन करने वाले विदेशियों के प्रवास व अध्ययन विवरण (पासपोर्ट नंबर, वीजा विवरण, नवीन फोटो, आगमन का तारीख आदि) शामिल है। शिक्षण संस्थानों के मालिक प्रबंधक द्वारा उनकी उपस्थिति, आचरण, सेमेस्टर-वार परिणाम, शैक्षणिक प्रोफाइल आदि का विवरण भी समय-समय पर अपडेट किया जाएगा। सभी विदेशी छात्रों को संबंधित पाठ्यक्रम में नामांकन होने के तुरंत बाद निकटतम एफआरआरओ कार्यालय में स्वयं को पंजीकृत करना होगा।
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विभाग के जिम्मेदारों का कहना है कि भारत-नेपाल सीमा पर स्थित जिले पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर और महाराजगंज में अधिकांश होटल व अन्य ठहरने के स्थानों के मालिक प्रबंधकों फॉर्म सी को डिजिटल प्रारूप में विदेशी के आगमन के 24 घंटे के भीतर ऑनलाइन माध्यम से नहीं भरी जा रही है।
अधिकांश होटल, अस्पताल, संस्थान के मालिक ने गृह मंत्रालय के डिजिटल फॉर्म सी पोर्टल पर पंजीकरण नहीं कराया है। इसके परिणाम स्वरूप ऐसे विदेशी का कोई डेटा उपलब्ध नहीं है। इससे उप्र में रहने वाले विदेशी को ट्रैक और ट्रेस करना बहुत मुश्किल और चुनौतीपूर्ण हो गया है।
अक्सर विदेशी उठाते हैं नेपाल की खुली सीमा का फायदा
भारत नेपाल की खुली सीमा से भारतीय अपराधी ही नहीं विदेशी नागरिक भी अक्सर घुसपैठ करते हुए पकड़े जाते हैं। उनको खुली सीमा के बारे में ज्ञान नहीं होता है। भारत और नेपाल में बैठे दलाल उनको खुली सीमा के बारे में जानकारी देकर सरहद पार करने में मदद करते हैं। बीते पांच माह में तीन भारतीय अपराधी के साथ ही नेपाली महिला, अमेरिकी, चीनी, उब्जेकिस्तान की महिला सहित कई लोग पकड़े गए। नवंबर माह में महाराष्ट्र के एक आरोपी को विभाग ने गिरफ्तार किया था। सितंबर माह में थाईलैंड की महिला के साथ भी यही हुआ। नेपाली नागरिक पंकज और भारतीय कैलास और इंदु ने विदेशी महिला को पगडंडियों के रास्ते भारत में प्रवेश दिला दिया लेकिन एसएसबी और पुलिस की खुफिया टीम ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया।
सोनौली सीमा पर पकड़ा गया था चीनी नागरिक
अभी बीते वर्ष सोनौली सीमा पर ही एक चीनी नागरिक को घुसपैठ करा रहे दो युवकों को एसएसबी ने पकड़ लिया था और पुलिस को सौंप दिया था। बीते वर्ष मार्च माह में नीदरलैंड के युवक को एसएसबी और पुलिस ने पगडंडियों के रास्ते साइकिल से अवैध घुसपैठ के दौरान गिरफ्तार किया था। दिसंबर माह में एक श्रीलंका के नागरिक को सीमा पर पुलिस ने पकड़ कर जेल भेज दिया था, जिसके खिलाफ श्रीलंका में आपराधिक मामले दर्ज है। बीते साल अगस्त महीने में दो विदेशी महिलाएं अवैध रूप से बॉर्डर पार करने के दौरान गिरफ्तार की गई थीं।, जिसमें एक उब्जेकिस्तान और एक अमेरिकी महिला शामिल है। जो इंडो-नेपाल बॉर्डर पर अवैध ढंग से घुसने का प्रयास कर रही थी।
कब-कब पकड़े गए विदेशी नागरिक
- 10 मई 2024 को भारत से नेपाल जाते समय संदिग्धता के आधार पर रोक कर पुलिस ने अर्जेंटीना देश निवासी लियो पुत्र तरेस को गिरफ्तार किया।
-24 अप्रैल 2024 को भारत मे आ रही एक इंडोनेशिया महिला इसनेनी को नेपाल पुलिस को सौंपा गया।
-20 फरवरी 2022 को फर्जी वीजा के साथ रूसी दंपती स्वेटलाना फैडेरोवा व रुसाना सुल्तानोवा को नेपाल प्रवेश करने से पहले पकड़ लिया गया। जो कि गोवा में एनडीपीएस एक्ट के आरोपित भी थे।
-11 दिसंबर 2021 को भारत में प्रवेश कर रहे चीनी नागरिक जी यांग शी निवासी हुबेई चीन को आव्रजन अधिकारियों ने बिना वीजा भारत प्रवेश करने से रोका और नेपाल वापस कर दिया गया।
- 22 अगस्त 2020 को चीनी नागरिक शेन ली हुबेई चीन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। 18 अक्टूबर 2020 को फिलिस्तीन के नागरिक अवनी मोहम्मद हसन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
फॉर्म सी भरना अनिवार्य है। सभी होटल एवं लाज की जांच की जाएगी। अगर इसमें कमी पाया गया तो आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- अंकुर कुमार गौतम, क्षेत्राधिकारी, नौतनवा
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सुरक्षा को देखते हुए भारत सरकार की ओर से फॉर्म-सी का प्रारूप तैयार किया गया है। इसमें भारत में ठहरने वाले विदेशियों के प्रवास का विवरण पासपोर्ट नंबर, वीजा विवरण, नवीन फोटो, आगमन की तारीख आदि दर्ज करानी होती है। इसमें होटल, अस्पताल, गेस्ट हाउस, धर्मशाला, डाक बंगला, शिक्षण संस्थान आदि के मालिक द्वारा फॉर्म सी डिजिटल प्रारूप में किसी भी विदेशी के आगमन के 24 घंटे के भीतर ऑनलाइन माध्यम से भरा जाना अनिवार्य है लेकिन होटल संचालकों की ओर से अनियमितताओं के कारण सीमावर्ती क्षेत्र में फॉर्म-सी नहीं भरा जा रहा है।
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विभाग की ओर से जारी पत्र में स्टूडेंट वीजा पर भारत आकर अध्ययन करने वाले विदेशियों के प्रवास व अध्ययन विवरण (पासपोर्ट नंबर, वीजा विवरण, नवीन फोटो, आगमन का तारीख आदि) शामिल है। शिक्षण संस्थानों के मालिक प्रबंधक द्वारा उनकी उपस्थिति, आचरण, सेमेस्टर-वार परिणाम, शैक्षणिक प्रोफाइल आदि का विवरण भी समय-समय पर अपडेट किया जाएगा। सभी विदेशी छात्रों को संबंधित पाठ्यक्रम में नामांकन होने के तुरंत बाद निकटतम एफआरआरओ कार्यालय में स्वयं को पंजीकृत करना होगा।
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विभाग के जिम्मेदारों का कहना है कि भारत-नेपाल सीमा पर स्थित जिले पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर और महाराजगंज में अधिकांश होटल व अन्य ठहरने के स्थानों के मालिक प्रबंधकों फॉर्म सी को डिजिटल प्रारूप में विदेशी के आगमन के 24 घंटे के भीतर ऑनलाइन माध्यम से नहीं भरी जा रही है।
अधिकांश होटल, अस्पताल, संस्थान के मालिक ने गृह मंत्रालय के डिजिटल फॉर्म सी पोर्टल पर पंजीकरण नहीं कराया है। इसके परिणाम स्वरूप ऐसे विदेशी का कोई डेटा उपलब्ध नहीं है। इससे उप्र में रहने वाले विदेशी को ट्रैक और ट्रेस करना बहुत मुश्किल और चुनौतीपूर्ण हो गया है।
अक्सर विदेशी उठाते हैं नेपाल की खुली सीमा का फायदा
भारत नेपाल की खुली सीमा से भारतीय अपराधी ही नहीं विदेशी नागरिक भी अक्सर घुसपैठ करते हुए पकड़े जाते हैं। उनको खुली सीमा के बारे में ज्ञान नहीं होता है। भारत और नेपाल में बैठे दलाल उनको खुली सीमा के बारे में जानकारी देकर सरहद पार करने में मदद करते हैं। बीते पांच माह में तीन भारतीय अपराधी के साथ ही नेपाली महिला, अमेरिकी, चीनी, उब्जेकिस्तान की महिला सहित कई लोग पकड़े गए। नवंबर माह में महाराष्ट्र के एक आरोपी को विभाग ने गिरफ्तार किया था। सितंबर माह में थाईलैंड की महिला के साथ भी यही हुआ। नेपाली नागरिक पंकज और भारतीय कैलास और इंदु ने विदेशी महिला को पगडंडियों के रास्ते भारत में प्रवेश दिला दिया लेकिन एसएसबी और पुलिस की खुफिया टीम ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया।
सोनौली सीमा पर पकड़ा गया था चीनी नागरिक
अभी बीते वर्ष सोनौली सीमा पर ही एक चीनी नागरिक को घुसपैठ करा रहे दो युवकों को एसएसबी ने पकड़ लिया था और पुलिस को सौंप दिया था। बीते वर्ष मार्च माह में नीदरलैंड के युवक को एसएसबी और पुलिस ने पगडंडियों के रास्ते साइकिल से अवैध घुसपैठ के दौरान गिरफ्तार किया था। दिसंबर माह में एक श्रीलंका के नागरिक को सीमा पर पुलिस ने पकड़ कर जेल भेज दिया था, जिसके खिलाफ श्रीलंका में आपराधिक मामले दर्ज है। बीते साल अगस्त महीने में दो विदेशी महिलाएं अवैध रूप से बॉर्डर पार करने के दौरान गिरफ्तार की गई थीं।, जिसमें एक उब्जेकिस्तान और एक अमेरिकी महिला शामिल है। जो इंडो-नेपाल बॉर्डर पर अवैध ढंग से घुसने का प्रयास कर रही थी।
कब-कब पकड़े गए विदेशी नागरिक
- 10 मई 2024 को भारत से नेपाल जाते समय संदिग्धता के आधार पर रोक कर पुलिस ने अर्जेंटीना देश निवासी लियो पुत्र तरेस को गिरफ्तार किया।
-24 अप्रैल 2024 को भारत मे आ रही एक इंडोनेशिया महिला इसनेनी को नेपाल पुलिस को सौंपा गया।
-20 फरवरी 2022 को फर्जी वीजा के साथ रूसी दंपती स्वेटलाना फैडेरोवा व रुसाना सुल्तानोवा को नेपाल प्रवेश करने से पहले पकड़ लिया गया। जो कि गोवा में एनडीपीएस एक्ट के आरोपित भी थे।
-11 दिसंबर 2021 को भारत में प्रवेश कर रहे चीनी नागरिक जी यांग शी निवासी हुबेई चीन को आव्रजन अधिकारियों ने बिना वीजा भारत प्रवेश करने से रोका और नेपाल वापस कर दिया गया।
- 22 अगस्त 2020 को चीनी नागरिक शेन ली हुबेई चीन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। 18 अक्टूबर 2020 को फिलिस्तीन के नागरिक अवनी मोहम्मद हसन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
फॉर्म सी भरना अनिवार्य है। सभी होटल एवं लाज की जांच की जाएगी। अगर इसमें कमी पाया गया तो आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- अंकुर कुमार गौतम, क्षेत्राधिकारी, नौतनवा