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इंट्रीग्रेटेड चेक पोस्ट : छह माह में चहारदीवारी तक नहीं बन सकी

Tue, 12 Dec 2023 12:36 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज Updated Tue, 12 Dec 2023 12:36 PM IST
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Integrated Check Post: Even the boundary wall could not be built in six months
महराजगंज। केंद्र सरकार की शीर्ष प्राथमिकता में शामिल भारत-नेपाल की अंतरराष्ट्रीय सीमा सोनौली में इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट का निर्माण चल रहा है। छह माह बीत गए लेकिन अभी चहारदीवार तक तैयार नहीं हो सकी है। ठीक इसी तरह भारत के सहयोग से भैरहवा भंसार के पश्चिम में भी नेपाल का इंट्रीग्रेटेड चेकपोस्ट बन रहा है।
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भारत-नेपाल सीमा सोनौली पर बनने वाले इंट्रीग्रेटेड चेकपोस्ट का जून 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली से व उनके नेपाली समकक्ष पीएम पुष्प कमल दहल प्रचंड ने काठमांडु से वर्चुअल शिलान्यास किया था। भारत सरकार ने 2004 में भारत-नेपाल के सोनौली बॉर्डर पर इंटीग्रेटेड चेकपोस्ट के निर्माण के लिए मंजूरी दी थी, लेकिन भूमि अधिग्रहण और मुआवजे को लेकर पेच फंसा था। कई बार ग्रामीणों और अधिकारियों के बीच वार्ता हुआ, लेकिन सार्थक कदम नहीं निकल पाया। इसके बाद उच्चाधिकारियों ने निर्णय लेते हुए दूसरे स्थान पर आईसीपी बनवाने को लेकर जमीन अधिग्रहण का निर्णय लिया। इसके लिए किसान भी तैयार हो गए। इसके बाद 51 हेक्टेयर जमीन करीब पौने दो सौ करोड़ से लैंडपोर्ट के लिए भूमि खरीदी गई है। इसका डीपीआर करीब 300 करोड़ का है। लैंडपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के चेयरमैन भी इसका दौरा कर चुके हैं। एक वर्ष में आईसीपी की चहारदीवारी का निर्माण भी पूरा होने के करीब है। आईसीपी में इंजीनियरिंग सेवाएं प्रदान करने के लिए वास्तुकला और डिजाइन तैयार करके नए तरीके से कार्ययोजना बन रही है।
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परियोजना में लगेगे पांच सौ करोड़
एक ही परिसर में अलग-अलग 21 पाइप लाइनें बनाई जाएंगी। टर्मिनल बिल्डिंग, भारत व नेपाल का एंट्री गेट, कार्गो टर्मिनल, कारंटी बिल्डिंग, वेयर हाउस, आयात-निर्यात, कार्गो पार्किंग, स्टाफ बैरक, रेस्ट रूम, फायर स्टेशन व कार्गो यार्ड आदि का निर्माण बीमा होगा। इस परियोजना में करीब पांच सौ करोड़ की लागत निर्धारित की जा रही है। नेपाल सीमा पर उत्तर प्रदेश के पहले ''लैंड पोर्ट'' का अधिकार तरीके से खुलेंगे। भारत-नेपाल के सोनौली बाॅर्डर के समीप बनने जा रहा इंटीग्रेटेड चेकपोस्ट बौद्ध सर्किट का एक महत्वपूर्ण निकास बिंदू है। यह गौतम बुद्ध की जन्मस्थली और लोकप्रिय बौद्ध पर्यटन केंद्र नेपाल के लुंबिनी के बेहद करीब है। सीमा से सटे नेपाल के भैरहवा में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट भी है। इसके साथ ही रामायण सर्किट से भी इसे जोड़ने की योजना पर काम चल रहा है।
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रेल नेटवर्क से भी जोड़ा जाएगा
भारत-नेपाल के सोनौली सीमा पर भारत सरकार के द्वारा इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट जो एयरपोर्ट की तर्ज पर 120 एकड़ कैंपस में आईसीपी लैंडपोर्ट बन रहा है। उसके भूमि अधिग्रहण के बाद लैंडपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने चहारदीवारी का निर्माण करीब पूरा कर लिया है। इंटीग्रेटेड चेकपोस्ट के लैंडपोर्ट में एक ही कैंपस के अंदर सभी जांच एजेंसियां, वाहन पार्किंग, हॉस्पिटल आदि की सुविधाएं भी मिलेंगी। इसको रेलवे नेटवर्क से भी जोड़ा जाएगा। जो भारत के बंदरगाह और सेज हाउस से माल लेकर सीधे चेकपोस्ट पहुचेंगे और कस्टम की प्रकिया पूरी होने के बाद कंटेनर को उसी रेल से नेपाल भेज दिया जाएगा।
एक ही छत के नीचे होंगी सभी जांच एजेंसियां, व्यापार में आएगी तेजी
भारत-नेपाल के सोनौली बॉर्डर के समीप बन रहा इंटीग्रेटेड चेकपोस्ट बौद्ध सर्किट का एक महत्वपूर्ण निकास बिंदू है। यह गौतम बुद्ध की जन्मस्थली और लोकप्रिय बौद्ध पर्यटन केंद्र नेपाल के लुम्बिनी के बेहद करीब है। देश-विदेश से आने वाले यात्रियों और पर्यटकों को सोनौली में अत्याधुनिक सुविधा का अहसास हो सके इसी मापदंड पर लैंडपोर्ट विकसित किया जा रहा है। आईसीपी के निर्माण के बाद कस्टम, एसएसबी, पुलिस, इमिग्रेशन सहित सीमा पर तमाम खुफिया एजेंसियों के कार्यालय एक ही कैंपस में रहेंगे। इससे जांच में सहूलियत मिलेगी। काम जल्दी होगा। इससे नेपाल के साथ व्यापार में भी तेजी आएगी।
इंट्रीग्रेटेड चेक पोस्ट में मिलेंगी ये सुविधाएं
भारत-नेपाल के सोनौली कोतवाली क्षेत्र के केवटलिया में निर्माण हो रहे है लैंडपोर्ट में टर्मिनल बिल्डिंग, नेपाल व भारत साइड पार्किंग/बस टर्मिनल, होटल, इंपेक्शन शेड कस्टम, समान रखने आयात-निर्यात के लिए वेयरहाउस, रेलवे टर्मिनल में आयात-निर्यात के लिए भवन, ट्रक पार्किंग, तोरण, ट्रक टोल, वेट ब्रिज, पैसेंजर टोल, ट्रांसशिपमेंट एरिया, फायर स्टेशन, मेंटिनेंस शेड, कान्फिस्केशन शेड, डिसपेंसरी, रेस्ट हाउस फार ड्राइवर, फ्लैग, एसआरवाई ब्रिज, सेंट्रल गार्डन, पैसेंजर टर्मिनल पर एलिवेटेड वॉकवे, वॉटर बॉडी, हेलीपैड, एनिमल शेड, क्वारंटीन ब्लॉक, आइसोलेशन ब्लॉक, एनिमल प्लांट कार्यालय, स्टाफ क्वार्टर, पब्लिक यूज बिल्डिंग, कस्टम एजेंट बिल्डिंग, वॉच टावर, पेट्रोल पंप आदि का निर्माण होगा।
आईसीपी बनने से रोजगार के बढ़ेंगे साधन
सोनौली में एयरपोर्ट की तरह आईसीपी का लैंडपोर्ट बनेगा। चहारदीवारी का निर्माण पूरा होने के करीब है। शिलान्यास के बाद काम में तेजी आई है, लेकिन अभी तक केवल बाउंड्री बाल बन कर तैयार होने के करीब है। इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट के निर्माण से यहां पर रोजगार के साधन बढ़ेंगे साथ ही साथ यहां पर नेपाल से ट्रेड में भी बढ़ावा मिलेगा। बॉर्डर से आने वाले विदेशी यात्री विकास देख सकेंगे और इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि का संदेश अच्छा जाएगा।

चेकपोस्ट निर्माण के बाद जाम से मिलेगी मुक्ति
-चेकपोस्ट निर्माण के बाद सोनौली कस्बे में जाम से मुक्ति मिलेगी। मालवाहक एवं यात्री वाहनों को चेकपोस्ट से होकर जाना पड़ेगा जिसके लिए उन्हें चेकपोस्ट पार्किंग में सारी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। और नो मेंस लेंड के करीब बन रहे नए गेट से सीधे नेपाल में प्रवेश मिल सकेगा।
काम तेजी से कराया जा रहा है। निर्धारित समय के भीतर काम पूरा कर लिया जाएगा। जो काम अधूरे हैं उसको पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
-डॉ पंकज कुमार वर्मा, अपर जिलाधिकारी
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