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Maharajganj News: आरआरसी भवन में दरार की जांच के निर्देश
Tue, 24 Jun 2025 12:44 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Tue, 24 Jun 2025 12:44 AM IST
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महराजगंज। निचलौल ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत सिंधावे में 3.5 लाख रुपये की लागत से निर्मित आरआरसी (रिसोर्स रिकवरी सेंटर) भवन की निर्माण गुणवत्ता पर सवाल खड़ा हो गया। भवन के निर्माण के कुछ ही समय बाद दीवारों में दरारें पड़ने की शिकायत हुई। इस समस्या को लेकर अमर उजाला में ,आरआरसी भवन निर्माण में धांधली की दरार,शीर्षक से खबर 23 जून को प्रकाशित की गई थी,जिस पर जिला पंचायत राज अधिकारी श्रेया मिश्रा ने गंभीरता से संज्ञान लिया है।
डीपीआरओ की ओर से जारी किए गए पत्र में में कहा गया है कि जिस भवन की लागत लाखों रुपये हो, उसमें इतनी जल्दी दरारें आना निर्माण की गुणवत्ता पर प्रश्नचिह्न लगाता है।
डीपीआरओ ने इस मामले की जांच के लिए दो अधिकारियों की टीम गठित की है। इसमें अपर जिला पंचायत राज अधिकारी दिनेश राय और कंसलटिंग इंजीनियर प्रियतोश पटेल को संयुक्त रूप से जांच अधिकारी नामित किया गया है। दोनों अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे मौके पर जाकर आरआरसी भवन की गहन जांच करें, तकनीकी और गुणवत्ता संबंधी पहलुओं का अवलोकन करें और जिम्मेदार व्यक्तियों की भूमिका स्पष्ट करें। उन्होंने बताया कि यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता, खराब सामग्री का प्रयोग या मानक से कम गुणवत्ता का निर्माण पाया जाता है, तो जिम्मेदार और संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। डीपीआरओ ने जांच टीम को एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है ताकि आगे की कार्रवाई शीघ्र की जा सके।
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डीपीआरओ की ओर से जारी किए गए पत्र में में कहा गया है कि जिस भवन की लागत लाखों रुपये हो, उसमें इतनी जल्दी दरारें आना निर्माण की गुणवत्ता पर प्रश्नचिह्न लगाता है।
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डीपीआरओ ने इस मामले की जांच के लिए दो अधिकारियों की टीम गठित की है। इसमें अपर जिला पंचायत राज अधिकारी दिनेश राय और कंसलटिंग इंजीनियर प्रियतोश पटेल को संयुक्त रूप से जांच अधिकारी नामित किया गया है। दोनों अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे मौके पर जाकर आरआरसी भवन की गहन जांच करें, तकनीकी और गुणवत्ता संबंधी पहलुओं का अवलोकन करें और जिम्मेदार व्यक्तियों की भूमिका स्पष्ट करें। उन्होंने बताया कि यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता, खराब सामग्री का प्रयोग या मानक से कम गुणवत्ता का निर्माण पाया जाता है, तो जिम्मेदार और संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। डीपीआरओ ने जांच टीम को एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है ताकि आगे की कार्रवाई शीघ्र की जा सके।
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