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डीएलएड प्रशिक्षुओं का मूल्यांकन करेंगे संस्थान व प्रधानाध्यापक
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डीएलएड प्रशिक्षुओं का मूल्यांकन करेंगे संस्थान व प्रधानाध्यापक
महराजंगज। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान तथा निजी शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत डीएलएड प्रशिक्षुओं को अब आंतरिक मूल्यांकन के नंबर ऑनलाइन गतिविधियों के आधार पर प्रदान किया जाएंगे। नई व्यवस्था के तहत 100 अंक प्रधानाध्यापक देंगे जबकि 100 अंक संबंधित संस्थान के जिम्मेदारों द्वारा दिए जाएंगे।
इस व्यवस्था से ऑनलाइन गतिविधियों को भी बढ़ावा देने में मदद मिलेगी जिसका लाभ विद्यार्थियों को मिलेगा। डायट व निजी शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत प्रशिक्षुओं को पहले इंटर्नशिप के लिए विद्यालयों में भेजा जाता था। उनके कार्यों व गतिविधियों के आधार पर अंक विद्यालयों के प्रधानाध्यापक द्वारा प्रदान किया जाता था। अब जबकि परिषदीय विद्यालय बंद हैं तो जिम्मेदारों ने ऑनलाइन गतिविधियों के आधार पर प्रशिक्षुओं को अंक देने की व्यवस्था बनाई है।
इस व्यवस्था के तहत 100 अंक प्रधानाध्यापक देंगे जबकि 100 अंक संबंधित संस्थान के जिम्मेदारों द्वारा दिए जाएंगे। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य रवींद्र सिंह ने बताया कि मूल्यांकन को लेकर व्यवस्था में थोड़ा परिवर्तन किया गया है। ऑनलाइन गतिविधियों की प्रगति पर भी नजर रखी जा रही है।
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मूल्यांकन के तहत प्रशिक्षकों का मूल्यांकन चार स्तरों पर किया जा रहा है। दैनिक कार्य, साप्ताहिक कार्य, विद्यार्थियों की भाषा संबंधी प्रगति एवं विद्यार्थियों की गणित संबंधी प्रगति को देखते हुए प्रशिक्षुओं को मूल्यांकन में अंक प्रदान किए जाने की व्यवस्था बनाई गई है।
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महराजंगज। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान तथा निजी शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत डीएलएड प्रशिक्षुओं को अब आंतरिक मूल्यांकन के नंबर ऑनलाइन गतिविधियों के आधार पर प्रदान किया जाएंगे। नई व्यवस्था के तहत 100 अंक प्रधानाध्यापक देंगे जबकि 100 अंक संबंधित संस्थान के जिम्मेदारों द्वारा दिए जाएंगे।
इस व्यवस्था से ऑनलाइन गतिविधियों को भी बढ़ावा देने में मदद मिलेगी जिसका लाभ विद्यार्थियों को मिलेगा। डायट व निजी शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत प्रशिक्षुओं को पहले इंटर्नशिप के लिए विद्यालयों में भेजा जाता था। उनके कार्यों व गतिविधियों के आधार पर अंक विद्यालयों के प्रधानाध्यापक द्वारा प्रदान किया जाता था। अब जबकि परिषदीय विद्यालय बंद हैं तो जिम्मेदारों ने ऑनलाइन गतिविधियों के आधार पर प्रशिक्षुओं को अंक देने की व्यवस्था बनाई है।
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इस व्यवस्था के तहत 100 अंक प्रधानाध्यापक देंगे जबकि 100 अंक संबंधित संस्थान के जिम्मेदारों द्वारा दिए जाएंगे। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य रवींद्र सिंह ने बताया कि मूल्यांकन को लेकर व्यवस्था में थोड़ा परिवर्तन किया गया है। ऑनलाइन गतिविधियों की प्रगति पर भी नजर रखी जा रही है।
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मूल्यांकन के तहत प्रशिक्षकों का मूल्यांकन चार स्तरों पर किया जा रहा है। दैनिक कार्य, साप्ताहिक कार्य, विद्यार्थियों की भाषा संबंधी प्रगति एवं विद्यार्थियों की गणित संबंधी प्रगति को देखते हुए प्रशिक्षुओं को मूल्यांकन में अंक प्रदान किए जाने की व्यवस्था बनाई गई है।