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Maharajganj News: निचलौल के बाढ़ संभावित क्षेत्रों का किया निरीक्षण
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महराजगंज। संभावित बाढ़ की चुनौती को देखते हुए मंगलवार को अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) ने तहसील निचलौल के बाढ़ प्रभावित एवं अति संवेदनशील ग्राम पंचायतों का निरीक्षण किया। उन्होंने गेडहवां, कमनिसवा, ठूठीबारी सहित विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण कर बाढ़ से निपटने की तैयारियों का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान बाढ़ शरणालयों, पशु शरणालयों, बाढ़ चौकियों, राहत एवं बचाव संसाधनों और आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा की। संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सभी बाढ़ चौकियों पर नाव, लाइफ जैकेट, प्राथमिक उपचार सामग्री, संचार उपकरण एवं अन्य आवश्यक संसाधन हर समय उपलब्ध एवं क्रियाशील रहें, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित किया जा सके।
अपर जिलाधिकारी ने स्थानीय ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ संवाद कर बाढ़ के दौरान अपनाई जाने वाली सावधानियों, सुरक्षित स्थानों पर समय रहते पहुंचने, प्रशासन द्वारा जारी अलर्ट का पालन करने और किसी भी आपात स्थिति की तत्काल सूचना प्रशासन को उपलब्ध कराने की अपील की। उन्होंने समुदाय आधारित आपदा प्रबंधन एवं जनसहभागिता को प्रभावी आपदा प्रबंधन की आधारशिला बताया।
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इसके उपरांत गेडहवां से ठूठीबारी के मध्य स्थित तटबंधों का निरीक्षण कर उनकी सुरक्षा व्यवस्था, संवेदनशील स्थलों एवं संभावित कटान क्षेत्रों का अवलोकन किया गया। संबंधित विभागों को तटबंधों की निरंतर निगरानी रखने और किसी भी प्रकार की क्षति, रिसाव अथवा कटान की सूचना पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
इसके बाद एसडीआरएफ एवं एसएसबी की रैपिड रिस्पांस टीम के साथ समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में संभावित बाढ़ की स्थिति में खोज एवं बचाव अभियान, राहत वितरण, निकासी योजना, संचार व्यवस्था, संवेदनशील क्षेत्रों में त्वरित प्रतिक्रिया तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को और अधिक प्रभावी बनाने पर विस्तृत चर्चा की।
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निरीक्षण के दौरान बाढ़ शरणालयों, पशु शरणालयों, बाढ़ चौकियों, राहत एवं बचाव संसाधनों और आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा की। संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सभी बाढ़ चौकियों पर नाव, लाइफ जैकेट, प्राथमिक उपचार सामग्री, संचार उपकरण एवं अन्य आवश्यक संसाधन हर समय उपलब्ध एवं क्रियाशील रहें, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित किया जा सके।
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अपर जिलाधिकारी ने स्थानीय ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ संवाद कर बाढ़ के दौरान अपनाई जाने वाली सावधानियों, सुरक्षित स्थानों पर समय रहते पहुंचने, प्रशासन द्वारा जारी अलर्ट का पालन करने और किसी भी आपात स्थिति की तत्काल सूचना प्रशासन को उपलब्ध कराने की अपील की। उन्होंने समुदाय आधारित आपदा प्रबंधन एवं जनसहभागिता को प्रभावी आपदा प्रबंधन की आधारशिला बताया।
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इसके उपरांत गेडहवां से ठूठीबारी के मध्य स्थित तटबंधों का निरीक्षण कर उनकी सुरक्षा व्यवस्था, संवेदनशील स्थलों एवं संभावित कटान क्षेत्रों का अवलोकन किया गया। संबंधित विभागों को तटबंधों की निरंतर निगरानी रखने और किसी भी प्रकार की क्षति, रिसाव अथवा कटान की सूचना पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
इसके बाद एसडीआरएफ एवं एसएसबी की रैपिड रिस्पांस टीम के साथ समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में संभावित बाढ़ की स्थिति में खोज एवं बचाव अभियान, राहत वितरण, निकासी योजना, संचार व्यवस्था, संवेदनशील क्षेत्रों में त्वरित प्रतिक्रिया तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को और अधिक प्रभावी बनाने पर विस्तृत चर्चा की।