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Maharajganj News: मेडिकल काॅलेज भैरहवा में हड़ताल से लौट रहे भारतीय मरीज
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मेडिकल काॅलेज भैरहवा में हड़ताल से लौट रहे भारतीय मरीज
नेपाल से लगे जिलों के लोग इलाज कराने जाते हैं नेपाल के भैरहवा मेडिकल काॅलेज
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। भारत नेपाल सीमा से सटे रूपनदेही जिले के भैरहवा मेडिकल काॅलेज में सोमवार से शुरू छात्रों की हड़ताल भारतीय मरीजों पर भारी पड़ने लगी है। छात्राें की हड़ताल शनिवार को भी जारी रही। छात्र अपनी मांगों पर अड़े हैं। जिसके कारण मेडिकल काॅलेज में उपचार प्रभावित हो रहा है। हड़ताल से ओपीडी में इलाज नहीं हो रहा है। ऐसे में महराजगंज, गोरखपुर, देवरिया, बस्ती समेत अन्य जिले से इलाज कराने के लिए गए लोग लौटने लगे हैं। वहीं सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों को काफी परेशानी हो रही है।
भैरहवा स्थित यूनिवर्सल कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज टीचिंग हॉस्पिटल में पढ़ने वाले छात्र पिछले 12 दिनों से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों की मांग है कि नए ड्रेस कोड को खत्म करते हुए पहले जैसा ही प्रावधान लागू किया जाए। कॉलेज प्राचार्य तुरंत इस्तीफा दें और एमबीबीएस अंतिम वर्ष की निलंबित कक्षाएं फिर से शुरू की जाएं। इसको लेकर पिछले पांच दिनों से अस्पताल में काम कर रहे इंटर्न और रेजिडेंट डॉक्टरों ने भी छात्रों के विरोध के साथ अपनी एकजुटता दिखाई है।
छात्रों ने शिकायत की है कि शिक्षा सुधार के नाम पर उन्हें अनावश्यक पीड़ा दी गई। प्रदर्शन कर रहे छात्रों और प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, प्रदर्शन बंद नहीं होगा। वहीं छात्रों और डॉक्टरों के विरोध प्रदर्शन के कारण अस्पताल में मरीजों का इलाज प्रभावित हुआ है। भैरहवा में इलाज कराने जाने वाले भारत के मरीजों को काफी दिक्कत हो रही है। वहां इलाज करा रहे कई मरीज अब लौटने लगे हैं।
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कालेज के जनसंपर्क अधिकारी सुशील गुरुंग ने कहा कि अस्पताल प्रशासन छात्रों की मांगों के प्रति सकारात्मक है। छात्रों के बीच कई चरणों में चर्चा हुई। उन्होंने कहा जल्द छात्र सहमत हो जाएंगे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। भारत नेपाल सीमा से सटे रूपनदेही जिले के भैरहवा मेडिकल काॅलेज में सोमवार से शुरू छात्रों की हड़ताल भारतीय मरीजों पर भारी पड़ने लगी है। छात्राें की हड़ताल शनिवार को भी जारी रही। छात्र अपनी मांगों पर अड़े हैं। जिसके कारण मेडिकल काॅलेज में उपचार प्रभावित हो रहा है। हड़ताल से ओपीडी में इलाज नहीं हो रहा है। ऐसे में महराजगंज, गोरखपुर, देवरिया, बस्ती समेत अन्य जिले से इलाज कराने के लिए गए लोग लौटने लगे हैं। वहीं सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों को काफी परेशानी हो रही है।
भैरहवा स्थित यूनिवर्सल कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज टीचिंग हॉस्पिटल में पढ़ने वाले छात्र पिछले 12 दिनों से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों की मांग है कि नए ड्रेस कोड को खत्म करते हुए पहले जैसा ही प्रावधान लागू किया जाए। कॉलेज प्राचार्य तुरंत इस्तीफा दें और एमबीबीएस अंतिम वर्ष की निलंबित कक्षाएं फिर से शुरू की जाएं। इसको लेकर पिछले पांच दिनों से अस्पताल में काम कर रहे इंटर्न और रेजिडेंट डॉक्टरों ने भी छात्रों के विरोध के साथ अपनी एकजुटता दिखाई है।
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छात्रों ने शिकायत की है कि शिक्षा सुधार के नाम पर उन्हें अनावश्यक पीड़ा दी गई। प्रदर्शन कर रहे छात्रों और प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, प्रदर्शन बंद नहीं होगा। वहीं छात्रों और डॉक्टरों के विरोध प्रदर्शन के कारण अस्पताल में मरीजों का इलाज प्रभावित हुआ है। भैरहवा में इलाज कराने जाने वाले भारत के मरीजों को काफी दिक्कत हो रही है। वहां इलाज करा रहे कई मरीज अब लौटने लगे हैं।
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कालेज के जनसंपर्क अधिकारी सुशील गुरुंग ने कहा कि अस्पताल प्रशासन छात्रों की मांगों के प्रति सकारात्मक है। छात्रों के बीच कई चरणों में चर्चा हुई। उन्होंने कहा जल्द छात्र सहमत हो जाएंगे।