{"_id":"60918cb48ebc3e80bd09bd92","slug":"independents-got-the-key-to-make-the-district-panchayat-president-maharajganj-news-gkp393742084","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिला पंचायत अध्यक्ष बनाने की चाबी निर्दल सदस्यों के पास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिला पंचायत अध्यक्ष बनाने की चाबी निर्दल सदस्यों के पास
विज्ञापन
जिला पंचायत अध्यक्ष बनाने की चाबी निर्दलीयों पास
महराजगंज। जिला पंचायत सदस्य पद के चुनाव में भाजपा, सपा, कांग्रेस एवं बसपा समर्थित प्रत्याशी कुछ खास करिश्मा नहीं दिखा सके। हालत ये है कि चुनाव के दौरान 47 सीटों पर जीत का दावा करने वाली पार्टियों का प्रदर्शन बेहद खराब है। महराजगंज की जिला पंचायत सीट पर हर बार भाजपा का ह कब्जा रहा है। इस बार निर्दल सदस्यों की संख्या बढ़ने से समस्या हो सकती है।
जिला पंचायत सदस्यों के जीत की औपचारिक घोषणा होने में तकनीकी समस्या कीवजह से देरी हो रही है, लेकिन रुझान के अनुसार 27 जिला पंचायत सदस्य निर्दल चुने जाने की चर्चा है। इस बार अध्यक्ष पद पर चुनाव में इनकी भूमिका अहम होगी। प्रमुख दलों को इस बात का भान नहीं था कि ऐसा भी हो सकता है। जनता की अदालत में ऐसा जनादेश आया जिससे राजनीतिक विश्लेषक दंग रह गए। खास बात यह है कि इस बार के चुनाव में निर्दल प्रत्याशी जनता का भरोसा जितने में ज्यादा कामयाब रहे हैं। सपा जिलाध्यक्ष आमिर हुसैन ने बताया कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का जनादेश बहुत कुछ बयां कर गया। इसे समझने की जरूरत है। जनता अब सत्ताधारी दल की कथनी-करनी जान चुकी है। यही वजह रहा कि अधिकांश जगहों पर भाजपा समर्थित प्रत्याशियों को करारी हार मिली है। भाजपा जिलाध्यक्ष परदेशी रविदास ने बताया कि जनादेश का सम्मान है। पार्टी के समर्थित प्रत्याशी मजबूती के साथ लड़े। जनता विरोधी दलों के बहकावे में नहीं आने वाली है।
विज्ञापन
महराजगंज। जिला पंचायत सदस्य पद के चुनाव में भाजपा, सपा, कांग्रेस एवं बसपा समर्थित प्रत्याशी कुछ खास करिश्मा नहीं दिखा सके। हालत ये है कि चुनाव के दौरान 47 सीटों पर जीत का दावा करने वाली पार्टियों का प्रदर्शन बेहद खराब है। महराजगंज की जिला पंचायत सीट पर हर बार भाजपा का ह कब्जा रहा है। इस बार निर्दल सदस्यों की संख्या बढ़ने से समस्या हो सकती है।
जिला पंचायत सदस्यों के जीत की औपचारिक घोषणा होने में तकनीकी समस्या कीवजह से देरी हो रही है, लेकिन रुझान के अनुसार 27 जिला पंचायत सदस्य निर्दल चुने जाने की चर्चा है। इस बार अध्यक्ष पद पर चुनाव में इनकी भूमिका अहम होगी। प्रमुख दलों को इस बात का भान नहीं था कि ऐसा भी हो सकता है। जनता की अदालत में ऐसा जनादेश आया जिससे राजनीतिक विश्लेषक दंग रह गए। खास बात यह है कि इस बार के चुनाव में निर्दल प्रत्याशी जनता का भरोसा जितने में ज्यादा कामयाब रहे हैं। सपा जिलाध्यक्ष आमिर हुसैन ने बताया कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का जनादेश बहुत कुछ बयां कर गया। इसे समझने की जरूरत है। जनता अब सत्ताधारी दल की कथनी-करनी जान चुकी है। यही वजह रहा कि अधिकांश जगहों पर भाजपा समर्थित प्रत्याशियों को करारी हार मिली है। भाजपा जिलाध्यक्ष परदेशी रविदास ने बताया कि जनादेश का सम्मान है। पार्टी के समर्थित प्रत्याशी मजबूती के साथ लड़े। जनता विरोधी दलों के बहकावे में नहीं आने वाली है।
विज्ञापन