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Maharajganj News: नेपाल में चरस तस्करों का सगरना, कैरियर लग रहे पुलिस के हाथ
Sun, 26 Nov 2023 01:00 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sun, 26 Nov 2023 01:00 AM IST
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महराजगंज। चरस तस्करों का सरगना नेपाल में बैठकर पूरे सिंडिकेट को चला रहा है। यही कारण है कि कैरियर ही पुलिस के हाथ लगते हैं। कैरियरों को रकम देकर निर्धारित स्थान पर पहुंचाने के लिए कह दिया जाता है। चार दिन पहले बरामदगी की जांच के दौरान कैरियरों के बारे में पुलिस को जानकारी मिली तो दूसरी बार भी बड़ी बरामदगी हुई। सूत्र बता रहे हैं की मुख्य सरगना नेपाल रहकर इस काले कारनामे को अंजाम दे रहे हैं। वे सीमावर्ती इलाकों के बेरोजगार युवाओं को इस धंधे में कैरियर के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। नारकोटिक्स विभाग के अधिकारियों की नजर सीमावर्ती क्षेत्र की गतिविधियों पर है।
सूत्र बता रहे हैं कि चरस तस्करी में सीमावर्ती क्षेत्र के बेरोजगार युवकों को निशाना बनाया जा रहा है। उनके जरिए काम कराने पर जल्दी वे पकड़ में नहीं आते हैं। बीते दिनों कोल्हुई में जो कैरियर गिरफ्तार हुए थे, उनकी जांच चल रही थी। इसी बीच दूसरी बरामदगी हो गई। ताबड़तोड़ बरामदगी होने से सरहद पर सुरक्षा एजेंसिया सतर्क हो गईं हैं। नारकोटिक्स विभाग भी सीमावर्ती क्षेत्र में प्रत्येक हलचल पर नजर रखे हुए है। गिरफ्तार हुए कैरियरों ने यह तो नहीं बताया कि चरस उन्हें कहां लेकर जानी है, लेकिन इतना जरूर बताया की गोरखपुर पहुंचाना है। यहां से चरस कहां जानी थी, उसके बारे में कैरियरों ने सटीक जानकारी नहीं दी। कैरियरों के मोबाइल नंबर को खंगाला जा रहा है। उनसे संपर्क रखने वालों के बारे में गोपनीय ढंग से जानकारी हासिल की जा रही है। सूत्र बता रहे हैं कि गिरफ्तार हुए कैरियरों के नेटवर्क के बारे में पता लगाया जा रहा है। सीमावर्ती क्षेत्र के बेरोजगार युवक रकम पाने की लालच में तस्करी में फंस जा रहे हैं। एक बार चरस निर्धारित स्थान पर पहुंचाने के लिए 15 से 20 हजार रुपये दिए जाते हैं। चरस की खेप के हिसाब से रकम घटती व बढ़ती है। इस धंधे में ज्यादातर नए युवकों का उपयोग किया जाता है।
नारकोटीक विभाग के क्षेत्राधिकारी अनुज कुमार ने बताया कि सभी जरूरी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। पूरे नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
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भारत में चरस बरामदगी से नेपाल रूपनदेही प्रशासन सतर्क
भैरहवा। महराजगंज जिले में बीते दिनों हुई चरस बरामदगी पर नेपाल के रूपदेही जिले के जिलाधिकारी ने सख्त रूख अपनाया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए अपने मातहतों व सीमा पर काम कर रही सुरक्षा एजेंसियों से जानकारी एकत्र करना शुरू कर दिया है। कोल्हुई थाना क्षेत्र में 22 नवंबर को 88 किलो चरस व 24 नवंबर को सोनौली थाना क्षेत्र में करीब 84 किलो चरस को नेपाल से लाने की चर्चा थी। इस बरामदगी के बाद से दोनों देशों की सीमावर्ती क्षेत्रों के सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं हैं। रूपनदेही के जिलाधिकारी गणेश आर्याल ने बताया कि महराजगंज जिले में बरामद चरस के नेपाल से लाने की बात सामने आ रही है। ऐसी स्थिति में हमने सभी सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों से जानकारी ली है। चरस के प्रकरण की जांच कराई जाएगी। दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई भी होगी। संवाद
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सूत्र बता रहे हैं कि चरस तस्करी में सीमावर्ती क्षेत्र के बेरोजगार युवकों को निशाना बनाया जा रहा है। उनके जरिए काम कराने पर जल्दी वे पकड़ में नहीं आते हैं। बीते दिनों कोल्हुई में जो कैरियर गिरफ्तार हुए थे, उनकी जांच चल रही थी। इसी बीच दूसरी बरामदगी हो गई। ताबड़तोड़ बरामदगी होने से सरहद पर सुरक्षा एजेंसिया सतर्क हो गईं हैं। नारकोटिक्स विभाग भी सीमावर्ती क्षेत्र में प्रत्येक हलचल पर नजर रखे हुए है। गिरफ्तार हुए कैरियरों ने यह तो नहीं बताया कि चरस उन्हें कहां लेकर जानी है, लेकिन इतना जरूर बताया की गोरखपुर पहुंचाना है। यहां से चरस कहां जानी थी, उसके बारे में कैरियरों ने सटीक जानकारी नहीं दी। कैरियरों के मोबाइल नंबर को खंगाला जा रहा है। उनसे संपर्क रखने वालों के बारे में गोपनीय ढंग से जानकारी हासिल की जा रही है। सूत्र बता रहे हैं कि गिरफ्तार हुए कैरियरों के नेटवर्क के बारे में पता लगाया जा रहा है। सीमावर्ती क्षेत्र के बेरोजगार युवक रकम पाने की लालच में तस्करी में फंस जा रहे हैं। एक बार चरस निर्धारित स्थान पर पहुंचाने के लिए 15 से 20 हजार रुपये दिए जाते हैं। चरस की खेप के हिसाब से रकम घटती व बढ़ती है। इस धंधे में ज्यादातर नए युवकों का उपयोग किया जाता है।
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नारकोटीक विभाग के क्षेत्राधिकारी अनुज कुमार ने बताया कि सभी जरूरी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। पूरे नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
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भारत में चरस बरामदगी से नेपाल रूपनदेही प्रशासन सतर्क
भैरहवा। महराजगंज जिले में बीते दिनों हुई चरस बरामदगी पर नेपाल के रूपदेही जिले के जिलाधिकारी ने सख्त रूख अपनाया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए अपने मातहतों व सीमा पर काम कर रही सुरक्षा एजेंसियों से जानकारी एकत्र करना शुरू कर दिया है। कोल्हुई थाना क्षेत्र में 22 नवंबर को 88 किलो चरस व 24 नवंबर को सोनौली थाना क्षेत्र में करीब 84 किलो चरस को नेपाल से लाने की चर्चा थी। इस बरामदगी के बाद से दोनों देशों की सीमावर्ती क्षेत्रों के सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं हैं। रूपनदेही के जिलाधिकारी गणेश आर्याल ने बताया कि महराजगंज जिले में बरामद चरस के नेपाल से लाने की बात सामने आ रही है। ऐसी स्थिति में हमने सभी सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों से जानकारी ली है। चरस के प्रकरण की जांच कराई जाएगी। दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई भी होगी। संवाद