फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Maharajganj News ›   In Nepal, sand worth Rs 3000 more than doubles as soon as it reaches the border.

Maharajganj News: नेपाल में 3000 रुपये का बालू सरहद पर होते ही दोगुने से ज्यादा

Sat, 07 Dec 2024 01:38 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 07 Dec 2024 01:38 AM IST
विज्ञापन
In Nepal, sand worth Rs 3000 more than doubles as soon as it reaches the border.
महराजगंज/निचलौल। भारतीय क्षेत्र में खनन पर रोक है। ऐसे में तस्करों ने नेपाल का रुख कर लिया है। वहां से 3000 रुपये ट्रॉली बालू लेकर 7000 रुपये से अधिक रेट में भारतीय क्षेत्र में बेच दे रहे हैं। सीमावर्ती इलाकों में अलग-अलग क्षेत्रों में इन दिनों बालू के ढेर लग देखे जा सकते हैं। पकड़ में आने पर तस्कर पल्ला झाड़कर किनारे हो जाते हैं। मौका मिलते ही इसे जरूरत के अनुसार शहर से लेकर गांव तक पहुंचा दिया जाता है।
विज्ञापन

कोतवाली ठूठीबारी क्षेत्र के भारत-नेपाल सीमा से सटे लक्ष्मीपुर खुर्द से इन दिनों बालू तस्करी धड़ल्ले से हो रही है। पुलिस चौकी लक्ष्मीपुर गेट के सामने से गुजरने वाली सड़क पर सुरक्षा एजेंसियों की सख्ती की वजह से खनन तस्कर पुलिस चौकी के पीछे कच्चे रास्ते से दिन-रात बालू की ढुलाई करा रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस खेल में कुछ सुरक्षाकर्मी भी मिले हैं।
विज्ञापन


सूत्रों के मुताबिक प्रतिदिन तस्कर 40 से 50 बालू लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली को भारत ला रहे है। तस्कर प्रत्येक बालू लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली पर तीन से चार हजार रुपये खर्च कर नेपाल से भारत ला रहे है। जहां पर तस्कर प्रत्येक बालू लदी वाहन को सात से आठ हजार रुपये में बेच कर मोटी रकम कमा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों का कहना है कि सीमा पर तस्करी की बात उजागर होने पर पुलिस प्रशासन चंद घंटों के लिए सख्ती दिखाती है। इसके बाद फिर बालू तस्करी का खेल शुरू हो जाता है।
...
कोट
सीमावर्ती क्षेत्रों में पुलिस को सतर्क रहने और तस्करी पर नजर बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। अगर पुलिस चौकी के पास से बालू की तस्करी हो रही है तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।

आतिश सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक

...
नदी-बांधों के मार्ग बने मुफीद
ठूठीबारी क्षेत्र के लक्ष्मीपुर खुर्द भारत-नेपाल सीमा पर तस्करी सुरक्षा एजेंसियों के लिए सिरदर्द बनी हुई है। इन इलाकों में पुलिस के अलावा अन्य एजेंसियों की निगरानी के बावजूद तस्कर सक्रिय हैं। क्योंकि तस्कर लक्ष्मीपुर खुर्द गांव को अपने ठिकाने के रूप में इस्तेमाल करने लगे हैं। नदी और बांध जैसे मार्गों का सहारा लेकर तस्कर सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से बचते हुए अपने सामान को सीमा पार आसानी से कर देते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed