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Maharajganj News: बनरसिहा कला प्राचीन बौद्ध स्थल से मिल रहे महत्वपूर्ण पुरावशेष
Thu, 22 Feb 2024 08:57 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Thu, 22 Feb 2024 08:57 PM IST
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लक्ष्मीपुर। लक्ष्मीपुर क्षेत्र के बनरसिहा कला गांव में स्थित प्राचीन बौद्ध स्थल के उत्खनन का निरीक्षण विभागीय डायरेक्टर रेनू द्विवेदी ने बृहस्पतिवार को किया। निरीक्षण के बाद उन्होंने कहा कि बनरसिहा कला के प्राचीन टीले के उत्खनन में अतिमहत्वपूर्ण पुरावशेष मिल रहे हैं, जो दो हजार वर्ष पहले की हैं। जिनका संबंध कुषाण काल से है।
डायरेक्टर डॉ. द्विवेदी ने उत्खनन में मिले पुरावशेषों का बारीकियों से अध्ययन किया। उन्होंने उत्खनन स्थल पर हर टंच (चौकोर खाना) का भ्रमण किया। उन्होंने कहा कि यहां जो भी पुरावशेष मिल रहे हैं। उसे शासन के निर्देशानुसार संरक्षित किया जाएगा। कहा कि इस चरण का उत्खनन मार्च 2024 तक चलेगा। शासन का निर्देश मिलने पर अगले वित्तीय वर्ष में पुनः कार्य शुरू किया जा सकता है। उम्मीद है कि जल्द ही यहां के मिट्टी में दफन रहस्यों से पर्दा हटेगा।
बताते चलें कि पिछले वर्ष और इस वर्ष के उत्खनन में अब तक दो हजार वर्ष के पहले के मिट्टी के बर्तन, हंडी, नाद, कोसा, परई, पशुओं की मूर्ति, मानव की क्षतिग्रस्त मूर्ति, अन्न भंडार के बड़े बड़े मिट्टी के पात्र, विशिष्ट धातु के सिक्के आदि मिले हैं। डायरेक्टर डॉ. रेनू द्विवेदी ने विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों को भी हिदायत दिया कि पूरी पारदर्शिता के साथ नियमानुसार उत्खनन होना चाहिए।
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डायरेक्टर डॉ. द्विवेदी ने उत्खनन में मिले पुरावशेषों का बारीकियों से अध्ययन किया। उन्होंने उत्खनन स्थल पर हर टंच (चौकोर खाना) का भ्रमण किया। उन्होंने कहा कि यहां जो भी पुरावशेष मिल रहे हैं। उसे शासन के निर्देशानुसार संरक्षित किया जाएगा। कहा कि इस चरण का उत्खनन मार्च 2024 तक चलेगा। शासन का निर्देश मिलने पर अगले वित्तीय वर्ष में पुनः कार्य शुरू किया जा सकता है। उम्मीद है कि जल्द ही यहां के मिट्टी में दफन रहस्यों से पर्दा हटेगा।
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बताते चलें कि पिछले वर्ष और इस वर्ष के उत्खनन में अब तक दो हजार वर्ष के पहले के मिट्टी के बर्तन, हंडी, नाद, कोसा, परई, पशुओं की मूर्ति, मानव की क्षतिग्रस्त मूर्ति, अन्न भंडार के बड़े बड़े मिट्टी के पात्र, विशिष्ट धातु के सिक्के आदि मिले हैं। डायरेक्टर डॉ. रेनू द्विवेदी ने विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों को भी हिदायत दिया कि पूरी पारदर्शिता के साथ नियमानुसार उत्खनन होना चाहिए।
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