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Maharajganj News: आठ करोड़ का हाइड्रोपोनिक विड बरामद, दो गिरफ्तार

Thu, 12 Feb 2026 12:30 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 12 Feb 2026 12:30 AM IST
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Hydroponic weed worth Rs 8 crore recovered, two arrested
सोनौली। सोनौली बॉर्डर पर एसएसबी और पुलिस की संयुक्त टीम ने बुधवार सुबह जांच के दौरान नेपाल से पैदल ही भारत में पहुंचे दो युवकों के पास करीब आठ किलो हाइड्रोपोनिक विड (उच्च क्वालिटी का गांजा) बरामद कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया। बरामद वीड की कीमत करीब आठ करोड़ रुपये बताई जा रही है। दोनों युवकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
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जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह सोनौली सीमा के मुख्य गेट पर पुलिस टीम जांच कर रही थी। इसी बीच दो व्यक्ति बड़ा पिठ्ठू बैग लेकर आए। एसएसबी द्वारा कुछ संदेह हुआ तो उन्होंने दोनों को रोककर पूछताछ की पर वे कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इस पर दोनों को एसएसबी ऑफिस के कंपाउंड में लाकर गहनता से पूछताछ की गई। वहां उन्होंने अपना नाम जमील इसहाक चौगुले निवासी खेड़ कर्जी, थाना खेड़ रत्नागिरी, महराष्ट्र और मोहसिन सलीम शेख निवासी इंग्लिश स्कूल काॅलोनी मलाड वेस्ट, मुंबई, महाराष्ट्र बताया। जांच में जमील के बैग से 3.49 किलो और सलीम के बैग से 4.64 किलो हाइड्रोपोनिक विड बरामद हुआ। दोनों ने बताया कि वे नेपाल से गांजा ला रहे हैं और दिल्ली में महाराष्ट्र के रहने वाले इरफान को सौंपना था।
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14 प्लास्टिक में कुल 8.13 किलोग्राम प्लास्टिक के पैकिंग के साथ गांजा बरामद कर दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस के तहत प्राथमिकी दर्ज कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से दाेनों को जेल भेज दिया गया।
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-अंकुर कुमार गौतम, क्षेत्राधिकारी नौतनवा
हाइड्रोपोनिक वीड क्या होता है?

हाइड्रोपोनिक वीड दरअसल हाइड्रोपोनिक खेती से उगाया गया गांजा होता है। इस खेती में पौधों को मिट्टी में नहीं उगाया जाता, बल्कि पानी में घुले खास पोषक तत्वों के सहारे उगाया जाता है। पौधों की जड़ों को सीधे पानी, पोषण और ऑक्सीजन मिलती है। इस तकनीक से पौधे बहुत तेजी से बढ़ते हैं और उनमें मौजूद नशीला तत्व टीएचसी सामान्य गांजे की तुलना में कहीं ज्यादा होता है। इसी वजह से इसका असर भी ज्यादा तेज और खतरनाक होता है।



गांजा और चरस से हाइड्रोपोनिक वीड कितना अलग?
गांजा मिट्टी में प्राकृतिक तरीके से उगाया जाता है, चरस गांजे के पौधे से निकला गाढ़ा रेजिन है लेकिन हाइड्रोपोनिक वीड बिना मिट्टी, कंट्रोल्ड माहौल में उगाया जाता है। गांजे के नशा थोड़ा हल्का होता है। हालांकि चरस गांजे से ज्यादा असरदार है लेकिन हाइड्रोपोनिक वीड सबसे ज्यादा नशीला होता है। सामान्य गांजा और चरस सस्ता होता है। वहीं हाइड्रोपोनिक वीड बेहद महंगा होता है।



कितना महंगा नशा है हाइड्रोपोनिक वीड
हाइड्रोपोनिक वीड को उगाने में आधुनिक तकनीक, मशीनें, नियंत्रित तापमान, खास लाइट्स और महंगे पोषक तत्वों की जरूरत होती है। इसकी खेती खुले खेतों में नहीं बल्कि खास लैब या फार्म में होती है। इसी कारण इसकी लागत बहुत ज्यादा होती है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत इतनी ज्यादा है कि एक किलो हाइड्रोपोनिक वीड की कीमत करीब एक करोड़ रुपये तक बताई जाती है। यही वजह है कि इसे अमीरों का नशा भी कहा जाता है।
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