फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Maharajganj News ›   Hormones getting disturbed due to less sleep, memory also becomes weak

Maharajganj News: कम नींद से गड़बड़ा रहा हार्मोन, याददाश्त भी कमजोर

Tue, 05 Dec 2023 01:38 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज Updated Tue, 05 Dec 2023 01:38 AM IST
विज्ञापन
Hormones getting disturbed due to less sleep, memory also becomes weak
महराजगंज। अगर आप भी देर से सोते हैं और जल्दी जग जाते हैं तो सावधान हो जाएं। कम नींद के कारण हार्माेन गड़बड़ा रहा है। इससे सिर में दर्द और यादाश्त कमजोर हो रही है। ऐसे 15-20 मरीज हर दिन केएमसी मेडिकल कालेज एंड हॉस्पिटल न्यूरो विभाग में आ रहे हैं।
विज्ञापन

युवाओं में लकवा, कमजोरी, माइग्रेन, हृदय रोग समेत मानसिक विकार तेजी से बढ़ रहे हैं। न्यूरोफिजीशियन विभाग के अध्ययन में 25-40 साल के 18 फीसदी मरीजों में ये दिक्कत मिल रही है। न्यूरो फिजिशियन डॉ. त्रिपुरारी पांडेय ने बताया कि चार महीनों में 2000 मरीजों पर अध्ययन किया गया। इनमें से 25-40 साल के 18 फीसदी मरीजों ने लकवा, माइग्रेन, मिर्गी के दौरे, तनाव, मधुमेह-उच्च रक्तचाप, चिड़चिड़ापन, जल्दी गुस्सा आने की परेशानी बताई। इनमें छात्र और निजी कंपनियों में काम करने वाले युवा अधिक हैं।
विज्ञापन

पूछने पर पता चला कि शाम के 6-7 बजे तक घर पहुंच जाते हैं। फिर भी 12-1 बजे से पहले नहीं सोते। इस बीच लैपटॉप, मोबाइल समेत अन्य पर काम करने वाले युवा अधिक हैं। इससे दिमाग में मेलाटोनिन हार्मोंस कम बनने से ये दिक्कत पनपने लगी है। 40 से 65 साल के मरीजों में डिमेंशिया के लक्षण, मानसिक विकार, रक्तचाप-मधुमेह अनियंत्रित होना और हृदय रोग मिला।
विज्ञापन
विज्ञापन

----------------
अधिकांश को एंटी बायोलॉजिकल डिसऑर्डर
न्यूरो सर्जन डॉ. विश्वनाथ ने बताया कि नींद के लिए जरूरी मेलाटोनिन हार्मोस का रात 12 बजे और सुबह 4 बजे ऊर्जा-स्फूर्ति के लिए जरूरी एड्रीनलीन-नॉरएड्रीनलीन हार्मोन्स का तेजी से स्राव होता है। दोपहर 12 बजे सोकर उठने और सुबह चार बजे सोने पर हार्मोंस का स्राव प्रभावित होता है। इससे युवाओं में तनाव, डिप्रेशन, चिंता, चिड़चिड़ापन, आलस, आक्रामकता की परेशानी बढ़ रही है। अधिकांश युवा एंटी बायोलॉजिकल डिसऑर्डर से पीड़ित हैं। परेशानी बढ़ने पर इनमें से 15-20 फीसदी ही डॉक्टर तक पहुंचते हैं।

------------------------
यह करें उपाय
-10 बजे तक जरूर सो जाएं और 4-5 बजे तक जाग जाएं।

-रात को सोने से पहले शाकाहारी और आसानी से पचने वाला भोजन करें।

-फास्ट-जंक फूड और तला हुआ भोजन करने से बचें।

-मोबाइल, लैपटॉप का देर रात तक इस्तेमाल न करें।

-रात को सोने से पहले चाय और कॉफी न पीएं।

-योग, व्यायाम की आदत डालें, नियमित पैदल चलें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed