फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Maharajganj News ›   hope of industries

Maharajganj News: उद्योगों से बदलेगी निचलौल व सदर क्षेत्र की तस्वीर

Sun, 19 Mar 2023 12:49 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज Updated Sun, 19 Mar 2023 12:49 AM IST
विज्ञापन
hope of industries
निर्माणाधीन मेडिकल कालेज।संवाद
फोटो
विज्ञापन

झुलनीपुर व चेहरी बन सकता है औद्योगिक क्षेत्र, एक भारत-नेपाल सीमा तो दूसरा राष्ट्रीय राजमार्ग 730 के किनारे

उम्मीद- औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के लिए शुरू हुए सर्वे के बाद निचलौल तहसील के झुलनीपुर व सदर तहसील के चेहरी में उद्योगों की नींव पड़ने की संभावना है। झुलनीपर में उद्योग लगने से निचलौल के साथ ही नेपाल सीमा तक के लोगों को फायदा होगा, वहीं, चेहरी की भूमि पर उद्योग स्थापित होने से सदर व फरेंदा ब्लॉक क्षेत्र मेें भी विकास की रफ्तार बढ़ेगी।

संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। रोजगार के लिए देश व विदेश के विभिन्न स्थलों पर पलायन करने वाले लोगों को स्थानीय स्तर पर रोजगार की व्यवस्था करने व जिले के आर्थिक विकास को गति प्रदान करने के उद्देश्य से उद्योगों को बढ़ावा देने का प्रयास लगातार जारी है।
विज्ञापन

भारत-नेपाल सीमा पर स्थित निचलौल के झुलनीपुर में प्रशासन की ओर से चिह्नित की गई 39 एकड़ भूमि व सदर क्षेत्र के चेहरी में चिह्नित की गई 600 एकड़ भूमि पर उद्योगों को लगवा दिया जाए तो सदर व फरेंदा के निवेेशकों व लोगों को सहूलियत मिल जाएगी। इससे सुविधाओं को भी बेहतर बनाया जा सकेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

शहर से लगभग 15 किलोमीटर दूर तथा फरेंदा कस्बे के बीच में स्थित चेहरी में नेशनल टेक्सटाइल कार्पोरेशन की लगभग 500 एकड़ भूमि है। इस भूमि को भी निवेशकों को उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र होने के नाते सदर व फरेंदा के भी पांच हजार से अधिक लोग रोजगार के लिए देश व विदेश के विभिन्न हिस्सों में पलायन करते हैं। यहां पर उद्योगों की स्थापना हो जाए तो जहां दोनों क्षेत्र के जरूरतमंदों को रोजगार मिल जाएगा, वहीं, सड़क, बिजली व पानी संबंधी मूलभूत समस्याएं भी दूर हो जाएंगी। इस भूमि के लिए प्रशासनिक स्तर से कार्पोरेशन से वार्ता की जा रही है।
इसी प्रकार भारत-नेपाल सीमा पर स्थित झुलनीपुर में भी चिह्नित की गई भूमि पर उद्योग लगने से निचलौल क्षेत्र के बहुआर, इटहिया आदि स्थलों पर सुविधाओं के विकास की दिशा में पहल हो सकेगी। उद्योग विभाग को भूमि के अपने नाम हस्तांतरित होने का इंतजार है।

2100 करोड़ की 170 इकाइयों को स्थापित करने का है लक्ष्य
जिले मेें हुए निवेशक सम्मेलन के माध्यम से 170 निवेशकों ने 2100 करोड़ की लागत से इकाइयों को स्थापित करने के लिए अनुबंध किया था। इन कार्यों के माध्यम से लगभग 10 हजार लोगों को रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य था। इस माह तक लगभग 33 करोड़ के 12 कार्यों को पूरा कराया जा चुका है। इससे लगभग 300 को रोजगार मिलेगा।
अगस्त माह तक 438 करोड़ के 57 अन्य कार्यों को भी पूरा अथवा प्रारंभ कराया जाना है। ताकि लगभग 3,000 लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया जा सके। अन्य लगभग 80 इकाइयों को शुुरू होने में अधिक समय लगेगा। इन इकाइयों पर जहां लगभग 1600 करोड़ व्यय होंगे, वहीं, लगभग सात हजार लोगों को रोजगार प्राप्त हो सकेगा।

शासन ने मांगी रिपोर्ट, अन्य स्थलों पर हो रही भूमि की तलाश
महराजगंज। जिले में उद्योगों की स्थापना के लिए निवेशकों की ओर से मांगी जा रही भूमि को उपलब्ध कराना बड़ी चुनौती बन गई है। जिन स्थलों पर निवेशकों की ओर से भूमि मांगी जा रही है, वहां पर अभी भूमि की उपलब्धता न होने से समस्या आ रही है। प्रशासन की ओर से सभी एसडीएम के माध्यम से 50 से 100 एकड़ तक की भूमि की भी तलाश कराई जा रही है।
निवेश के लिए जिले में जिन 170 लोगों ने रुचि दिखाई है, उनमें से 80 निवेशक ऐसे हैं, जिन्हें भूमि की तलाश है। निवेशकों की भूमि की मांग को देखते हुए उप जिलाधिकारी के स्तर से सभी तहसीलों में भूमि को उचित दर पर उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास शुरू किया जा रहा है। अब तक कहीं भी बात नहीं बन सकी है। हैदराबाद की एक कंपनी की ओर से छपिया में भूमि की मांग की जा रही है। कुछ निवेशकों को भूमि के पट्टे की समस्या आ रही है तो कुछ को बैंक से मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।


कोट
रिजाॅर्ट व होटल क्षेत्र में 10 करोड़ का निवेश करना है। भूमि के पट्टे संबंधी समस्या की वजह से कार्य आगे नहीं बढ़ पा रहा है।
-गौरीशंकर गुप्ता, निवेशक

खाद्य पदार्थ के निर्माण के क्षेत्र में एक करोड़ के निवेश की योजना थी। भूमि के न मिलने से काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है।
-महेंद्रानंद जायसवाल, निवेशक
कोट
जिले में उद्योगों को गति प्रदान करने के लिए प्रयास जारी है। भूमि संबंधी कमी को दूर करने की दिशा में पहल भी की जा रही है। भूमि खरीदने के इच्छुक निवेशकों को उचित दर पर भूमि को दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।
-अभिषेक प्रियदर्शी, उपायुक्त उद्यम
कोट
जिले में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए प्रशासन कटिबद्ध है। अगस्त तक अधिक से अधिक उद्योगों को प्रारंभ कराए जाने पर भी बल दिया जाएगा।
-सत्येंद्र कुमार, जिलाधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed