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Maharajganj News: 118 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों का मानदेय रोका
Tue, 01 Jul 2025 12:50 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Tue, 01 Jul 2025 12:50 AM IST
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महराजगंज। सीएमओ डॉ. श्रीकांत शुक्ला ने कार्य में लापरवाही और उपस्थिति में अनियमितता बरतने पर 118 सीएचओ का मई माह का मानदेय रोक दिए। उन्होंने यह कार्रवाई जिले के सभी 12 ब्लॉकों में तैनात सीएचओ की कार्य प्रणाली की समीक्षा के बाद की है।
जानकारी के अनुसार, सभी सीएचओ के कार्यों, निर्धारित लक्ष्यों के सापेक्ष प्रगति और उपस्थिति की मॉनिटरिंग की गई थी। समीक्षा में पाया गया कि इन अधिकारियों ने अपने दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही बरती। कुछ अधिकारियों की कार्य उपस्थिति बेहद खराब पाई गई, जबकि कुछ ने अपने जिम्मेदारियों का सही से निर्वहन नहीं किया।
सीएमओ ने बताया कि जिले के सभी 12 ब्लॉकों में तैनात सीएचओ की परफॉर्मेंस रिपोर्ट ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों के माध्यम से संकलित की गई थी। रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से यह सामने आया कि 118 सीएचओ की ओर से एनसीडी स्क्रीनिंग, ओपीडी संचालन, ई-संजीवनी पोर्टल और ई-कवच पोर्टल पर नियमित डाटा फीडिंग नहीं की जा रही थी। इसके साथ ही अधिकांश सीएचओ की उपस्थिति भी निर्धारित मानकों पर खरी नहीं उतरी।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. श्रीकांत शुक्ला ने बताया कि यह कार्रवाई स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और जिम्मेदारियों के प्रति जवाबदेही तय करने के उद्देश्य से की गई है। उन्होंने सभी सीएचओ को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे अपनी उपस्थिति नियमित रूप से दर्ज कराएं और विभागीय दायित्वों का निर्वहन पूरी गंभीरता से करें।
सीएमओ ने बताया कि एनसीडी (गैर-संक्रामक रोग) कार्यक्रम के तहत सीएचओ की जिम्मेदारी है कि वे मधुमेह और उच्च रक्तचाप से पीड़ित मरीजों की नियमित जांच करें और उनका फॉलोअप करें, लेकिन रिपोर्ट में सामने आया कि बड़ी संख्या में सीएचओ इन मरीजों की देखरेख में उदासीनता बरत रहे हैं।
इससे मरीजों की नियमित निगरानी और समय पर इलाज प्रभावित हो रहा है। उन्होंने बताया कि सीएचओ की जिम्मेदारी है कि वे प्रत्येक मरीज की डिजिटल हेल्थ आईडी बनाएं और उसे ई-कवच पोर्टल पर अपलोड करें। इसके साथ ही मरीज को आईडी नंबर भी उपलब्ध कराना जरूरी होता है।
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जानकारी के अनुसार, सभी सीएचओ के कार्यों, निर्धारित लक्ष्यों के सापेक्ष प्रगति और उपस्थिति की मॉनिटरिंग की गई थी। समीक्षा में पाया गया कि इन अधिकारियों ने अपने दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही बरती। कुछ अधिकारियों की कार्य उपस्थिति बेहद खराब पाई गई, जबकि कुछ ने अपने जिम्मेदारियों का सही से निर्वहन नहीं किया।
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सीएमओ ने बताया कि जिले के सभी 12 ब्लॉकों में तैनात सीएचओ की परफॉर्मेंस रिपोर्ट ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों के माध्यम से संकलित की गई थी। रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से यह सामने आया कि 118 सीएचओ की ओर से एनसीडी स्क्रीनिंग, ओपीडी संचालन, ई-संजीवनी पोर्टल और ई-कवच पोर्टल पर नियमित डाटा फीडिंग नहीं की जा रही थी। इसके साथ ही अधिकांश सीएचओ की उपस्थिति भी निर्धारित मानकों पर खरी नहीं उतरी।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. श्रीकांत शुक्ला ने बताया कि यह कार्रवाई स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और जिम्मेदारियों के प्रति जवाबदेही तय करने के उद्देश्य से की गई है। उन्होंने सभी सीएचओ को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे अपनी उपस्थिति नियमित रूप से दर्ज कराएं और विभागीय दायित्वों का निर्वहन पूरी गंभीरता से करें।
सीएमओ ने बताया कि एनसीडी (गैर-संक्रामक रोग) कार्यक्रम के तहत सीएचओ की जिम्मेदारी है कि वे मधुमेह और उच्च रक्तचाप से पीड़ित मरीजों की नियमित जांच करें और उनका फॉलोअप करें, लेकिन रिपोर्ट में सामने आया कि बड़ी संख्या में सीएचओ इन मरीजों की देखरेख में उदासीनता बरत रहे हैं।
इससे मरीजों की नियमित निगरानी और समय पर इलाज प्रभावित हो रहा है। उन्होंने बताया कि सीएचओ की जिम्मेदारी है कि वे प्रत्येक मरीज की डिजिटल हेल्थ आईडी बनाएं और उसे ई-कवच पोर्टल पर अपलोड करें। इसके साथ ही मरीज को आईडी नंबर भी उपलब्ध कराना जरूरी होता है।