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आशियाना जलने के बाद अब दो वक्त के रोटी की समस्या
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घर, अनाज, कपड़े, सपने सब खाक... कहां रहें.. कहां जाएं...
महराजगंज। घर जल गया, अनाज जल गए, कपड़े जल गए, बच्चों की कॉपी-किताबें जल गईं.. अब न रहने के लिए घर है, न खाने के लिए अनाज है.. बच्चों को कैसे पढ़ाएं? कहां रहें? कहां जाएं? कैसे जीएं.. ये मार्मिक सवाल और पीड़ा उन 22 परिवारों की है, जिनके घर बीते रविवार को लगी आग में खाक हो गए।
शहर से करीब 40 किलोमीटर दूर पुरंदरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत टेढ़ी टोला आनंदनगर में बीते रविवार को आग लगने से 22 परिवारों के सपने खाक हो गए। घर और उसमें रखा समान जलने के कारण इन परिवारों के सामने दो जून की रोटी का संकट आ गया है। इस भीषण गर्मी में सभी खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। बच्चों की पढ़ाई से लेकर शादी-विवाह तक प्रभावित हो गया है।
प्रभावित परिवारों के भोजन के लिए गांव के रोजगार सेवक के घर सामूहिक भोज की व्यवस्था की गई है। ग्राम पंचायत भोजन की व्यवस्था पर होने वाले खर्च को वहन कर रही है। पीड़ितों के जख्मों पर मरहम लगाने प्रशासन पहुंचा, लेकिन कुछ खास मदद नहीं कर पाया। लोगों का आरोप है कि चुनाव के समय तमाम तरह के सपने दिखाने वाले जनप्रतिनिधि गांव का रास्ता भूल गए हैं।
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गांव के उमेश, गगन चौधरी, कीर्तन, योगेंद्र, नरेंद्र, बाल केश, दल सिंगार, रामनरेश, राम सिंगार, रामकिशुन, रामजस, विनोद, विजयी, रीता गौड़ आदि लोगों की आवासीय झोपड़ियां राख हो गईं। इन्होंने बताया कि घर में रखे कपड़े, अनाज आदि जल गए। अब तो दो वक्त की रोटी की समस्या है। इन दिनों किसी तरह से सामूहिक भोजन कर जीवन यापन किया जा रहा है, लेकिन ऐसा कब तक चलेगा। आगे जिंदगी कैसे कटेगी, इसकी चिंता सता रही है।
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शासन की ओर से पीड़ितों को हर संभव मदद दी जाएगी। गांव जंगल में स्थित होने के कारण आवासीय झोपड़ियां ज्यादा हैं। उनमें रखे अनाज व कपड़े आदि का काफी नुकसान हुआ।
- राम सजीवन मौर्य, एसडीएम, नौतनवां
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पीड़ितों को भोजन के लिए व्यवस्था की गई है। सभी को प्रत्येक दिन सामूहिक भोजन कराया जा रहा है। प्रशासन से मदद मिलती तो समस्या नहीं होती। पीड़ितों का विवरण तैयार है। प्रशासन से जल्दी मदद दिलाई जाएगी।
- कुसमावती देवी, ग्राम प्रधान
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घर पर भोजन की व्यवस्था की गई है। आग के कहर से टोले का काफी नुकसान हुआ है। लोगों को दो वक्त रोटी मिलती रहे, इसके लिए हर संभव कोशिश की जा रही है।
- वेदप्रकाश गुप्त, रोजगार सेवक
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आग के कहर से 19 लाख की क्षति
लक्ष्मीपुर। डंठल से लगी आग में 22 घरों में 19 लाख की क्षति पहुंची है। हल्का लेखपाल व्यास ने बताया कि अर्जुन 35,000, महेंद्र 25,000, दलसिंगार 45,000, उमेश 9 लाख, विनोद 46,000, विजयी 46,000, कीर्तन 3 लाख, योगेंद्र 45,000, विषई 22,000, रामयश यादव 45,000, सुबास 25,000, रामनरेश 1,50,000, रामकिशुन 23,000, नरेंद्र 20,000, बालकेश 55,000, प्रमोद 50,000, शोभी 23,000 व अशोक 50,000 की प्रमुख रूप से क्षति हुई है। क्षति में कपड़ा, अनाज, बर्तन आदि शामिल हैं।
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बेटी की शादी करने के अरमान राख
लक्ष्मीपुर। घर में रखा अनाज एवं रकम राख हो गया। अब बेटी की शादी से कैसे होगी, इसकी चिंता सता रही है। किसी तरह से व्यवस्था करने में जुटा हूं। पल भर में पूरी कमाई खाक हो गई। जैसे-तैसे घर गृहस्थी की गाड़ी चलेगी। यह कहना है ग्राम पंचायत टेढ़ी के रहने वाले कीर्तन चौधरी का। आग की चपेट में आने से इनका घर जल गया है। कीर्तन चौधरी ने बताया कि बेटी चंदा की शादी 15 मई को तय है। किसी तरह से व्यवस्था करके सामान एकत्र किया था। आग के कहर में सब कुछ खत्म हो गया। गांव के योगेंद्र गुप्ता ने बताया कि बेटी गुड़िया की शादी 16 मई को होनी है। घर का सारा सामान और अनाज जल जाने से परिवार का भरण पोषण मजदूरी पर निर्भर है। यही चिंता है कि बेटी की शादी कैसे होगी। किसी तरह से इंतजाम करके शादी की जाएगी। संवाद
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महराजगंज। घर जल गया, अनाज जल गए, कपड़े जल गए, बच्चों की कॉपी-किताबें जल गईं.. अब न रहने के लिए घर है, न खाने के लिए अनाज है.. बच्चों को कैसे पढ़ाएं? कहां रहें? कहां जाएं? कैसे जीएं.. ये मार्मिक सवाल और पीड़ा उन 22 परिवारों की है, जिनके घर बीते रविवार को लगी आग में खाक हो गए।
शहर से करीब 40 किलोमीटर दूर पुरंदरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत टेढ़ी टोला आनंदनगर में बीते रविवार को आग लगने से 22 परिवारों के सपने खाक हो गए। घर और उसमें रखा समान जलने के कारण इन परिवारों के सामने दो जून की रोटी का संकट आ गया है। इस भीषण गर्मी में सभी खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। बच्चों की पढ़ाई से लेकर शादी-विवाह तक प्रभावित हो गया है।
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प्रभावित परिवारों के भोजन के लिए गांव के रोजगार सेवक के घर सामूहिक भोज की व्यवस्था की गई है। ग्राम पंचायत भोजन की व्यवस्था पर होने वाले खर्च को वहन कर रही है। पीड़ितों के जख्मों पर मरहम लगाने प्रशासन पहुंचा, लेकिन कुछ खास मदद नहीं कर पाया। लोगों का आरोप है कि चुनाव के समय तमाम तरह के सपने दिखाने वाले जनप्रतिनिधि गांव का रास्ता भूल गए हैं।
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गांव के उमेश, गगन चौधरी, कीर्तन, योगेंद्र, नरेंद्र, बाल केश, दल सिंगार, रामनरेश, राम सिंगार, रामकिशुन, रामजस, विनोद, विजयी, रीता गौड़ आदि लोगों की आवासीय झोपड़ियां राख हो गईं। इन्होंने बताया कि घर में रखे कपड़े, अनाज आदि जल गए। अब तो दो वक्त की रोटी की समस्या है। इन दिनों किसी तरह से सामूहिक भोजन कर जीवन यापन किया जा रहा है, लेकिन ऐसा कब तक चलेगा। आगे जिंदगी कैसे कटेगी, इसकी चिंता सता रही है।
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शासन की ओर से पीड़ितों को हर संभव मदद दी जाएगी। गांव जंगल में स्थित होने के कारण आवासीय झोपड़ियां ज्यादा हैं। उनमें रखे अनाज व कपड़े आदि का काफी नुकसान हुआ।
- राम सजीवन मौर्य, एसडीएम, नौतनवां
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पीड़ितों को भोजन के लिए व्यवस्था की गई है। सभी को प्रत्येक दिन सामूहिक भोजन कराया जा रहा है। प्रशासन से मदद मिलती तो समस्या नहीं होती। पीड़ितों का विवरण तैयार है। प्रशासन से जल्दी मदद दिलाई जाएगी।
- कुसमावती देवी, ग्राम प्रधान
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घर पर भोजन की व्यवस्था की गई है। आग के कहर से टोले का काफी नुकसान हुआ है। लोगों को दो वक्त रोटी मिलती रहे, इसके लिए हर संभव कोशिश की जा रही है।
- वेदप्रकाश गुप्त, रोजगार सेवक
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आग के कहर से 19 लाख की क्षति
लक्ष्मीपुर। डंठल से लगी आग में 22 घरों में 19 लाख की क्षति पहुंची है। हल्का लेखपाल व्यास ने बताया कि अर्जुन 35,000, महेंद्र 25,000, दलसिंगार 45,000, उमेश 9 लाख, विनोद 46,000, विजयी 46,000, कीर्तन 3 लाख, योगेंद्र 45,000, विषई 22,000, रामयश यादव 45,000, सुबास 25,000, रामनरेश 1,50,000, रामकिशुन 23,000, नरेंद्र 20,000, बालकेश 55,000, प्रमोद 50,000, शोभी 23,000 व अशोक 50,000 की प्रमुख रूप से क्षति हुई है। क्षति में कपड़ा, अनाज, बर्तन आदि शामिल हैं।
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बेटी की शादी करने के अरमान राख
लक्ष्मीपुर। घर में रखा अनाज एवं रकम राख हो गया। अब बेटी की शादी से कैसे होगी, इसकी चिंता सता रही है। किसी तरह से व्यवस्था करने में जुटा हूं। पल भर में पूरी कमाई खाक हो गई। जैसे-तैसे घर गृहस्थी की गाड़ी चलेगी। यह कहना है ग्राम पंचायत टेढ़ी के रहने वाले कीर्तन चौधरी का। आग की चपेट में आने से इनका घर जल गया है। कीर्तन चौधरी ने बताया कि बेटी चंदा की शादी 15 मई को तय है। किसी तरह से व्यवस्था करके सामान एकत्र किया था। आग के कहर में सब कुछ खत्म हो गया। गांव के योगेंद्र गुप्ता ने बताया कि बेटी गुड़िया की शादी 16 मई को होनी है। घर का सारा सामान और अनाज जल जाने से परिवार का भरण पोषण मजदूरी पर निर्भर है। यही चिंता है कि बेटी की शादी कैसे होगी। किसी तरह से इंतजाम करके शादी की जाएगी। संवाद