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Maharajganj News: होली का सजा बाजार...60 करोड़ के कारोबार का अनुमान
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नगर मुख्यालय पर सजी मुखौटे व पिचकारी के साथ अबीर गुलाल की दुकान।
कपड़ों की खरीद पूरी, घर-आंगन महका रहे पकवान
रंग बाजार में चहल-पहल, ईको फ्रेंडली उत्पादों का क्रेज
महराजगंज। मात्र दो दिन बाद ही होली का त्योहार है। त्योहार करीब आते ही अबीर-गुलाल, कपड़ा, टोपी, पगड़ी, मुखौटा, गुजिया, मिठाइयों से बाजार की रौनक बढ़ा रहे हैं। त्योहार को लेकर जनपद में लगभग 60 करोड़ रुपये के कारोबार का अनुमान है। इसमें कपड़ा, किराना आइटम, सब्जी, चिकन-मटन और रंग-गुलाल के साथ पिचकारियों की भारी बिक्री का अनुमान है।
रंगों का त्योहार मनाने की तैयारी नगर से लेकर ग्रामीण अंचल तक तेज हो गई है। बुधवार को मनाई जाएगी। होली की अधिकतर खरीदारी का काम अधिकतर लोग निपटा चुके हैं। जिन लोगों को अभी भी कुछ खरीदारी करनी है वह आज पूरी कर लेंगे। कारण कि मंगलवार ग्रहण सूतक के कारण लोग खरीद से परहेज करेंगे। होली में नए कपड़े व घर पर तैयार किए जाने वाले व्यंजनों के लिए जरूरी सामग्री की खरीदारी की जा चुकी है। रविवार से ही रंग, पिचकारी, गुलाल, टोपी, पगड़ी, मुखौटों के साथ मिठाइयां की बिक्री तेज हो गई है।
बाजार में रेडीमेड कपड़ों की बिक्री 10 दिन पहले से ही मौसम व लुक के मुताबिक तेज हो गई थी। मुख्यालय के कारोबारी अभिषेक जायसवाल व अंबे अग्रहरि के मुताबिक इस बार पिछली बार की तरह ही सर्वाधिक रेडीमेड कपड़ों की हुई। लगभग दो करोड़ रुपये की बिक्री शुरुआती सप्ताह तक पूरी हो चुकी था। मौसम आधारित अर्थात गर्मी के मद्देनजर हल्के काटन शर्ट, टीशर्ट, कुर्ता, जींस युवाओं व बच्चों की पसंद रही। बारीक कसीदाकारी वाले सूट सूरत व अहमदाबाद से मंगाई गयी कुर्तियां युवतियों को पसंद आई। महिलाओं ने भी तवज्जो हल्की सिल्क, फ्लोरल व सूती साड़ियां गर्मी को देखते हुए खूब खरीदे। होली त्योहार के कपड़ों की बिक्री आज देर शाम तक बनी रहने वाली है। इसके बाद ईद तक बिक्री का लाभ मिलेगा। इससे करीब 18-20 करोड़ रुपये की बिक्री का अनुमान है।
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किराना बाजार में होली व रमजान दोनों का प्रभाव
होली और रमजान के कारण किराना उत्पादों की बिक्री अधिक हो रही है। रिफाइंड, सरसों तेल, सूखा मेवा, मैदा, सूजी, मसाले सहित अन्य किराना उत्पादों की मांग तेजी आ गई है। मुख्यालय के किराना कारोबारी धीरेंद्र निगम ने बताया कि उनकी छोटी दुकान से अब तक 80 हजार से अधिक बिक्री हो चुकी है। उनके जैसी जनपद में 1000 से अधिक दुकानें संचालित हैं। एक अनुमान के मुताबिक अब तक 1.5 करोड़ रुपये के किराना उत्पादों की बिक्री हो चुकी है। बड़े थोक कारोबारी वीरेंद्र कुमार पारावाले की फर्म से फुटकर दुकानदार सामान ले जाते हैं। उन्होंने बताया कि रमजान के बाद से लगभग एक करोड़ का कारोबार अब तक हो चुका है। रमजान की सहरी, इफ्तारी व होली पर व्यंजनों की परंपरा के कारण बिक्री तेज है। पूरे जनपद में करीब 20 करोड़ रुपये के किराना उत्पादों की बिक्री का अनुमान है।
मावा, पनीर व मिठाइयों का कारोबार खिंचेगा लंबा
जिला मुख्यालय पर मिठाइयों के बड़े कारोबारी योगेश गोकलानी ने बताया कि होली पर बाजार में खोए वाली मिठाइयां कम बिकीं। बेसन, ड्राइफ्रूट, कराची हलवा, लाल मोहन व सोहन हलवा की बिक्री अधिक रही। बेसन, नारियल व बूंदी लड्डू सर्वाधिक बिकने वाली मिठाइयां रहीं। मुख्यालय पर पनीर व मावा की बिक्री के लिए मशहूर कारोबारी जयंत मोदनवाल ने बताया कि इस बार पैकेट बंद मावा सर्वाधिक बिका। जनपद में लगभग 600 से अधिक बेकर्स पनीर व मावा बिक्री करते हैं। इस बार खुले की जगह घरेलू उपयोग के लिए विभिन्न कंपनियों के छोटे-बड़े पनीर व मावा पैकेट सर्वाधिक बिके। खुला मावा की बिक्री सिर्फ उन्होंने ही की जो गुझिया तैयार कर बाजार में बेचते हैं। मिठाइयों की बिक्री होली के दिन तक बनी रहने वाली है। इससे करीब 8 से 10 करोड़ के कारोबार का अनुमान है।
वेज में कटहल व मशरूम तो नॉनवेज में मटन की मांग ज्यादा
होली का त्योहार मनाने के लिए लोग मनपसंद खाना पकाते हैं। ऐसे में शाकाहारी लोगों के बीच कटहल व मशरूम की जबरदस्त मांग देखी जा रही है। जबकि मांसाहारी लोग चिकन और मटन पकाने की तैयारी में हैं। कोतवाली के पास दुकान लगाने वाले सब्जी दुकानदार शंभु मौर्या ने बताया कि होली पर कटहल, मशरूम और सलाद आइटम सर्वाधिक बिकते हैं। शनिवार व रविवार उनके यहां से 40 किलो के लगभग कटहल तो इतनी मात्रा में ही मशरूम की बिक्री हुई। वहीं मटन कारोबारी गुड्डू कुरैशी ने बताया मटन की सर्वाधिक बिक्री बुधवार को होगी। रविवार को भी मटन बिक्री तेज रही और 750 रुपये किलो की दर से बिक्री की गई। बुधवार को सर्वाधिक बिक्री तय है। इससे करीब पांच करोड़ रुपये के कारोबार का अनुमान है।
होली के दिन तक बिकेंगे रंग, गुलाल
इस बार की होली ईको फ्रेंडली होती दिख रही है। हर्बल रंग व गुलाल का क्रेज अधिक है। होली पर रंग खेलने के लिए स्लोगन लिखे टी-शर्ट, राजस्थानी पगड़ी, टोपी, मुखौटा के नए मॉडल खूब बिक रहे हैं। बिक्री होली के दिन तक जारी रहेगी। कोतवाली के सामने रंग, गुलाल, पिचकारी, टोपी इत्यादि की दुकान लगाने वाले सृजन निगम ने बताया कि सिलिंडर और इलेक्ट्रॉनिक गन मंगाई है। बच्चों के लिए कार्टून पिचकारी के साथ ही गदा, हथौड़ा वाली पिचकारी आई है। इनकी कीमत 50 रुपये से लेकर 200 तक है। अब तक सबसे ज्यादा टू एट शॉट वाली पिचकारी लोगों को आकर्षित कर रही है। इसमें से एक बार में सात प्रकार का रंग-बिरंगा गुलाल उड़ता है। राकेट लॉन्चर पिचकारी 500 रुपये में बिक रही है। इस पिचकारी में रंंग भरने के बाद इसे आन करने पर अपने आप रंंग निकलता है। इससे करीब पांच करोड़ रुपये तक की बिक्री का अनुमान है।
महकेगा काशी का गुलाल, बरसेंगे हाथरस के रंग
सक्सेना चौक के आसपास दो से तीन दुकान सजी है। विक्रेता नरेंद्र गुप्ता ने बताया कि इस बार काशी से पैकेट बंद हर्बल महकने वाला गुलाल आया है जिसकी कीमत पांच से 20 रुपये में है। इसी प्रकार हाथरस से इको फ्रेंडली हर्बल रंग 10 रुपये से 50 रुपये पैकेट बिक रहा। रासायनिक रंग इस बार कम हर्बल रंग गुलाल अधिक मांगे जा रहे। उद्योग व्यापार मंडल के सदस्य व बड़े कारोबारी आत्माराम गुप्ता ने बताया कि जनपद में कुल 200 से अधिक अबीर गुलाल की छोटी बड़ी दुकानें हैं। कपड़े और मिठाईयों के साथ करीब सात करोड़ की बिक्री का अनुमान है।
राजस्थान की पगड़ी और स्प्रिंग वाले मुखौटे
पिचकारी, रंग गुलाल के अलावा इस बार विभिन्न तरह की टोपियां व राजस्थान की पगड़ी भी है। कारोबारी सृजन ने बताया कि टोपी 10 रुपये में व पगड़ी 50 में बिक रही है। इसी प्रकार तरह तरह के जानवरों के मुखौटे व स्प्रिंग वाले मल्टकलर रेडियम स्प्रिंग वाले मुखौटे 70 रुपये तक बिक रहे हैं।
होलिका दहन आज
ज्योतिषाचार्य पं. विंध्यवासिनी पांडेय के मुताबिक, सोमवार की रात 11:53 से 12:50 का समय होलिका दहन के लिए उपयुक्त है। मंगलवार चंद्र ग्रहण अपने यहां 6 बजे से 6:48 बजे तक दृश्यमान हो रहा है। लेकिन ग्रहण सूतक सुबह 9 बजे से ही प्रभावी रहेगा, ऐसे में होलिका उड़ाई नहीं जाएगी। ग्रहण का निवृत्त काल शाम पौने सात बजे हो रहा है। ऐसे में रात के कारण रंग भरी होली बुधवार चैत्र कृष्ण प्रतिपदा को जनपद में मनाई जाएगी।
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रंग बाजार में चहल-पहल, ईको फ्रेंडली उत्पादों का क्रेज
महराजगंज। मात्र दो दिन बाद ही होली का त्योहार है। त्योहार करीब आते ही अबीर-गुलाल, कपड़ा, टोपी, पगड़ी, मुखौटा, गुजिया, मिठाइयों से बाजार की रौनक बढ़ा रहे हैं। त्योहार को लेकर जनपद में लगभग 60 करोड़ रुपये के कारोबार का अनुमान है। इसमें कपड़ा, किराना आइटम, सब्जी, चिकन-मटन और रंग-गुलाल के साथ पिचकारियों की भारी बिक्री का अनुमान है।
रंगों का त्योहार मनाने की तैयारी नगर से लेकर ग्रामीण अंचल तक तेज हो गई है। बुधवार को मनाई जाएगी। होली की अधिकतर खरीदारी का काम अधिकतर लोग निपटा चुके हैं। जिन लोगों को अभी भी कुछ खरीदारी करनी है वह आज पूरी कर लेंगे। कारण कि मंगलवार ग्रहण सूतक के कारण लोग खरीद से परहेज करेंगे। होली में नए कपड़े व घर पर तैयार किए जाने वाले व्यंजनों के लिए जरूरी सामग्री की खरीदारी की जा चुकी है। रविवार से ही रंग, पिचकारी, गुलाल, टोपी, पगड़ी, मुखौटों के साथ मिठाइयां की बिक्री तेज हो गई है।
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बाजार में रेडीमेड कपड़ों की बिक्री 10 दिन पहले से ही मौसम व लुक के मुताबिक तेज हो गई थी। मुख्यालय के कारोबारी अभिषेक जायसवाल व अंबे अग्रहरि के मुताबिक इस बार पिछली बार की तरह ही सर्वाधिक रेडीमेड कपड़ों की हुई। लगभग दो करोड़ रुपये की बिक्री शुरुआती सप्ताह तक पूरी हो चुकी था। मौसम आधारित अर्थात गर्मी के मद्देनजर हल्के काटन शर्ट, टीशर्ट, कुर्ता, जींस युवाओं व बच्चों की पसंद रही। बारीक कसीदाकारी वाले सूट सूरत व अहमदाबाद से मंगाई गयी कुर्तियां युवतियों को पसंद आई। महिलाओं ने भी तवज्जो हल्की सिल्क, फ्लोरल व सूती साड़ियां गर्मी को देखते हुए खूब खरीदे। होली त्योहार के कपड़ों की बिक्री आज देर शाम तक बनी रहने वाली है। इसके बाद ईद तक बिक्री का लाभ मिलेगा। इससे करीब 18-20 करोड़ रुपये की बिक्री का अनुमान है।
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किराना बाजार में होली व रमजान दोनों का प्रभाव
होली और रमजान के कारण किराना उत्पादों की बिक्री अधिक हो रही है। रिफाइंड, सरसों तेल, सूखा मेवा, मैदा, सूजी, मसाले सहित अन्य किराना उत्पादों की मांग तेजी आ गई है। मुख्यालय के किराना कारोबारी धीरेंद्र निगम ने बताया कि उनकी छोटी दुकान से अब तक 80 हजार से अधिक बिक्री हो चुकी है। उनके जैसी जनपद में 1000 से अधिक दुकानें संचालित हैं। एक अनुमान के मुताबिक अब तक 1.5 करोड़ रुपये के किराना उत्पादों की बिक्री हो चुकी है। बड़े थोक कारोबारी वीरेंद्र कुमार पारावाले की फर्म से फुटकर दुकानदार सामान ले जाते हैं। उन्होंने बताया कि रमजान के बाद से लगभग एक करोड़ का कारोबार अब तक हो चुका है। रमजान की सहरी, इफ्तारी व होली पर व्यंजनों की परंपरा के कारण बिक्री तेज है। पूरे जनपद में करीब 20 करोड़ रुपये के किराना उत्पादों की बिक्री का अनुमान है।
मावा, पनीर व मिठाइयों का कारोबार खिंचेगा लंबा
जिला मुख्यालय पर मिठाइयों के बड़े कारोबारी योगेश गोकलानी ने बताया कि होली पर बाजार में खोए वाली मिठाइयां कम बिकीं। बेसन, ड्राइफ्रूट, कराची हलवा, लाल मोहन व सोहन हलवा की बिक्री अधिक रही। बेसन, नारियल व बूंदी लड्डू सर्वाधिक बिकने वाली मिठाइयां रहीं। मुख्यालय पर पनीर व मावा की बिक्री के लिए मशहूर कारोबारी जयंत मोदनवाल ने बताया कि इस बार पैकेट बंद मावा सर्वाधिक बिका। जनपद में लगभग 600 से अधिक बेकर्स पनीर व मावा बिक्री करते हैं। इस बार खुले की जगह घरेलू उपयोग के लिए विभिन्न कंपनियों के छोटे-बड़े पनीर व मावा पैकेट सर्वाधिक बिके। खुला मावा की बिक्री सिर्फ उन्होंने ही की जो गुझिया तैयार कर बाजार में बेचते हैं। मिठाइयों की बिक्री होली के दिन तक बनी रहने वाली है। इससे करीब 8 से 10 करोड़ के कारोबार का अनुमान है।
वेज में कटहल व मशरूम तो नॉनवेज में मटन की मांग ज्यादा
होली का त्योहार मनाने के लिए लोग मनपसंद खाना पकाते हैं। ऐसे में शाकाहारी लोगों के बीच कटहल व मशरूम की जबरदस्त मांग देखी जा रही है। जबकि मांसाहारी लोग चिकन और मटन पकाने की तैयारी में हैं। कोतवाली के पास दुकान लगाने वाले सब्जी दुकानदार शंभु मौर्या ने बताया कि होली पर कटहल, मशरूम और सलाद आइटम सर्वाधिक बिकते हैं। शनिवार व रविवार उनके यहां से 40 किलो के लगभग कटहल तो इतनी मात्रा में ही मशरूम की बिक्री हुई। वहीं मटन कारोबारी गुड्डू कुरैशी ने बताया मटन की सर्वाधिक बिक्री बुधवार को होगी। रविवार को भी मटन बिक्री तेज रही और 750 रुपये किलो की दर से बिक्री की गई। बुधवार को सर्वाधिक बिक्री तय है। इससे करीब पांच करोड़ रुपये के कारोबार का अनुमान है।
होली के दिन तक बिकेंगे रंग, गुलाल
इस बार की होली ईको फ्रेंडली होती दिख रही है। हर्बल रंग व गुलाल का क्रेज अधिक है। होली पर रंग खेलने के लिए स्लोगन लिखे टी-शर्ट, राजस्थानी पगड़ी, टोपी, मुखौटा के नए मॉडल खूब बिक रहे हैं। बिक्री होली के दिन तक जारी रहेगी। कोतवाली के सामने रंग, गुलाल, पिचकारी, टोपी इत्यादि की दुकान लगाने वाले सृजन निगम ने बताया कि सिलिंडर और इलेक्ट्रॉनिक गन मंगाई है। बच्चों के लिए कार्टून पिचकारी के साथ ही गदा, हथौड़ा वाली पिचकारी आई है। इनकी कीमत 50 रुपये से लेकर 200 तक है। अब तक सबसे ज्यादा टू एट शॉट वाली पिचकारी लोगों को आकर्षित कर रही है। इसमें से एक बार में सात प्रकार का रंग-बिरंगा गुलाल उड़ता है। राकेट लॉन्चर पिचकारी 500 रुपये में बिक रही है। इस पिचकारी में रंंग भरने के बाद इसे आन करने पर अपने आप रंंग निकलता है। इससे करीब पांच करोड़ रुपये तक की बिक्री का अनुमान है।
महकेगा काशी का गुलाल, बरसेंगे हाथरस के रंग
सक्सेना चौक के आसपास दो से तीन दुकान सजी है। विक्रेता नरेंद्र गुप्ता ने बताया कि इस बार काशी से पैकेट बंद हर्बल महकने वाला गुलाल आया है जिसकी कीमत पांच से 20 रुपये में है। इसी प्रकार हाथरस से इको फ्रेंडली हर्बल रंग 10 रुपये से 50 रुपये पैकेट बिक रहा। रासायनिक रंग इस बार कम हर्बल रंग गुलाल अधिक मांगे जा रहे। उद्योग व्यापार मंडल के सदस्य व बड़े कारोबारी आत्माराम गुप्ता ने बताया कि जनपद में कुल 200 से अधिक अबीर गुलाल की छोटी बड़ी दुकानें हैं। कपड़े और मिठाईयों के साथ करीब सात करोड़ की बिक्री का अनुमान है।
राजस्थान की पगड़ी और स्प्रिंग वाले मुखौटे
पिचकारी, रंग गुलाल के अलावा इस बार विभिन्न तरह की टोपियां व राजस्थान की पगड़ी भी है। कारोबारी सृजन ने बताया कि टोपी 10 रुपये में व पगड़ी 50 में बिक रही है। इसी प्रकार तरह तरह के जानवरों के मुखौटे व स्प्रिंग वाले मल्टकलर रेडियम स्प्रिंग वाले मुखौटे 70 रुपये तक बिक रहे हैं।
होलिका दहन आज
ज्योतिषाचार्य पं. विंध्यवासिनी पांडेय के मुताबिक, सोमवार की रात 11:53 से 12:50 का समय होलिका दहन के लिए उपयुक्त है। मंगलवार चंद्र ग्रहण अपने यहां 6 बजे से 6:48 बजे तक दृश्यमान हो रहा है। लेकिन ग्रहण सूतक सुबह 9 बजे से ही प्रभावी रहेगा, ऐसे में होलिका उड़ाई नहीं जाएगी। ग्रहण का निवृत्त काल शाम पौने सात बजे हो रहा है। ऐसे में रात के कारण रंग भरी होली बुधवार चैत्र कृष्ण प्रतिपदा को जनपद में मनाई जाएगी।