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Maharajganj News: स्वास्थ्य विभाग पीएचसी पर तैनात चिकित्सकों को देगा ईसीजी जांच का प्रशिक्षण
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महराजगंज। ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। अब सीने में दर्द जैसी समस्याओं के लिए ईसीजी जांच कराने जिला अस्पताल में दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। स्वास्थ्य विभाग पीएचसी पर तैनात चिकित्सकों को ईसीजी जांच का प्रशिक्षण देगा। जिले में 40 पीएचसी और एक नगरीय पीएचसी हैं। यहां पहुंचने वाले मरीजों को इलाज में अच्छी सुविधाएं दी जा रही हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में हृदय संबंधी समस्याओं के बढ़ते मामलों को देखते हुए विभाग की ओर से यह कदम उठाया गया है।
अक्सर मरीजों के सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ या अन्य हृ़दय रोग संबंधी लक्षणों की स्थिति में नजदीकी पीएचसी पर प्राथमिक उपचार तो मिल जाता है, लेकिन ईसीजी जांच की सुविधा न होने के कारण मरीजों को जिला अस्पताल या मेडिकल काॅलेज व अन्य बड़े शहरों में जाना पड़ता है। इसके कारण लोगों का समय और धन दोनों की बर्बादी होती है, और साथ ही मरीजों को देरी के कारण जोखिम भी बढ़ जाता है।
इस समस्या को दूर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने पीएचसी पर ईसीजी जांच करने का फैसला लिया है। इसके तहत यहां तैनात डॉक्टरों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। जांच प्रक्रिया और परिणामों को की सही संचालन व्याख्या करने की तकनीक सिखाई जाएगी, फिर उसके बाद मशीनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। बैदा गांव के बालगोविंद गुप्ता का कहना है कि इस व्यवस्था की शुरुआत होने से मरीजों को ईसीजी जांच की सुविधा मिलेगी और इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा, उन्हें पीएचसी पर इस तरह की विशेष सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी।
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अक्सर मरीजों के सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ या अन्य हृ़दय रोग संबंधी लक्षणों की स्थिति में नजदीकी पीएचसी पर प्राथमिक उपचार तो मिल जाता है, लेकिन ईसीजी जांच की सुविधा न होने के कारण मरीजों को जिला अस्पताल या मेडिकल काॅलेज व अन्य बड़े शहरों में जाना पड़ता है। इसके कारण लोगों का समय और धन दोनों की बर्बादी होती है, और साथ ही मरीजों को देरी के कारण जोखिम भी बढ़ जाता है।
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इस समस्या को दूर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने पीएचसी पर ईसीजी जांच करने का फैसला लिया है। इसके तहत यहां तैनात डॉक्टरों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। जांच प्रक्रिया और परिणामों को की सही संचालन व्याख्या करने की तकनीक सिखाई जाएगी, फिर उसके बाद मशीनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। बैदा गांव के बालगोविंद गुप्ता का कहना है कि इस व्यवस्था की शुरुआत होने से मरीजों को ईसीजी जांच की सुविधा मिलेगी और इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा, उन्हें पीएचसी पर इस तरह की विशेष सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी।
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