फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Maharajganj News ›   Guests going from Nepal to Ayodhya welcomed at Sonauli border

Maharajganj News: घोटाले के आरोपी समाज कल्याण अधिकारी को खोज रही औरैया पुलिस

Sat, 20 Jan 2024 07:42 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज Updated Sat, 20 Jan 2024 07:42 PM IST
विज्ञापन
Guests going from Nepal to Ayodhya welcomed at Sonauli border
महराजगंज। शुक्रवार की देर रात औरैया जिले की पुलिस ने महराजगंज में जिला समाज कल्याण अधिकारी शंकर लाल के सरकारी आवास पर छापा डाला। उन पर 66 लाख रुपये गबन का आरोप है। वह वर्ष 2017 से 2020 तक वह औरैया जिले में तैनात थे। कार्रवाई से कार्यालय में भी हड़कंप मच गया है। शनिवार को उनकी कुर्सी खाली रही। कार्यालय के कर्मचारी भी कुछ कहने से इंकार दिए।
विज्ञापन

शुक्रवार देर रात हुई छापामारी को लेकर कार्यालय में उनके करीब रहने वाले कर्मी सहमे हैं। रात में पुलिस उनको खोजती रही, लेकिन पता नहीं चला। कलक्ट्रेट के पास सरकारी आवास में औरैया जिले की पुलिस पहुंची तो कमरे में ताला लटका मिला। सूत्रों की माने तो छापा डालने की भनक उनको पहले ही लग चुकी थी। शनिवार को उनके कार्यालय के आसपास कुछ कर्मी आपस में बातचीत कर रहे थे। औरैया पुलिस गोपनीय ढंग से उनके करीबियों पर नजर रखे हुए है। साथ ही उनका लोकेशन खोज रही है। उनका मोबाइल भी बंद बता रहा है। वैसे वह महराजगंज में तैनाती के दौरान चर्चा में नहीं रहे।
विज्ञापन

पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीणा ने बताया कि स्थानीय पुलिस ने सहयोग किया था। उनका पता नहीं चला। औरैया पुलिस छानबीन कर जा चुकी है। मामले में नजर रखी जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

वृद्धावस्था पेंशन के 558 लाभार्थियों के खाते बदलकर हुआ था घोटाला
जिला समाज कल्याण कार्यालय में वर्ष 2017 से 2021 तक वृद्धावस्था पेंशन के 558 लाभार्थियों के खाते बदलकर 65 लाख 82 हजार 700 रुपये का घोटाला किया गया था। दिसंबर 2021 में जब इस मामले की भनक अधिकारियों को लगी तो अभिलेख खंगाले जाने लगे थे। मामले में तत्कालीन समाज कल्याण अधिकारी शंकर लाल समेत अन्य को दोषी पाया गया था। मामले की जांच चार सदस्यीय टीम ने की। इसमें पाया गया कि लाभार्थियों के खाते बदले गए। जांच में दोषी पाए जाने के बाद दो कर्मियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई थी। वहीं निदेशक समाज कल्याण ने पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की थी। जांच अधिकारी ने विभाग से घोटाले से जुड़े प्रपत्र मांगे थे। इसमें कुछ अभिलेख अधूरे उपलब्ध कराए गए। इसको लेकर जांच अधिकारी ने एक बार फिर से जिला समाज कल्याण अधिकारी को पत्र भेजकर बताया कि उन्हें बिना हस्ताक्षर के अभिलेख उपलब्ध कराए गए थे। इसके साथ ही खातेधारकों की जो सूची उपलब्ध कराई गई है वह भी सत्यापित नहीं है।

अलीगढ़ में तैनाती के दौरान हुए निलंबित
21 जुलाई 2009 को उत्तर प्रदेश सरकार ने अलीगढ़ के तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी शंकर लाल को निलंबित कर दिया गया था। वह अक्सर बिना सूचना के कार्यालय से अनुपस्थित रहते थे। कार्य के प्रति उदासीन थे। उनके द्वारा वृद्धावस्था पेंशन एवं छात्रवृत्ति योजना का कम्प्यूटरीकरण भी नहीं कराया गया था। उस वक्त तत्कालीन जिलाधिकारी अलीगढ़ की संस्तुति पर निलंबित किया गया था। वहीं कासगंज में तैनाती के दौरान भी समाज कल्याण अधिकारी वर्ष 2020 में कार्यालय में अनुपस्थित मिले थे। उस वक्त निरीक्षण में अनुपस्थित पाए गए थे तो तत्कालीन जिलाधिकारी ने कार्रवाई की थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed