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शिक्षा अभियान की खबर
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कांवेंट स्कूल से कमतर नहीं है यह सरकारी विद्यालय
सिसवा बाजार (महराजगंज)। कम्पोजिट परिषद विद्यालय शेषपुर में जहां सुंदर परिसर है वहीं उसमें शिक्षा ग्रहण करने वाले बच्चे किसी कान्वेंट स्कूल से कम के माहौल में नहीं पढ़ रहे हैं। कक्षाओं को रेल के डिब्बे का रूप दिया गया है और दीवारों पर बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए शिक्षा से संबंधित चित्र बने हैं, बागवानी परिसर की शोभा बढ़ा रहा है।
बच्चों को आकर्षित करने के लिए इस विद्यालय में कमरों को ट्रेन के डिब्बों का रूप दिया गया है। चारों तरफ दीवारों पर बाल वाटिका व ऐतिहासिक भवनों के चित्रों को उकेरा गया है, साथ ही परिसर में बागवानी की गई है। कोरोना काल के दौरान स्कूल बंद होने से बच्चों में शिक्षा के प्रति रूची कम हुई थी परन्तु शिक्षकों द्वारा गांव में जागरूकता अभियान चला कर नामंकन को बढ़ाया जा रहा है। इस विद्यालय में प्राइमरी के 198 व जूनियर के 148 बच्चे हैं। विद्यालय में किताबी ज्ञान के साथ संस्कार युक्त शिक्षा व गुणवत्ता पर विशेष बल दिया जाता है। इस विद्यालय में सहायक अध्यापक प्रकाश कुमार, ब्रजभूषण पांडेय, उषा, अर्पिता यादव, जयराम प्रसाद, शिक्षा मित्र संगीता, दिग्विजय व अनुदेशक कृष्ण कुमार सिंह कार्यरत हैं।
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बच्चों में शिक्षा के प्रति रुचि बढ़ाने के लिए होता अनूठा प्रयोग
बच्चों में दिलचस्पी बढ़ाने के लिए प्रभारी प्रधानाध्यापक सत्यवान दुबे द्वारा विशेष प्रयास किया जाता है। कान्वेंट स्कूल की तरह बच्चों में आई कार्ड, टाई, बैज मिलता है। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले बच्चों को प्रमाणपत्र, मेडल व शील्ड दे कर सम्मानित किया जाता है। विद्यालय से कक्षा आठ पास कर विदा हुए छात्रों की ग्रुपिंग फोटो व स्मृति पत्र दिया जाता है।
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महापुरुषों के जीवन पर आधारित पुस्तकें
बच्चों को महापुरुषों के जीवनी से परिचय के लिए विद्यालय की लाइब्रेरी में स्वामी विवेकानंद, राम प्रसाद बिस्मिल, पूर्व राष्ट्रपति व महान वैज्ञानिक एपीजे अब्दुल कालम, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भगतसिंह, सुभाषचंद बोस, पंचतंत्र की कथा, लोक कथा व संविधान की पुस्तकें रखी गई हैं।
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प्रयोगशाला में रखे हैं उपकरण व संरक्षित मृत जीव
विज्ञान के प्रति बच्चों में ज्ञान बढ़ाने के लिए विद्यालय की प्रयोगशाला में सूक्ष्मदर्शी, संरक्षित मृत जीव, प्रिज्म, रासायनिक पदार्थ, यौगिक पदार्थ, परखनली, स्प्रिट लैम्प सहित लगभग सौ से ज्यादा उपकरण व रासायनिक पदार्थ रखे गए हैं।
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फूलों की खुशबू से महकता है विद्यालय परिसर
खुशनुमा माहौल देने के लिये विद्यालय परिसर में सुंदर बागवानी की गई है जिसमें गुलाब, गुड़हल, सदाबहार, रातरानी, चमेली, तुलसी, ऐलोवेरा, पाम, शो प्लांट व अशोक के वृक्ष लगे हैं।
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स्मार्ट क्लास का भी होता है संचालन
विद्यालय में बच्चों को आकर्षित करने के लिये ग्राम प्रधान जितेंद्र चौधरी व प्रधानाध्यापक ने आपसी सहयोग से स्मार्ट क्लास संचालित करने के लिए प्रोजेक्टर टीवी डीटीएच का भी प्रबंध किया है।
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विद्यालय में शैक्षिक व संस्कारयुक्त वातावरण देने के लिए साथी शिक्षकों व अभिभावकों का भरपुर सहयोग मिलता है। नामांकन बढ़ाने के लिए विद्यालय में नियुक्त सभी शिक्षकों के साथ गांव में अभिभावकों से संपर्क किया जाता है।
सत्यवान दुबे, प्रभारी प्रधानाध्यापक
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सिसवा बाजार (महराजगंज)। कम्पोजिट परिषद विद्यालय शेषपुर में जहां सुंदर परिसर है वहीं उसमें शिक्षा ग्रहण करने वाले बच्चे किसी कान्वेंट स्कूल से कम के माहौल में नहीं पढ़ रहे हैं। कक्षाओं को रेल के डिब्बे का रूप दिया गया है और दीवारों पर बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए शिक्षा से संबंधित चित्र बने हैं, बागवानी परिसर की शोभा बढ़ा रहा है।
बच्चों को आकर्षित करने के लिए इस विद्यालय में कमरों को ट्रेन के डिब्बों का रूप दिया गया है। चारों तरफ दीवारों पर बाल वाटिका व ऐतिहासिक भवनों के चित्रों को उकेरा गया है, साथ ही परिसर में बागवानी की गई है। कोरोना काल के दौरान स्कूल बंद होने से बच्चों में शिक्षा के प्रति रूची कम हुई थी परन्तु शिक्षकों द्वारा गांव में जागरूकता अभियान चला कर नामंकन को बढ़ाया जा रहा है। इस विद्यालय में प्राइमरी के 198 व जूनियर के 148 बच्चे हैं। विद्यालय में किताबी ज्ञान के साथ संस्कार युक्त शिक्षा व गुणवत्ता पर विशेष बल दिया जाता है। इस विद्यालय में सहायक अध्यापक प्रकाश कुमार, ब्रजभूषण पांडेय, उषा, अर्पिता यादव, जयराम प्रसाद, शिक्षा मित्र संगीता, दिग्विजय व अनुदेशक कृष्ण कुमार सिंह कार्यरत हैं।
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बच्चों में शिक्षा के प्रति रुचि बढ़ाने के लिए होता अनूठा प्रयोग
बच्चों में दिलचस्पी बढ़ाने के लिए प्रभारी प्रधानाध्यापक सत्यवान दुबे द्वारा विशेष प्रयास किया जाता है। कान्वेंट स्कूल की तरह बच्चों में आई कार्ड, टाई, बैज मिलता है। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले बच्चों को प्रमाणपत्र, मेडल व शील्ड दे कर सम्मानित किया जाता है। विद्यालय से कक्षा आठ पास कर विदा हुए छात्रों की ग्रुपिंग फोटो व स्मृति पत्र दिया जाता है।
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महापुरुषों के जीवन पर आधारित पुस्तकें
बच्चों को महापुरुषों के जीवनी से परिचय के लिए विद्यालय की लाइब्रेरी में स्वामी विवेकानंद, राम प्रसाद बिस्मिल, पूर्व राष्ट्रपति व महान वैज्ञानिक एपीजे अब्दुल कालम, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भगतसिंह, सुभाषचंद बोस, पंचतंत्र की कथा, लोक कथा व संविधान की पुस्तकें रखी गई हैं।
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प्रयोगशाला में रखे हैं उपकरण व संरक्षित मृत जीव
विज्ञान के प्रति बच्चों में ज्ञान बढ़ाने के लिए विद्यालय की प्रयोगशाला में सूक्ष्मदर्शी, संरक्षित मृत जीव, प्रिज्म, रासायनिक पदार्थ, यौगिक पदार्थ, परखनली, स्प्रिट लैम्प सहित लगभग सौ से ज्यादा उपकरण व रासायनिक पदार्थ रखे गए हैं।
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फूलों की खुशबू से महकता है विद्यालय परिसर
खुशनुमा माहौल देने के लिये विद्यालय परिसर में सुंदर बागवानी की गई है जिसमें गुलाब, गुड़हल, सदाबहार, रातरानी, चमेली, तुलसी, ऐलोवेरा, पाम, शो प्लांट व अशोक के वृक्ष लगे हैं।
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स्मार्ट क्लास का भी होता है संचालन
विद्यालय में बच्चों को आकर्षित करने के लिये ग्राम प्रधान जितेंद्र चौधरी व प्रधानाध्यापक ने आपसी सहयोग से स्मार्ट क्लास संचालित करने के लिए प्रोजेक्टर टीवी डीटीएच का भी प्रबंध किया है।
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विद्यालय में शैक्षिक व संस्कारयुक्त वातावरण देने के लिए साथी शिक्षकों व अभिभावकों का भरपुर सहयोग मिलता है। नामांकन बढ़ाने के लिए विद्यालय में नियुक्त सभी शिक्षकों के साथ गांव में अभिभावकों से संपर्क किया जाता है।
सत्यवान दुबे, प्रभारी प्रधानाध्यापक