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22 साल बाद मिला न्याय:कमलिया
महराजगंज/ ब्यूरो
Updated Tue, 24 May 2016 01:06 AM IST
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अमरमिण से कपब्जा हटाया
- फोटो : अमर उजाला
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नौतनवा, सोमवार को कार्यालय खाली कराने के दौरान उसके मालिक पटना निवासी महावीर प्रसाद कमलिया मौके पर पहुंचे।
हालांकि वह कार्यालय के अंदर नहीं गए। कब्जे की कार्रवाई के बाद उन्होंने कहा कि 1992 में अमरमणि ने अवैध तरीके से अलाटमेंट कराकर कब्जा कर लिया था। 22 साल तक मुकदमा लड़ने के बाद अब जाकर मुझे न्याय मिला है। कब्जे की कार्रवाई से काफी खुशी मिली है। न्यायालय के प्रति आभारी हूं।
कमलिया ने 2006 में दायर हाईकोर्ट के रेन्ट कन्ट्रोल एन्ड इविक्सन के मुकदमे में जनवरी 2014 में हाईकोर्ट ने अमरमणि त्रिपाठी के नौतनवा कार्यालय को जिलापूर्ति अधिकारी को कब्जे में लेने का आदेश दिया था जिसके बाद प्रशासन ने खाली कराने के लिए उनके नौतनवा कार्यालय पर कई बार नोटिस लेकर गई। लेकिन कार्यालय खाली नहीं किया गया।
कोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए 14 अगस्त 2014 को जिलापूर्ति अधिकारी और अमरमणि पर 25-25 हजार का जुर्माना भी लगाया था और जल्द से जल्द कार्यालय खाली कराने का आदेश दिया था। इसके बाद 19 सितंबर 2014 को पुलिस प्रशासन के सहयोग से जिलापूर्ति अधिकारी ने कार्यालय को सील कर दिया था। इसके बाद से मकान के मालिक को इसको लेकर कार्रवाई की उम्मीद जग गई थी।
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हालांकि वह कार्यालय के अंदर नहीं गए। कब्जे की कार्रवाई के बाद उन्होंने कहा कि 1992 में अमरमणि ने अवैध तरीके से अलाटमेंट कराकर कब्जा कर लिया था। 22 साल तक मुकदमा लड़ने के बाद अब जाकर मुझे न्याय मिला है। कब्जे की कार्रवाई से काफी खुशी मिली है। न्यायालय के प्रति आभारी हूं।
कमलिया ने 2006 में दायर हाईकोर्ट के रेन्ट कन्ट्रोल एन्ड इविक्सन के मुकदमे में जनवरी 2014 में हाईकोर्ट ने अमरमणि त्रिपाठी के नौतनवा कार्यालय को जिलापूर्ति अधिकारी को कब्जे में लेने का आदेश दिया था जिसके बाद प्रशासन ने खाली कराने के लिए उनके नौतनवा कार्यालय पर कई बार नोटिस लेकर गई। लेकिन कार्यालय खाली नहीं किया गया।
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कोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए 14 अगस्त 2014 को जिलापूर्ति अधिकारी और अमरमणि पर 25-25 हजार का जुर्माना भी लगाया था और जल्द से जल्द कार्यालय खाली कराने का आदेश दिया था। इसके बाद 19 सितंबर 2014 को पुलिस प्रशासन के सहयोग से जिलापूर्ति अधिकारी ने कार्यालय को सील कर दिया था। इसके बाद से मकान के मालिक को इसको लेकर कार्रवाई की उम्मीद जग गई थी।
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