फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Maharajganj News ›   Garlic was going to Gorakhpur in pickup from illegal warehouses

Maharajganj News: अवैध गोदामों से पिकअप में गोरखपुर जा रहा था लहसुन

Tue, 17 Dec 2024 12:38 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज Updated Tue, 17 Dec 2024 12:38 AM IST
विज्ञापन
Garlic was going to Gorakhpur in pickup from illegal warehouses
महराजगंज। सीमावर्ती क्षेत्र में अवैध गोदामों से तस्करी का खेल काफी पुराना है। धंधेबाजों ने ऐसे क्षेत्रों में गोदाम बना रखे हैं जहां किसी की नजर नहीं पड़ती है। इसका फायदा उठाते हुए तस्कर सीमावर्ती क्षेत्र से पिकअप पर लहसुन लादकर आगे बढ़ गया और किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी।
विज्ञापन

बॉर्डर पर बरामदगी के दौरान ही धंधेबाजों के कारनामों की जानकारी होती है। इसमें भी केवल कैरियरों तक ही जिम्मेदार पहुंच पाते हैं। मुख्य सरगना हर बार पकड़ से दूर होते हैं। बड़ी मंडियों से सरगना अपना काम करते रहते हैं। पकड़ में आने के बाद किनारा कस लेते हैं।
विज्ञापन

सूत्रों की माने तो सीमावर्ती गांव में तस्करों ने अवैध गोदाम बना रखे हैं, जहां नेपाल से साइकिल और बाइक से लाकर डंप करते हैं। वहां से बड़े वाहनों पर लोडकर गोरखपुर और कानपुर मंडी भेज दिया जाता है। मंडी में पहुंचने पर चीन के लहसुन की पहचान संभव नहीं हो पाती है, जिसके कारण यह आसानी से खप जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

चीनी लहसुन की तस्करी से जहां धंधेबाज मोटा रकम कमा रहे हैं। वहीं भारतीय लहसुन का भाव चढ़ने की वजह से आम लोगों की जेब ढीली हो रही है। भारतीय लहसुन का भाव 320 रुपये हो गया है, जबकि चाइनीज लहसुन सीमावर्ती बाजार में 260 रुपये किलो में आसानी से उपलब्ध है। बीते दिनों हुई लहसुन की बरामदगी यह भी बयां कर रही है। चीनी लहसुन की तस्करी तेजी से हो रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed